Alert Breaking News Conflict Geopolitics Indian-Subcontinent

बंगबंधु का किरदार निभाने वाले एक्टर की हत्या, कट्टरपंथियों के निशाने पर बांग्लादेशी कलाकार

बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार की कमान संभालने के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं, कलाकारों और शेख हसीना से जुड़े लोगों को चुन-चुनकर टारगेट किया जा रहा है. उनकी संपत्तियां जलाई जा रही हैं. हालात ये बन गए हैं कि लोग अपनी पुश्तैनी संपत्ति छोड़कर जान बचाकर भाग रहे हैं. 

बांग्लादेश में मंगलवार को अवामी लीग और इसकी सहयोगी पार्टियों से जुड़े कम से कम 29 नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक इंडोनेशियाई नागरिक है. मरने वालों में अवामी लीग के 20 नेता शामिल हैं. अधिकतर लोगों की मौत जैसोर में अवामी लीग के नेता के एक होटल में आग लगाए जाने के बाद हुई है. इसके अलावा बंगबंधु फिल्म में मुजीबुर्ररहमान का किरदार निभाने वाले एक्टर और उसके प्रोड्यूसर पिता की भी टारगेट किलिंग की गई है. 

मुजीब का रोल निभाने वाले एक्टर और प्रोड्यूसर की हत्या
अभिनेता शान्तो खान और उनके पिता की भीड़ ने पीट पीटकर की हत्या कर दी. शांतो ने एक फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता और बंगबंधु (बांग्लादेश के राष्ट्रपिता तुल्य) शेख मुजीबुर्रहमान की भूमिका निभाई थी. फिल्म को शांतो के पिता सलीम खान ने बनाया था. दोनों की हत्या को टारगेट किलिंग के तौर पर देखा जा रहा है. 

बताया जा रहा है हत्या से पहले भी सोमवार को उपद्रवियों ने शांतो खान और उनके पिता सलीम को फरक्काबाद के बाजार में घेर लिया था. उस वक्त अपने हथियारों से फायरिंग करके पिता-पुत्र ने अपनी जान बचा ली थी. लेकिन बाद में एक बार फिर से भीड़ ने अटैक करके शांतो और उनके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी. शांतो खान शेख हसीना पार्टी से जुड़े हुए थे. अभिनेता शान्तो खान के पिता सलीम खान चांदपुर सदर उपजिला के लक्ष्मीपुर मॉडल यूनियन परिषद के अध्यक्ष भी थे.

जिस घर का फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किया था दौरा, उसे लगाई आग
हिंसक भीड़ ने मंगलवार को बांग्लादेश के मशहूर लोक गायक राहुल आनंद के घर में आग लगा दी. लूटपाट की. भीड़ ने हिंदू गायक राहुल आनंद के 140 साल पुराने घर पर हमला बोल दिया. जमकर लूटपाट के बाद पुश्तैनी और ऐतिहासिक घर को आग के हवाले कर दिया. घर में आग लगने से तीन हजार से ज्यादा वाद्ययंत्र जलकर खाक हुए. बताया जा रहा है कि भीड़ के घर में घुसने से पहले राहुल अपने पत्नी और बेटे के साथ सुरक्षित जगह पर निकल गए थे. गायक और उनके परिवार की जान बच गई. पर घर खाक हो गया है.

लोकप्रिय लोक बैंड ‘जोलेर गान’ के प्रमुख राहुल आनंद के घर पर हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती थी. साल 2023 में जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ढाका दौरे पर थे तब वे भी राहुल आनंद के 140 साल पुराने ऐतिहासिक घर पहुंचे थे.

बांग्लादेश में जान बचाकर भाग रहे हैं पूर्व मंत्री और नेता

शेख हसीना सरकार में रहे कई मंत्रियों ने बांग्लादेश छोड़ दिया है. हसीना सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहिबुल हसन चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री मोहम्मद तजुल इस्लाम परिवार के कई सदस्यों के साथ देश छोड़कर भाग गए हैं. किसी गुप्त जगह पर ठिकाना बनाया है. इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री अबुल हसन महमूद अली, खेल मंत्री नजमुल हसन पापोन और ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन के मेयर शेख फजले नूर तपोश, मुंशीगंज-3 के पूर्व सांसद मृणाल कांति दास और सुप्रीम कोर्ट के जज मोहम्मद बदरुज्जमां भी देश छोड़कर चले गए. सभी ने अपनी जान का खतरा बताते हुए देश छोड़ दिया है.

माना जा रहा है कि अंतरिम सरकार के आदेश पर शेख हसीना के विदेश मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री को ढाका एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है. 

बंगबंधु के घर को किया आग के हवाले

उपद्रवी भीड़ ने बांग्लादेश की आजादी के जनक बंगबंधु मुजीबुर्ररहमान के घर तक को नहीं बख्शा और आग के हवाले कर दिया. इसी घर में कुछ साल पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगबंधु को श्रद्धाजंलि अर्पित करने पहुंचे थे. बंगबंधु का ये घर राजधानी ढाका के धानमंडी इलाके में है. इसी इलाके में प्रधानमंत्री शेख हसीना का आधिकारिक निवास था जहां सोमवार को शेख हसीना के देश छोजडने के बाद उग्र भीड़ ने धावा बोल दिया था.

उपद्रवियों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान ढाका सहित बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में लगी मुजीबुर्ररहमान की मूर्तियों को तोड़कर गिरा दिया था. साथ ही बांग्लादेश आर्मी के मुख्यालय के बाहर लगी बंगबंधु की एक मूरल यानी दीवार पर लगी एक बड़ी तस्वीर को फाड़ दिया था.

भारतीय उच्चायोग के 190 कर्मचारी बांग्लादेश से भारत लौटे

हिंसाग्रस्त बांग्लादेश में फंसे भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों को एअर इंडिया के विशेष विमान से भारत लाया गया है. भारतीय उच्चायोग के 190 कर्मचारी बांग्लादेश से भारत लौटे हैं. लगभग 30 कर्मचारी अभी भी ढाका में ही हैं. इसके अलावा भी एअर इंडिया की एक स्पेशल फ्लाइट A321 नियो से ढाका से 205 लोगों को वापस दिल्ली लाया गया है. वापस आए लोगों में 6 बच्चे भी शामिल हैं. लोगों ने आपबीती सुनाई बताया कि बांग्लादेश में हालात बेहद खराब हैं.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0