प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में वाराणसी का आसमान भारतीय वायु सेना के घातक लड़ाकू विमानों से गूंज उठा. वाराणसी में नमो घाट पर आयोजित एयरफोर्स का विंग्स ओवर गंगा बेहद सफल रहा. अपने एयर शो के जरिए वायुसेना ने हिंदुस्तान की ताकत को प्रदर्शित किया, और दुनिया को दिखा दिया कि कैसे आधुनिक युद्ध में भी अपनी तकनीक और क्षमता से हिंदुस्तान लैस है.
वाराणसी में रफाल, सुखोई, जगुआर समेत हेलीकॉप्टर, चिनूक और ट्रांसपोर्ट विमानों के जरिए भारतीय वायुसेना ने अपना कौशल प्रदर्शित किया. एयरशो को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग घाट पर उमड़ पड़े. प्रधानमंत्री मोदी के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वायुसेना की ताकत की सराहना की.
नमो घाट पर सुखोई, रफाल ने भरी दहाड़
भारतीय वायुसेना लगातार अपनी हवाई शक्ति मजबूत कर रही है. ‘विंग्स ओवर गंगा’ के जरिए भारतीय वायु सेना हर भारतीय को ये आश्वासन देने की कोशिश की कि वायुसेना के शूरवीर हैं, तो देश पर आंख उठाने वाले दुश्मनों को चीर कर रख देंगे.
अलग-अलग फॉर्मेशन में लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी. आधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआइ के तीन विमानों ने नमो घाट के ऊपर उड़ान भरी और तीन ओर से तेज गति से पार कर गए. ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 सहित छह प्रकार के लड़ाकू विमानों को एरोहेड यानी तीर की नोक जैसी आकृति में उड़ान भरी तो हर कोई दंग रह गया.
नीलकंठ फॉर्मेशन में तीन राफेल लड़ाकू विमानों की दहाड़ से आसमान गूंज उठा. फ्रांस में निर्मित रफाल भारतीय वायुसेना का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रफाल ने ही पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन लश्कर और जैश के हेडक्वार्टर तबाह किए थे.
पशुपति फॉर्मेशन में चार जगुआर विमानों ने उड़ान भरी, तो नटराज’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना का एक पी-8आई समुद्री निगरानी विमान दो मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरी. पी-8आई समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मिराज-2000 बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है. इस फॉर्मेशन में नेवी ने भी अपनी ताकत को प्रदर्शित किया.
भैरव फॉर्मेशन में एक सी-295 और दो डोर्नियर विमानों के विक्ट्री फॉर्मेशन में मुख्य मंच के सामने से गुजरे और दिखा दिया कि हमेशा भारत विजयी रहेगा. (https://thefinalassault.com/iaf-to-organise-wings-over-ganga-at-namo-ghat-of-varanasi/)
चिनूक ने किया मां गंगा को नमन
बोइंग के भारी हेलीकाप्टर चिनूक ने गंगा की लहरों के करीब पहुंचकर मां गंगा को नमन किया और देशवासियों को 94वें एयरफोर्स डे की बधाई दी. भागीरथी फॉर्मेशन में दो स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर यानी एलसीएच और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर्स ने बेहद करीब से फ्लाई किया.
इसके अलावा तीन चेतक हेलीकाप्टरों से तिरंगा लहराया तो आसमान में गर्जना के बीच सुखोई 30 एमकेआई भी आसमान में नजर आया. एयरशो देख रहे दर्शकों ने तिरंगा देखकर भारत माता की जय के नारे लगाए और पूरी इलाका तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
इस बड़े हवाई प्रदर्शन के लिए देश के 12 एयरबेस से करीब 100 विमानों की भागीदारी निर्धारित की गई थी. इस अभियान में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच सटीक तालमेल भी देखने को मिला.
आज के भव्य एयर शो का समापन भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के शानदार हवाई करतबों के साथ हुआ. सूर्य किरण टीम ने अपने सटीक फॉर्मेशन और एरोबैटिक प्रदर्शन रोमांच से भर देने वाला रहा.
गंगा के तट पर यह आयोजन भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों, आधुनिक हथियारों, पायलटों के कौशल और तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त तालमेल को एक साथ प्रस्तुत करने वाला खास प्रदर्शन रहा.


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