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राष्ट्रपति भवन की हॉर्स पावर देख सकेंगे आगुंतक, बेहद खास है सेना की कैवेलरी

राष्ट्रपति भवन में आयोजित चेंज ऑफ गार्ड समारोह अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. रविवार को खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रेसिडेंट हाउस के प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुई.

राष्ट्रपति भवन में हर शनिवार को आयोजित होने वाले चेंज ऑफ गार्ड समारोह में भारतीय सेना की प्रेसिडेंट्स बॉडी गार्ड (पीबीजी) की टुकड़ी हिस्सा लेती है. राष्ट्रपति का अंगरक्षक दल (पीबीजी) घोड़े पर सवार होता है और समारोह के दौरान सैन्य परंपरा के अनुसार अभ्यास करता है. इस दौरान सेरेमोनियल गार्ड बटालियन और मिलिट्री बैंड भी शामिल रहता है.

राष्ट्रपति भवन के मुताबिक, अगले शनिवार (22 फरवरी) से आम लोगों के लिए चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी को खोल दिया जाएगा. इस दौरान आम लोग, पीबीजी के घुड़सवार सैनिकों का अभ्यास और मिलिट्री बैंड का आनंद ले सकते हैं. ये समारोह सुबह के वक्त आयोजित किया जाता है. राष्ट्रपति भवन के बड़े प्रांगण में इसे आयोजित किया जाएगा.

क्यों खास है प्रेसिडेंशियल बॉडी गार्ड

भारतीय सेना की प्रेसिडेंट्स बॉडी गार्ड (पीबीजी) एक सेरेमोनियल रेजीमेंट है. सेना की 61 कैवेलरी के अलावा, ये दुनिया की उन चुनिंदा टुकड़ियों में से है जो अभी भी घोड़ों का इस्तेमाल करती है. इस रेजीमेंट में 200-250 सैनिक हैं, जिसमें चार सैन्य अधिकारी शामिल हैं.

पीबीजी के सैनिक कुछ चुनिंदा धर्म और जातियों (राजपूत, जाट और सिख जाट) से ही चुने जाते हैं और उनके रिक्रूटमेंट का मुख्य आधार लंबाई होती है. पीबीजी के सैनिकों की लंबाई छह फीट से कम नहीं हो सकती है.

गणतंत्र दिवस समारोह में दिखाई पड़ता है राष्ट्रपति का घुड़सवार दस्ता

गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति के काफिले को पीबीजी का दस्ता ही एस्कॉर्ट कर प्रेसिडेंट्स हाउस से कर्तव्य पथ लेकर पहुंचता है. सेरेमोनियल रेजीमेंट होने के बावजूद, पीबीजी ने युद्ध में भी हिस्सा लिया है.

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