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युद्धविराम का उल्लंघन जारी, अमेरिका-ईरान वार्ता खतरे में

अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दिन भी युद्धविराम का उल्लंघन हुआ और दोनों देशों ने एक दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से वार-पलटवार किए. होर्मुज में एक जहाज पर ईरानी अटैक से भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मिटा देने की धमकी दी डाली. 

शनिवार रात, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दक्षिणी ईरान के सिरिक और केशम आईलैंड़ सहित बंदर अब्बास के बाहरी हिस्सों में बमबारी की. सेंटकॉम ने हमले का ड्रोन फुटेज जारी करते हुए आरोप लगाया कि ईरान ने पनामा के फ्लैग लगे एमटी किकू ऑयल टैंकर (जहाज) पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया था. इस टैंकर में दो मिलियन क्रूड ऑयल लदा था. 

हमले का जवाब देने के लिए सेंटकॉम ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस साइट्स पर अटैक किया. साथ में समंदर में बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी क्षमताओं पर भी हमला किया गया. अमेरिका ने ईरान के इन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया. ईरान के कुल 10 ठिकानों को अमेरिका ने निशाना बनाया.

पलटवार करते हुए ईरान की आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर) ने बहरीन और कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया. बहरीन में यूएस नेवी की फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय पर हमला किया गया. आईआरजीसी के मुताबिक, अमेरिका के कुल 08 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए. शनिवार को भी अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे.

कूटनीतिक वार्ता कर देंगे खत्म आईआरजीसी  

आईआरजीसी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका के लगातार हो रहे हमलों से गुस्सा होकर डिप्लोमैटिक वार्ता खत्म करने की धमकी दे डाली. 18 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस एमओयू के जरिए, दोनों देशों ने युद्धविराम लागू करने का ऐलान किया था. ऐसे में ईरान ने सिरिक, केशम और बंदर अब्बास में हुए अमेरिकी हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन करार दिया.

दूसरी तरफ अमेरिका ने होर्मुज में जहाज पर हो रहे हमलों को एमओयू का उल्लंघन बताया. क्योंकि एमओयू में 60 दिनों तक होर्मुज में आवाजाही पर किसी भी तरह की पाबंदी खत्म कर दी गई थी. लेकिन ये भी लिखा गया था कि अगले 30 दिनों में ईरान, होर्मुज की व्यवस्था के लिए किसी तरह का तंत्र तैयार किया जाएगा.

ईरान नहीं सुधरा तब वजूद हो जाएगा खत्म ट्रंप

सीजफायर के उल्लंघन के बाद ट्रंप ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि ईरान कभी ना सुधरे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि एक समय ऐसा आएगा कि हमें सैन्य कार्रवाई से ही अपना काम पूरा पाएं. अगर ऐसा हुआ तब ईरान का वजूद नहीं रह पाएगा. 

आईआरजीसी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति पर तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप की एकमात्र कामयाबी यह है कि इस हारी हुई जंग में उनके सैनिकों के लिए अमेरिकी ताबूत और व्हीलचेयर बनाने वालों की कमाई बढ़ गई है. 

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