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टेरर फंडिंग में Binance के सीईओ को जेल

हमास और आईएस जैसे आतंकी संगठनों के साथ ट्रांजेक्शन करने वाले दुनिया के सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, ‘बिनेंस’ के चीनी मूल के सीईओ को अमेरिका की एक अदालत ने चार महीने की सजा सुनाई है. चांगपेंग झाओ उर्फ सीजेड पर अमेरिका के कानूनों की अनदेखी कर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के संगीन आरोप साबित हुए हैं. 

अमेरिकी की सिएटल स्थित कोर्ट में सजा सुनाए जाने के दौरान सीजेड ने कंपनी द्वारा गैर-कानूनी लेनदेन के लिए माफी मांगी. अभियोजन पक्ष ने हालांकि तीन साल की सजा की मांग की थी लेकिन अदालत ने सीजेड को चार महीने की सजा सुनाई. 

पिछले साल दिसंबर के महीने में क्रिप्टोकरेंसी के सबसे बड़े एक्सचेंज बिनेंस के सीईओ पर अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने गंभीर आरोप लगाए थे. अमेरिका का आरोप था कि बिनेंस कंपनी ने आतंकी संगठन हमास, आईएस और अलकायदा के साथ एक लाख से भी ज्यादा गैर-कानूनी ट्रांजेक्शन किए थे. इसके अलावा बिनेंस पर मनी-लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप भी लगे थे. चांगपेंग झाओ बॉन्ड भरने के बाद जेल जाने से बच गए थे. इसके लिए सीजेड ने 100 मिलियन डॉलर का रिलीज बॉन्ड भरा था. कंपनी को भी 4.32 बिलियन डॉलर की पेनाल्टी भरनी पड़ी थी. 

बावजूद इसके सीजेड की कुल संपत्ति करीब 43 बिलियन डॉलर है. वो फोर्ब्स की लिस्ट में टॉप 25 अमीर लोगों की श्रेणी में शुमार हैं. ऐसे में माना जा सकता है कि सीजेड दुनिया का सबसे अमीर कैदी है. आरोपों के बाद सीजेड ने बिनेंस कंपनी के सीईओ का पद छोड़ दिया था. 

चीन में जन्मी बिनेंस कंपनी किस तरह अमेरिका से लेकर ब्रिटेन और नाइजीरिया तक में गैर-कानूनी लेनदेन में लिप्त है इसको लेकर टीएफए ने हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टीगेशन की थी [Cryptocurrency: द ग्रेट वॉल ऑफ टेरर फाइनेंसिंग (TFA Investigation)].

पिछले महीने ही भारत ने तीन महीने के प्रतिबंध के बाद बिनेंस को अपने देश में ऑपरेशन्स की इजाजत दी थी. भारत ने बैन तभी हटाया गया जब कंपनी ने वित्त मंत्रालय की फाइनेंसियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) से जुड़े नियम और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अपने लेनदेन को साझा करने की गारंटी दी है. 

पिछले हफ्ते ही फिलीपींस ने भी अपने देश में बिनेंस पर बैन लगा दिया है. फिलीपींस के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने बिनेंस को गूगल और एप्पल स्टोर पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलीपींस को आरोप है कि बिनेंस उनके देश में रजिस्टर्ड कंपनी नहीं है जिसके कारण ये फैसला लिया गया है. हालांकि, ये प्रतिबंध बिनेस के अमेरिका में गैर-कानूनी लेनदेन के कारण किया गया है. 

अमेरिका में बिनेंस पर लगे गंभीर आरोपों के बाद ही फिलीपींस ने प्रतिबंध का ऐलान कर दिया था. लेकिन फिलीपींस ने लेनदारों को बिनेंस एक्सचेंज से अपना पैसा निकालने के लिए तीन महीने की मोहलत दी थी. अब ये समय-सीमा खत्म हो गई है तो फिलीपींस ने बिनेंस को ब्लॉक करने का निर्देश दे दिया है. 

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