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एएन-32 विमान की क्रैश लैंडिंग, क्रू सुरक्षित, बागडोगरा की घटना

पंचकूला में जगुआर फाइटर जेट के क्रैश होने के बाद शुक्रवार को भारतीय वायुसेना का एक एएन-32 मिलिटरी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को भी बागडोगरा (पश्चिम बंगाल) में क्रैश-लैंडिंग करानी पड़ी. वायुसेना के मुताबिक, एएन-32 विमान का क्रू पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि, घटनास्थल की तस्वीरों से पता चलता है कि दुर्घटना में विमान को जरूर नुकसान हुआ है.

80 के दशक में रूस से लिए एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमानों को सैनिकों की आवाजाही से लेकर पैरा-ड्रॉपिंग और मिलिट्री सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. विमान में 40-50 सैनिक सवार हो सकते हैं और करीब सात टन वजन ले सकता है. भारतीय वायुसेना के पास 100 से ज्यादा एएन-32 मीडियम-लिफ्ट एयरक्राफ्ट हैं.

शुक्रवार की घटना में ये साफ नहीं हुआ है कि विमान में क्रू-मेंबर्स के अलावा क्या कोई सैनिक भी मौजूद थे, या सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

घटनास्थल की तस्वीर आई सामने

वायुसेना सूत्रों ने ये जरूर साफ किया कि क्रू पूरी तरह सुरक्षित है. घटनास्थल की तस्वीर में एएन-32 के टायर सहित निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई पड़ रहा है. बागडोगरा एयर फोर्स स्टेशन पर एक हवाई पट्टी के करीब ही एएन-32 पड़ा है और उसके चारों तरफ घेराबंदी की गई है.

जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल से एएन-32 के रिकवरी के प्रयास जारी हैं और दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

पहले भी हो चुका है क्रैश

वर्ष 2019 में वायुसेना का एएन-32 विमान अरूणाचल प्रदेश में क्रैश हो गया था जिसमें क्रू-सदस्य सहित कुल 13 सैनिकों की जान चली गई थी. इससे पहले 2016 में चेन्नई से अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के बीच समंदर में भी एक एएन-32 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था, जिसमें कुल 29 सैनिकों की जान चली गई थी.

शुक्रवार को पंचकूला में जगुआर भी हुआ दुर्घटनाग्रस्त

हरियाणा के पंचकूला में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब वायुसेना का लड़ाकू विमान जगुआर क्रैश हो गया. पंचकूला के मोरनी इलाके में फाइटर जेट अचानक से गिर गया, जबकि फाइटर पायलट को लोगों ने पैराशूट की मदद से सुरक्षित बाहर निकलते देखा.

हादसा इतना भयानक था कि फाइटर जेट के परखच्चे उड़ गए और अलग-अलग इलाकों में बिखर गए. विमान ने प्रशिक्षण उड़ान के लिए अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी, और थोड़ी ही देर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. वायुसेना ने हादसे के जांच के आदेश दे दिए हैं.

प्रशिक्षण उड़ान के दौरान गिरा जगुआर लड़ाकू विमान

भारतीय वायुसेना के जगुआर लड़ाकू विमान ने प्रशिक्षण उड़ान के लिए अंबाला एयरबेस से उड़ान भरी थी. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई. गनीमत रही है हादसे के वक्त पायलट ने इजेक्ट होकर अपनी जान बचाई. भारतीय वायुसेना के मुताबिक, “यह जगुआर फाइटर जेट नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान अंबाला में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ. पायलट ने विमान को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने से पहले इसे किसी घनी आबादी से दूर ले जाने में सफलता पाई.”

वायुसेना ने दिए जांच के आदेश

वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “भारतीय वायुसेना के एक जगुआर विमान के क्रैश का कारण सिस्टम में खराबी थी. इस घटना की सच्चाई जानने के लिए जांच करवाई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार करें.”

दुर्घटनाग्रस्त जगुआर के बारे में जानिए

जगुआर एक हल्का लड़ाकू विमान है, जिन्हें 80 के दशक में वायुसेना में शामिल किया गया था. इस वक्त भारतीय वायुसेना के पास लगभग 120 जगुआर विमान हैं. जगुआर को “स्ट्राइक माउंट” और “हंटर” भी कहा जाता है. ये जमीन और हवा दोनों में ही वार करने में एक्सपर्ट है. ये भारी बम और मिसाइलें ले जा सकता है. इसका प्रयोग बॉर्डर पर हवाई हमले, जहाजों पर अटैक और ट्रेनिंग करने के लिए किया जाता है.

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