अमेरिकी सिनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी है सबसे बड़ी धमकी. ईरानी अखबार के माध्यम से कहा गया है कि ट्रंप अचानक मौत के लिए तैयार रहें.
दरअसल लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद ईरान खुशी मना रहा है, क्योंकि ईरान ग्राहम को अपना दुश्मन मानता था. तेहरान में लिंडसे के खिलाफ पोस्टर लहराए गए थे. लिंडसे ग्राहम ने ईरान पर हमले की पैरवी की थी और शांति वार्ता का विरोध किया था. लिंडसे ग्राहम ने ईरान पर परमाणु हमला करना और कट्टरपंथी सरकार के खात्मे जैसी बातें कहीं थीं.
यूक्रेन की ड्रोन फैसिलिटी के दौरे से अमेरिका लौटे ट्रंप के करीबी सीनेटर की मौत हो चुकी है, तो ईरान के हौसले बुलंद है. ईरान ने कहा है कि मौत के सौदागर की मौत. और ईरान ने अपने सरकारी अखबार के जरिए ट्रंप को डायरेक्ट मौत की धमकी दे डाली है.
ईरान ने छापी ट्रंप की विवादास्पद तस्वीर
ईरान के अखबार में डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर छापी गई है. तस्वीर में ट्रंप, लिंडसे ग्राहम की फोटो के सामने घुटनों के बल बैठे दिखाए गए हैं. ट्रंप के साथ अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका-इजरायल के कई बड़े नेता और सैन्य अधिकारी की तस्वीरें भी हैं. इस तस्वीर के ऊपर बड़ा-बड़ा कैप्शन लिखा गया है, जिसका हिंदी अर्थ होता है, “अचानक मौत के लिए तैयार रहो.”
सिर्फ इतना ही नहीं जब लिंडसे ग्राहम की मौत की खबर सामने आई तो ईरानी न्यूज एंकर ने भी अपने बुलेटिन में खुशी जाहिर की थी. एक न्यूजरीडर ने ग्राहम की मौत में तेहरान की भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा: “मैं ईरानी राष्ट्र को बधाई देता हूं कि युद्ध भड़काने वाले और ईरान-विरोधी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को नरक भेज दिया गया है.”
हर हाल में दुश्मनों को कब्र में पहुंचाया जाएगा: मोजतबा खामेनेई
इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक लिखित संदेश में ट्रंप-नेतन्याहू को धमकाया था. मोजतबा भले ही दुनिया के लिए सस्पेंस बने हों, उनके लिखित संदेश में कहा गया है, “हम आपके पाक खून (अयातुल्ला खामेनेई) और इन दोनों युद्धों के सभी शहीदों के खून का बदला इन अपराधी और बदनाम हत्यारों से लेने का संकल्प लेते हैं. यह बदला हमारे राष्ट्र की इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा.”
“इन अपराधियों की पूरी सूची हमारे पास है. ये बिस्तर में शांति से मरने की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में लेकर जाएंगे. उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यह मुझ पर या दूसरे अधिकारियों पर निर्भर नहीं करता.”
“हम रहें या न रहें, यह हर हाल में पूरा किया जाएगा और बहुत जल्द दुनिया के आजाद लोग इस ईश्वरीय मिशन का अपना-अपना हिस्सा पूरा करेंगे.”
ट्रंप को हत्या का डर, मोसाद ने चेताया
ट्रंप की पहले भी हत्या की कोशिशें हो चुकी हैं. पिछले साल एक पाकिस्तानी शख्स को गिरफ्तार किया गया था, जिसे ईरान ने ट्रंप की हत्या के लिए तैयार किया था. हाल ही में जब ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तुर्किए की राजधानी अंकारा पहुंचे थे, तो लौटते हुए उन्होंने दो बार अपना विमान बदला.
विमान बदलने के पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद की एक जानकारी थी, जिसमें कहा गया था कि ईरान, ट्रंप की हत्या की साजिश में जुटा है. इस जानकारी के बाद ट्रंप ने अंकारा से वापस आने के लिए अपने एयरफोर्स वन विमान पर भरोसा किया था.
इसके अलावा खुद ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने ये आदेश दे दिया है कि अगर उनकी हत्या हो जाती है तो ईरान पर 1000 मिसाइलें दाग दी जाएं. यानि ट्रंप को ये डर है कि ईरान उन्हें निशाना बना सकता है.
और अब जब ट्रंप के करीबी सीनेटर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है तो अमेरिकी एजेंसियां और सतर्क हैं.
ईरान के साथ-साथ रूस के भी विरोधी थे लिंडसे
लिंडसे ने रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद को सही ठहराया था. इसके अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोध में सुर बुलंद किए थे. मौत से ठीक एक दिन पहले लिंडसे ग्राहम ने यूक्रेन का दौरा किया था और अपने हाथ में ड्रोन लिए तस्वीर शेयर की थी. इस तस्वीर को सांकेतिक तौर पर रूस को चेतावनी देने वाला बताया गया क्योंकि हाल ही में यूक्रेन ने ड्रोन हमलों के जरिए रूसी रिफाइनरी पर हमला किया था.
28 फरवरी को ईरान पर हमले से पहले लिंडसे ग्राहम ने इजरायल का दौरा किया था. खुफिया एजेंसी मोसाद और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी.

