यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की बद्दुआ के महज तीन दिन के भीतर, रूस की राजधानी मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर की लिमोजिन कार में जबरदस्त ब्लास्ट हुआ है. घटना के वक्त हालांकि, पुतिन कार में मौजूद नहीं थे. धमाके के कारणों का अभी तक साफ नहीं हुआ है. ये धमाका रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी के हेडक्वार्टर के ठीक बाहर हुआ है.
सोशल मीडिया पर पुतिन की कार का वीडियो जबरदस्त वायरल है. पुतिन की फेवरेट लिमोजिन ऑरस-सीनेट में धमाके के बाद आग की लपटें उठती देखी जा सकती हैं. कुछ लोगों को आग बुझाते हुए देखा जा सकता है. आग बुझाने वालों में कुछ आस पास के रेस्टोरेंट के सेफ और दूसरा स्टाफ दिखाई पड़ रहा है.
एफएसबी हेडक्वार्टर के बाहर कार में ब्लास्ट
जानकारी के मुताबिक, रूस की खुफिया एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी ब्यूरो (एफसीबी) के मॉस्को स्थित लुबायंक स्ट्रीट हेडक्वार्टर के ठीक बाहर ये घटना हुई है. ये साफ नहीं है कि घटना के वक्त पुतिन एफएसबी मुख्यालय में मौजूद थे या नहीं. आग के वीडियो में पुतिन के काफिले की दूसरी गाड़ियां नहीं दिखाई पड़ रही है.
ऑकस सीनेट है पुतिन की फेवरेट कार, कीमत है 03 करोड़
रूस में निर्मित ऑकस सीनेट लिमोजिन, पुतिन की पसंदीदा कार है. इस लिमोजिन की कीमत करीब 3.56 लाख डॉलर (करीब 03 करोड़ रूपये) है. मॉस्को में पुतिन इसी कार से सफर करते दिखाई पड़ते हैं. पिछले साल पुतिन ने ऑकस कार को ही नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को भेंट स्वरूप दी थी.
तीन दिन पहले जेलेंस्की ने दी मरने की बद्दुआ
26 मार्च को पेरिस के दौरे के दौरान, जेलेंस्की ने यूरोपीय पत्रकारों से बातचीत में पुतिन की मौत की बददुआ दी थी. जेलेंस्की से जब ये पूछा गया कि रूस-यूक्रेन युद्ध कब खत्म होगा, तब जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन की उम्र हो चुकी है और ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहने वाले हैं. ऐसे में जंग तभी खत्म होगी. जेलेंस्की ने आगे कहा कि हो सकता है पुतिन अपनी उम्र पूरी होने से पहले ही मर जाएं.
ऑकस सीनेट में आग लगने का वीडियो वायरल
पुतिन की कार में लगी आग के बाद जेलेंस्की का ये बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
लिमोजिन कार में धमाके के बाद पुतिन के सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को अधिक संवेदनशील बना दिया गया है. रविवार को पुतिन को मुरमांस्क प्रांत में एक सैन्य कार्यक्रम में शामिल होने जाना है. ऐसे में सलामी परेड में हिस्सा लेने वाले सभी सैनिकों की चेकिंग का एक वीडियो भी सामने आया है. (https://x.com/ActualidadRT/status/1478962784238858241)
फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन जंग को तीन साल से ज्यादा हो चुके हैं. जंग में रूस ने यूक्रेन के करीब 20 प्रतिशत इलाके (डोनबास) पर कब्जा कर लिया है. दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में भी जबरदस्त लड़ाई चल रही है.
मॉस्को में हो चुकी है रूसी कमांडर और पत्रकारों की टारगेट किलिंग, आरोप यूक्रेन पर
इस दौरान, म़ॉस्को में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमे रूस के पत्रकारों और टॉप कमांडर्स की टारगेट किलिंग की घटनाएं सामने आई हैं.
करीब चार महीने पहले (दिसंबर 2024 में) रशियन आर्म्ड फोर्सेज की न्यूक्लियर और केमिकल विंग के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर क्रिलोव की घर के बाहर साइकिल में हुई आईईडी ब्लास्ट में हत्या कर दी गई थी.
इससे पहले अगस्त 2022 में पुतिन के सहयोगी और स्कॉलर अलेक्जेंडर डुगिन की जर्नलिस्ट बेटी दारया की मॉस्को के बाहरी इलाके में एक चलती कार में हुए ब्लास्ट में हत्या कर दी गई थी. सोशल मीडिया पर दारया, पुतिन और रूस के पक्ष में लिखती थी.
दारया की हत्या में रूस ने सीधे तौर से यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हुए आतंकी हमला करार दिया था.