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आतंकी हाफिज सईद के बहनोई की हत्या, पाकिस्तान में बाइक सवार हत्यारों का खौफ कायम

पाकिस्तान में एक बार फिर लौट आए हैं अज्ञात बंदूकधारी, जो भारत के खिलाफ षडयंत्र रचने वालों को ढेर करते हैं. ताजा मामला वैश्विक आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के बहनोई का है जिसकी खैबर पख्तूनख्वा में गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

जानकारी के मुताबिक, मौलाना कासिफ अली, लश्कर की राजनीतिक विंग पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग का मुखिया था. खैबर पख्तूनख्वा की स्वाबी इलाके में कासिफ अली की हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हत्यारे कासिफ के घर पहुंच थे. जैसे ही कासिफ घर से बाहर निकाल, दोनों अज्ञात हमलावरों ने उसपर गोलियां दाग दी.

कासिफ की मौके पर ही मौत हो गई. खबर लगते ही बड़ी संख्या में आतंकी और कट्टरपंथी, कासिफ के घर पर इकठ्ठा हो गए. रविवार दोपहर कासिफ को स्वाबी में दफना दिया गया.

पिछले दो सालों में भारत-विरोधी आतंकी लगाए गए ठिकाने

हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे मकसद क्या था, ये अभी तक साफ नहीं हुआ है. लेकिन माना जा रहा है कि ये हत्या भी उसी कड़ी में शामिल है जिसमें पिछले डेढ़-दो साल से पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को निशाना बनाया जा रहा है. ये वे आतंकी हैं जो भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं.

पाकिस्तान लगातार इन टारगेट किलिंग को लेकर भारत पर आरोप लगाता रहा है. भारत ने हालांकि, साफ कर दिया है कि इन हत्याओं से कोई लेना देना नहीं है और ये पाकिस्तान के आंतरिक हालात का खुलासा करती है.

मुंबई हमले का मुख्य आरोपी है हाफिज सईद

मुंबई के 26-11 आतंकी हमले में हाफिज सईद मुख्य आरोपी है. पाकिस्तान में फल-फूल रहे इन वैश्विक आतंकियों को लेकर पाकिस्तान की बड़ी फजीहत हुई है. अंतरराष्ट्रीय दबाव और एफटीएफ को लेकर लश्कर जैसे पाकिस्तानी आतंकियों ने अपना नाम बदल लिया है. ऐसे में कभी राजनीतिक या फिर सामाजिक संगठन का नाम लेकर लश्कर ऑपरेट कर रहा है.

हमास की मदद से जिंदा करना चाहते हैं लश्कर को

कश्मीर में एक बार फिर आतंकवाद को जिंदा करने के लिए लश्कर और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने हाल ही में पीओके के रावलकोट मे एक रैली का आयोजन किया था. इस रैली में आतंकी संगठन हमास के रहनुमाओं को भी आमंत्रित किया गया था.


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