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जोलानी ने की अमेरिका से शिकायत, IDF दमिश्क से 67 किलोमीटर दूर

गोलान हाइट्स में इजरायल के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए सीरिया के नए (विद्रोही) नेता अबू मोहम्मद अल-जोलानी ने सीधे अमेरिका के लिए भेजा है संदेश. अल जोलानी ने अमेरिका से मांग की है कि सीरिया में बफर जोन से पीछे हटने के लिए इजरायल पर दबाव डाले, जिसमें माउंट हरमन का सीरियाई हिस्सा भी शामिल है.

वहीं अल जोलानी के अमेरिका को भेजे संदेश को लेकर इजरायल ने कहा है कि कोई औपचारिक संदेश नहीं दिया गया है लेकिन इतना जरूर साफ कर दिया है कि इजरायल अपनी सुरक्षा से बिल्कुल समझौता नहीं करेगा.

हमारी इजरायल से दुश्मनी नहीं, न ही हमें इजरायल से डर: सीरियाई गवर्नर

दमिश्क के नए गवर्नर माहेर मारवान ने इजरायल को लेकर प्रतिक्रिया दी है. ऐसी खबरें आई हैं कि अब इजरायली सेना गोलान हाइट्स से आगे बढ़ चुकी है. ऐसे में गवर्नर माहेर मारवान ने कहा है कि “हमें इजरायल से कोई डर नहीं है और न ही कोई दुश्मनी है. हमारी ऐसी किसी भी बात में हस्तक्षेप करने की कोई योजना नहीं है जो इजरायल की सुरक्षा को कमजोर कर सकती है. हमारे लोग सह-अस्तित्व और शांति की इच्छा रखते हैं.”

सीरिया के विद्रोहियों की सरकार को हरी झंडी दे सकता है अमेरिका

इजरायल की ओर से दावा किया गया था कि जो बाइडेन जल्द ही सीरिया की नई सरकार को मान्यता दे सकते हैं. 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप शपथ ले रहे हैं, इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन नई सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता देने की घोषणा कर सकता है. माना जा रहा है कि इसी सिलसिले में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने दमिश्क का दौरा भी किया था और विद्रोही सरकार की समीक्षा भी की थी.

अमेरिकी समर्थित एडीएफ ने गिराया टर्की की बायरक्टर ड्रोन

अमेरिका समर्थित सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने उत्तरी रक्का में काराकोजक ब्रिज के पास तुर्किए के बायरक्टर टीबी-2 लड़ाकू ड्रोन को मार गिराने की घोषणा की है. उत्तरी रक्का में काराकोजक ब्रिज के पास ड्रोन गिराया गया है. एसडीएफ ने मार गिराए गए बायरक्टर ड्रोन का वीडियो भी शेयर किया है. बायरक्टर टीबी2, तुर्की का एक खतरनाक कॉम्बेट ड्रोन है जिसका इस्तेमाल नागोर्नो-कराबाख और यूक्रेन सहित कई युद्ध में किया जा रहा है.

सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने बार-बार तुर्की और उसके सहयोगी विपक्षी गुटों पर अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किए गए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि तुर्किए का ड्रोन अमेरिकी ठिकानों के पास कुर्द लड़ाकों को निशाना बना रहा था.

सीरिया में इस वक्त 2000 के करीब अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जो आईएसआईएस का मुकाबला करने के लिए भेजे गए थे और अब भी वहां तैनात हैं. ऐसी खबरें भी आई हैं कि अमेरिकी सैनिक तुर्किए सीमा पर स्थित शहर कोबानी की ओर बढ़ रहे हैं, जहां कुर्द नेतृत्व वाले एसडीएफ और तुर्की समर्थित बलों के बीच जबरदस्त संघर्ष चल रहा है.

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