Breaking News Classified Reports

सीआईए ने बताया एलियंस का सीक्रेट, रूसी सैनिकों को बनाया था पत्थर

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है. एलियंस के अस्तित्व को लेकर रिसर्च चल रही है, लेकिन सीआईए की ओर से जारी किए गए डिक्लासीफाइड दस्तावेज ने ये कहकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है कि सोवियत संघ (रूस) के सैनिकों पर साल 1989-90 के दौरान एलियंस ने हमला किया था. इस दौरान सोवियत संघ के 29 सैनिक पत्थर बन गए थे.

डॉक्यूमेंट के मुताबिक, ये वो सैनिक हैं, जो एलियंस की तेज रोशनी के संपर्क में आए थे, लेकिन वहां मौजूद दो सैनिकों ने पूरी घटना को देखा और बताया. वो दोनों सैनिक इसलिए बच गए क्योंकि वो छाया में खड़े थे और एलियंस की डायरेक्ट रोशनी में नहीं आए थेे. ये घटना साइबेरिया में आर्मी प्रशिक्षण के दौरान घटी थी.

एलियंस ने रूसी सैनिकों को बना दिया था पत्थर, सीआईए का खुलासा

सीआईए के हाथ लगी है केजीबी की 250 पन्नों की एक फाइल. केजीबी, सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी थी, जो 1991 तक एक्टिव रही थी. 1991 में सोवियत संघ के खत्म होने के बाद सीआईए के पास ये फाइल आई, जो अब ऑनलाइन सबसे सामने आई है. केजीबी की फाइल में साइबेरिया के सैन्य प्रशिक्षण के दौरान की एक अजीबोगरीब घटना का जिक्र किया गया है.

फाइल के अनुसार, सोवियत सैनिकों ने एक “तश्तरी के आकार का कम ऊंचाई वाला अंतरिक्ष यान” ऊपर उड़ते हुए देखा. एक सैनिक ने उस पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी, जिससे वह नीचे गिर गया. दुर्घटना के बाद, मलबे से “बड़े सिर और बड़ी काली आंखों वाले पांच छोटे मानव” निकले. सभी छोटे मानव साथ आए और फिर एकदूसरे में मिलकर एक गोलाकार तश्तरी जैसे बन गए. गोलाकार तश्तरी तेज आवाज करने लगी और आसपास अत्यंत तेज रोशनी हो गई. उसी वक्त “23 सैनिक जिन्होंने इस घटना को देखा था, पत्थर में बदल गए” केवल दो सैनिक बच गए, क्योंकि वो छाया में खड़े थे और सीधे प्रकाश के संपर्क में नहीं थे.

मॉस्को में सीक्रेट जगह ले जाए गए पत्थर बने सैनिक, वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि “डरे हुए सैनिकों और क्षतिग्रस्त अंतरिक्ष यान को मॉस्को के पास एक गुप्त स्थान में ले जाया गया. जांच के दौरान वैज्ञानिकों को पता चला कि सैनिकों के शरीर चूना पत्थर के हो गए थे. यूएफओ और पत्थर से बने सैनिकों के अवशेषों को मॉस्को के पास एक गुप्त वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान में स्थानांतरित कर दिया गया था.” विशेषज्ञों का मानना है कि “ऊर्जा का एक स्रोत जो अभी भी पृथ्वी के लोगों के अज्ञात है, उसने सैनिकों को पत्थर में बदल दिया था.” 

सीआईए ने केजीबी की फाइल और एलियंस को माना बेहद खतरनाक मामला 

सीआईए का कहना है कि, “अगर केजीबी की फाइल वास्तविकता से मेल खाती है, तो यह एक बेहद खतरनाक मामला है. एलियंस के पास ऐसे हथियार और तकनीक हैं जिससे पृथ्वी के लोग अनजान हैं. एलियंस के पास ऐसी ताकत है, जो इंसान को पत्थर में बदल सकती है” लेकिन केजीबी की इस पूरी रिपोर्ट पर सीआईए यकीन नहीं कर पा रहा है. सीआईए के कुछ अधिकारियों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि “केजीबी ने उन सैनिकों का विवरण नहीं दिया है, जो पत्थर बन गए थे. सीआईए इस बात की भी आशंका जता रही है कि कहीं सोवियत ने ही तो कुछ ऐसी टेस्टिंग की हो या कुछ बड़ा छिपाने के लिए उसने ये कहानी गढ़ दी हो.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0