पिछले पांच साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में वो हुआ है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वश में नहीं है. अमेरिका की फर्स्ट लेडी (ट्रंप की पत्नी) मेलानिया ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच अस्थाई युद्धविराम करा दिया है. ये युद्धविराम, दक्षिणी यूक्रेन के खेरसोन प्रांत के ओलशकी शहर के लिए मान्य होगा और 29 अक्टूबर से लागू किया जाएगा.
24 फरवरी 2022 से शुरु हुए रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार किसी शहर में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सीजफायर लागू किया गया है. अभी तक क्रिसमस या फिर किसी विशेष परिस्थिति में रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर हमले नहीं किए थे, लेकिन इस तरह सीजफायर कभी लागू नहीं किया गया है.
ओलशकी शहर में फंसे स्थानीय लोगों को राहत-सामग्री पहुंचाने और वहां से सुरक्षित निकालने के लिए ये युद्धविराम किया जाएगा, इसका पूरा श्रेय, ट्रंप की पत्नी मेलानिया को दिया जा रहा है.
खेरसोन के नीपर नदी के किनारे बसे शहर में बचे हैं बच्चे और बुजुर्ग
ओलशकी उन यूक्रेनी शहरों में शुमार है जो युद्ध की विभीषिका सबसे ज्यादा झेल चुका है. करीब 20 हजार की आबादी वाले इस शहर में महज 2000 लोग बचे हैं. इनमें से अधिकतर वे बुर्जुग और बच्चें है जो मजबूरीवश शहर नहीं छोड़ पाए हैं. नीपर नदी के किनारे बसा ये शहर चारों तरफ बारुदी सुरंग से घिरा है. शहर की सड़कों से लेकर नदी पर बने पुल तक रूस और यूक्रेन की सेनाओं ने तबाह कर दिए हैं, जिसके कारण राहत सामग्री पहुंचाना बेहद मुश्किल है.
वर्ष 2023 में नीवर नदी पर बने एक डैम को बम से उड़ा दिया गया था. उस दौरान, ओशलकी शहर भी डैम टूटने से आई बाढ़ की चपेट में आ गया था. ऐसे में ओलशकी के लोगों ने शहर छोड़ दिया था. लेकिन बुर्जग और बच्चे यहीं रह गए थे.
यूएनजीए में हुए सम्मेलन से फर्स्ट लेडी को मिली थी जानकारी
हाल में मेलानिया ने यूएन महासभा (यूएनजीए) में जंग की मार झेल रहे बच्चों को लेकर एक खास सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसमें करीब 60 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. इस महासभा के दौरान, मेलानिया को ओलशकी शहर में फंसे लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी. इस सम्मेलन में बताया गया था कि जंग के कारण ओलशकी शहर में फंसे लोगों तक खाना पीना नहीं पहुंच रहा है और भूखों मरने के कगार पर हैं.
यूएनजीए सम्मेलन के बाद मेलानिया ने खुद अपने स्तर पर रूस और यूक्रेन की सरकारों से वार्ता कर ओलशकी में युद्धविराम लागू करने के लिए तैयार किया. 29 अक्टूबर से शहर में पहले राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी और फिर फंसे हुए लोगों को रूस और यूक्रेन के प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षित निकाला जाएगा. खुद व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफिस) ने ओलशकी में युद्धविराम लागू किए जाने की आधिकारिक जानकारी के बयान के जरिए दुनिया को दी है.
मेलानिया के ओपन लैटर से प्रभावित पुतिन
ओलशकी में युद्धविराम की पहले, मेलानिया की कोई पहली पहल नहीं है. इससे पहले, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप से वार्ता के लिए अलास्का का दौरा किया था, तब मेलानिया ने पुतिन के लिए एक ओपन लेटर लिखा था. पत्र के जरिए , मेलानिया ने जंग में फंसे बच्चों को हानि ना पहुंचाने की गुहार लगाई थी. माना जाता है कि मेलानिया के इस लेटर से पुतिन काफी प्रभावित हुए थे.


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