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यूक्रेन के 18 हजार सैनिक हलाक, आंकड़ों ने खोली ज़ेलेंस्की की पोल

रूस के साथ पिछले साढ़े चार साल से युद्ध में जूझ रहे यूक्रेन के लिए हर मोर्चे पर निराशा हाथ लग रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के रक्षा मंत्री को पद से हटाए जाने को लेकर राजधानी कीव सहित कई शहरों में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन जारी हैं, रूसी मिसाइल चौतरफा तबाही मचा रही है. इन सबके बीच युद्ध में मारे गए यूक्रेनी सैनिकों की संख्या के बारे में जो आंकड़ा सामने आया है, उससे साफ है कि कीव के लिए युद्ध में बने रहना खासा मुश्किल हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में यानी जनवरी 2025 से जून 2026 तक रूस ने यूक्रेन के 18 हजार से ज्यादा (18,503) सैनिकों के शव वापस लौटाए हैं. इन बॉडी-बैग्स को समय-समय पर वापस लौटाया गया है. इस दरमियान, रूस और यूक्रेन के बीच जंग के मैदान में मारे गए सैनिकों के शवों की 14 बार अदला-बदली की गई. ताजा अदला-बदली इसी हफ्ते 16 जुलाई को की गई. इस अदला-बदली में रूस ने यूक्रेन के 501 सैनिकों के शवों को वापस यूक्रेनी सेना को लौटाया है. यूक्रेन ने 31 रूसी सैनिकों के पार्थिव-शरीर को वापस रूसी सेना को किया है. पिछले साल यानी जून 2025 में रूस ने यूक्रेन के सबसे ज्यादा 1245 सैनिकों के शवों को लौटाया था. उस दौरान, यूक्रेन ने रूस के 78 सैनिकों के शव वापस किए थे.

यूक्रेन के मारे गए सैनिकों की संख्या 30 गुना ज्यादा

पिछले डेढ़ वर्ष के आंकड़ों से साफ है कि रूस और यूक्रेन के बीच मारे गए सैनिकों के अनुपात में भारी अंतर है. इस अवधि में यूक्रेन ने रूस के कुल 569 सैनिकों के शव वापस लौटाए हैं. यूक्रेन के अगर 18 हजार शवों की वापसी हुई है तो ये संख्या, रूस से 30 गुना ज्यादा हैं. यूक्रेन के मारे गए सैनिकों की संख्या रूस से 30 गुना से भी ज्यादा है. 

युद्ध शुरु होने के कुछ महीनों के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एक बार युद्ध में मारे गए सैनिकों के आंकड़े के बारे में सवाल किया गया था. पुतिन ने सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया था. लेकिन इतना जरूर कहा था कि रूस और यूक्रेन के मारे गए सैनिकों का अनुपात 1:10 है. यूक्रेन के दस गुना ज्यादा सैनिक जंग के मैदान में मारे गए हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी एक बार मारे गए सैनिकों का आंकड़ा पूछा गया था. जेलेंस्की ने भी गोलमाल जवाब दिया था. रूस और यूक्रेन, दोनों देशों ने कभी भी अपने मारे गए सैनिकों का आंकड़ा कभी भी सार्वजनिक नहीं किया है. दोनों देश, एक दूसरे के मारे गए सैनिकों का आंकड़ा जरूर (बढ़ा-चढ़ाकर) पेश करते हैं.

यूक्रेनी ने रूसी सेना को हुए नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर किया पेश

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय, युद्ध शुरु होने के बाद से रोजाना रूस के हताहत हुए सैनिकों और मिलिट्री हार्डवेयर को हुए नुकसान का आंकड़ा जारी करता है. यूक्रेन के मुताबिक, अभी तक रूस के 14 लाख से ज्यादा (14,28,930) सैनिक युद्ध की भेंट चढ़ चुके हैं. ये बात सही है कि रूस को यूक्रेन के साथ जंग में नुकसान हुआ है लेकिन अमेरिका और दूसरे नाटो देश भी जानते हैं कि यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय का ये आंकड़ा कतई सही नहीं है. ये भी यूक्रेन ने साफ नहीं किया है कि ये आंकड़ा कैसे जुटाया गया है.  

यूएई और बेलारूस जैसे देश कर रहे मध्स्थता

फरवरी 2022 से रूस और यूक्रेन के बीच भीषण जंग जारी है. रूस ने यूक्रेन के डोनबास प्रांत के करीब 90 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है और अभी भी धीरे-धीरे कर यूक्रेन का बॉर्डर खिसकाने में जुटा है. ग्राउंड अटैक होने के चलते, दोनों देशों की सेनाओं में आमने-सामने की लड़ाई भी हो रही है. ऐसे में दोनों तरफ के सैनिकों की जान जा रही है.

 
यूएई और बेलारूस, जैसे देशों की मधस्थता से रूस और यूक्रेन, रणभूमि में मारे गए सैनिकों के शवों की अदला-बदली करती आई है. सरेंडर करने या फिर युद्धबंदियों की अदला-बदली भी इस दौरान देखने को मिलती है. लेकिन सबसे ज्यादा चौंकान्ने वाला आंकड़ा मारे गए सैनिकों का है, जिसमें यूक्रेन को बड़ा नुकसान दिखाई पड़ रहा है.

यूक्रेन में सैनिकों की कमी, जबरदस्ती की जा रही भर्ती

सैनिकों की हो रही भारी क्षति का नतीजा है कि यूक्रेन ने 18 वर्ष से अधिक और 55 वर्ष तक के पुरूषों के लिए सेना में नौकरी को अनिवार्य कर दिया है. यूक्रेनी सेना में सैनिकों की इतनी कमी हो गई है कि पुरूष नागरिकों को कीव और दूसरे शहरों की सड़कों से पकड़-पकड़कर यूक्रेनी आर्मी में भर्ती के लिए ले जाया जा रहा है. यूक्रेनी सैनिकों द्वारा स्ट्रीट से उठाकर गाड़ी में जबरदस्ती पकड़कर ले जाते पुरूष नागरिकों के वीडियो सामने आए हैं. यूक्रेनी सेना और सरकारी की इस ज्यादती का खुद यूक्रेन के नागरिक भी विरोध कर रहे हैं.

रक्षा मंत्री को हटाने से जेलेंस्की के खिलाफ विद्रोह

सैनिकों की हो रही क्षति के बीच, यूक्रेन में राजनीतिक तूफान आ गया है. जेलेंस्की ने कैबिनेट फेरबदल करते हुए रक्षा मंत्री माइखाएलो फेदोरोव को पद से हटा दिया है. फेदोरोव के इस्तीफे को लेकर पूर्व-सैनिक और आम नागरिक कीव और दूसरे शहरों की सड़कों पर उतर गए हैं. यूक्रेन में पहली बार जेलेंस्की के फैसले का विरोध किया जा रहा है. यहां तक की कभी जेलेंस्की के करीबी रहे अधिकारी भी यूक्रेन की राजनीति और रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. 

उधर, यूक्रेन के ड्रोन स्ट्राइक का बदला लेने के लिए रूस की मिसाइल, कीव और दूसरे शहरों में कहर बरपा रही हैं. इन हमलों में कीव के सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर मैट्रो तक जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है. आम लोग भी हताहत हो रहे हैं. ऐसे में यूक्रेन के लोग, जेलेंस्की से जंग खत्म करने का आह्वान कर रहे हैं. लेकिन जेलेंस्की ने पुतिन के सामने झुकने से साफ इंकार कर दिया है. इसके बजाए, जेलेंस्की ने अमेरिका और दूसरे नाटो देशों से एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग की है. 

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