ईरान का रिजीम चेंज करने निकले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही अधिकारियों पर गाज गिराने पर मजबूर हो गए हैं. वेनेजुएला की तरह एक झटके में ईरान के खात्मे का सपना तो पहले ही चूर-चूर हो चुका है, अब एक के बाद एक अधिकारियों को बौखलाए ट्रंप हटा रहे हैं. इस बार ट्रंप का चाबुक अपने डिप्टी एनएसए पर गिरा है.
ईरान के मोर्चे पर फेल हुए ट्रंप प्रशासन ने उप सुरक्षा सलाहकार पद से रॉबर्ट गेब्रियल जूनियर को हटा दिया है. उनकी जगह मार्को रुबियो के करीबी अफसर माइक निडहम की नियुक्ति की गई है. पिछले एक महीने में अमेरिका के 4 टॉप अफसरों को पद से हटाया जा चुका है.
हाल ही में अमेरिका की इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने अपने पति की बीमारी के कारण इस्तीफा दे दिया था, हालांकि कहा जा रहा है कि गबार्ड ने चूंकि ईरान को लेकर ट्रंप की आलोचना की थी और अपनी रिपोर्ट में ये कहा था कि ईरान कोई न्यूक्लियर हथियार नहीं बना रहा, इसके चलते कई दिनों से उन्हें हटाने की कवायद चल रही थी और अब गबार्ड के बाद डिप्टी एनएसए को पद से हटा दिया गया है.
रूबियो संग भारत दौरे पर आए अमेरिकी डिप्टी एनएसए को ट्रंप ने हटाया
ईरान संग किसी भी वक्त दूसरे राउंड का युद्ध शुरु होने से पहले ट्रंप प्रशासन में हलचल तेज है. ट्रंप प्रशासन ने उप सुरक्षा सलाहकार पद से रॉबर्ट गैब्रियल को कार्यमुक्त कर दिया है. रॉबर्ट की जगह माइक निडहम को डिप्टी एनएसए बनाया गया है. जबकि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ही एनएसए का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं.
गैब्रियल का इस्तीफा ऐसे वक्त में लिया गया है, जब वो मार्को रुबियो के साथ भारत दौरे पर आए, और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर धड़ाधड़ तस्वीरें शेयर करके ग्रैबियल की तारीफ के पुल बांध रहे थे. लेकिन अब ग्रैबियल से इस्तीफ ले लिया गया है
माइक निडहम का आना और डिप्टी एनएसए का जाना ऐसे वक्त में हुआ है जब क्यूबा और ईरान के मोर्चे पर अमेरिकी सेना मैदान में उतरी हुई है.
हालांकि डिप्टी एनएसए पद से हटाए गए रॉबर्ट गैब्रियल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भरोसेमंद अफसर माना जाता था, लेकिन हाल के दिनों में जिस तरीके से सुरक्षा के मामलों में चूक हुई है, उसके लिए रॉबर्ट पर ठीकरा फूटा है. चाहे वो हिल्टन होटल में फायरिंग का मामला हो या फिर व्हाइट हाउस में दो-दो बार फायरिंग का मामला. रॉबर्ट गैब्रियल पर सवाल खड़े किए जा रहे थे.
ईरान जंग में बुरे फंसे ट्रंप, निकाल रहे अफसरों पर गुस्सा
पिछले एक महीने में अमेरिकी सुरक्षा मामलों से जुड़े टॉप-4 अफसरों को ट्रंप हटा चुके हैं. गेबियल और तुलसी गबार्ड के अलावा यूएस नेवी के सचिव जॉन फेलन, यूएस आर्मी के मुख्य स्टाफ रेंडी जॉर्ज को पद से हटाया गया है. हालांकि तुलसी गबार्ड ने बतौर इंटेलिजेंस चीफ इस्तीफा देने के पीछे पति की बीमारी बताई है.
तुलसी गबार्ड ने कहा था कि उनके पति गंभीर बोन कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं, इसलिए इस्तीफा दे रही हैं, लेकिन अंदरखाने से जो खबरें सामने आई हैं, उसके मुताबिक जिस तरह से तुलसी गबार्ड की डिपार्टमेंट ईरान से जुड़ी खुफिया रिपोर्ट साझा कर रहा था, उससे ट्रंप की नीतियों पर सवाल खड़े हो रहे थे, लिहाजा तुलसी गबार्ड पर इस्तीफे का दबाव बनाया गया था.
28 फरवरी को जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध की शुरुआत की थी, तब उन्हें ईरान में तख्तापलट की उम्मीद थी, लेकिन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई, ईरानी एनएसए अली लारीजानी समेत सभी सैन्य शीर्ष के मारे जाने के बाद जिस तरह ईरान ने पलटवार किया, उससे अमेरिका अपने मिशन में सफल नहीं हो पाया. उलटे ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया तो ईरान के आगे अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी भी फेल हो गई.
ऐसे में ट्रंप अब अपनी अफसरों पर भड़ास निकाल रहे हैं और माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में कई और बड़े अफसर और मंत्री नप सकते हैं.

