Breaking News Geopolitics Indian-Subcontinent Reports

गोरखा राइफल्स के कमांडर नेपाल में, अग्निवीर स्कीम के चलते बंद है भर्ती

भले ही पिछले तीन साल से नेपाली मूल के सैनिकों की भर्ती बंद है लेकिन भारतीय सेना अपने पूर्व गोरखा सैनिकों का हाथ किसी कीमत पर छोड़ने वाली नहीं है. यही संदेश दिया है भारतीय सेना के टॉप कमांडर और गोरखा राइफल्स (9 गोरखा) के कर्नल कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल ज़ुबिन ए मिनवाला ने अपने काठमांडू दौरे पर.

ले.जनरल मिनवाला, सुकना (सिलीगुड़ी) स्थित भारतीय सेना की 33 वीं कोर (त्रिशक्ति कोर) के कमांडर (जीओसी) हैं और इनदिनों नेपाल के दौरे पर हैं. 33वीं कोर की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा है. सिलीगुड़ी से भारतीय सीमा नेपाल से भी सटी है.

काठमांडू दौरे पर लें.मिनवाला ने नेपाली सेना के प्रमुख, जनरल अशोक राज सिघडेल से मुलाकात की. जनरल सिघडेल, भारतीय सेना के होनरोरी जनरल हैं. साथ ही नेपाली सेना की पूर्वी डिवीजन के जीओसी (जनरल ऑफिसर कमांडिंग) पवन राज घिमिरे से भी मुलाकात की.

वर्ष 2022 से बंद है नेपाली मूल के सैनिकों की भर्ती

सुकना कोर के कमांडर का नेपाल दौरा इस मायने में बेहद अहम माना जा रहा है कि अग्निपथ स्कीम (अग्निवीर) के चलते नेपाली मूल के नागरिकों की भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट में भर्ती पूरी तरह बंद है.

वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना के आने के बाद, नेपाल ने अपने नागरिकों को भारतीय सेना की गोरखा रेजीमेंट में भर्ती से रोक लगा दी थी.

अग्निपथ स्कीम राजनीतिक फैसला: थलसेना प्रमुख

इसी महीने सेना दिवस (15 जनवरी) के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेपाली मूल के सैनिकों की भर्ती पर बोलते हुए कहा था कि अग्निवीर स्कीम, एक राजनीतिक फैसला है. ऐसे में जनरल द्विवेदी ने कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया था. लेकिन इतना जरूर कहा था कि गोरखा राइफल्स में नेपाली सैनिकों की कमी को पूरा किया जा रहा है.

भारतीय सेना में है करीब 25 हजार गोरखा सैनिक

दरअसल, भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में नेपाली मूल के नागरिक भर्ती हो सकते थे. ऐसे में गोरखा राइफल्स में करीब 25 हजार नेपाली मूल के सैनिक थे. नेपाली सरकार ने हालांकि, भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर नेपाली नागरिकों की भर्ती पर रोक लगा दी है.

रक्षा मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रवक्ता के मुताबिक, ले.जनरल मिनवाला के नेपाल दौरा का मकसद, दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाना और सामरिक संबंधों को मजबूत करना है. साथ ही नए क्षेत्रों में परस्पर सहयोग पर भी चर्चा की गई.

कर्नल-कमांडेंट ने दिया पूर्व-गोरखा सैनिकों को हर संभव मदद का भरोसा

भारतीय सेना के मुताबिक, ले.जनरल मिनवाला ने काठमांडू में डिफेंस वेलफेयर विंग और ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रेब्यूटरी हेल्थ स्कीम) पॉलिक्लीनिक का दौरा था. ईसीएचएस क्लीनिक में कमांडर ने नेपाल के उन पूर्व-सैनिकों से मुलाकात की, जिन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थी.

ले. जनरल मिनवाला ने नेपाली मूल के पूर्व-सैनिकों को विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना हेल्थकेयर के साथ-साथ जरूरी मदद करती रहेगी.


Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0