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रूस-यूक्रेन युद्ध: समाप्ति का काउंटडाउन शुरु, अमेरिका का दावा इस सप्ताह हो जाएगा सीजफायर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि “इस सप्ताह समाप्त हो जाएगा रूस यूक्रेन का युद्ध.” ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि इस सप्ताह ही दोनों देशों में शांति समझौता हो जाएगा. रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है.

युद्ध समाप्ति, ट्रंप की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा का भी प्रश्न बन चुका है. युद्ध को खत्म करने के लिए ट्रंप हर दांव आजमा रहे हैं. दबाव का, मित्रता का, व्यापार का या प्रतिबंधों का, साम-दाम-दंड-भेद किसी भी तरह से ट्रंप चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो जाए, 

ट्रंप का नया दांव, रूस-यूक्रेन को दिया धन कमाने का ऑफर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा, कि “एक बार दोनों देश समझौता कर लें, तो दोनों ही देश अमेरिका के साथ व्यापार करके धन कमा सकेंगे. उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन इस सप्ताह समझौता कर लेंगे और फिर दोनों देश अमेरिका के साथ बड़ा व्यापार करेंगे. जैसे हम फल-फूल रहे हैं, वे भी फलेंगे-फलेंगे और धन कमाएंगे.”

पुतिन पर ट्रंप-रुबियो ने बनाया दबाव, क्रीमिया पर रूसी कब्जे पर लग सकती है मुहर

पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो रूस-यू्क्रेन की शांति वार्ता की धीमी प्रगति से नाराजगी जताई है. रुबियो और ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर जल्द ही कोई परिणाम नहीं निकला, तो अमेरिका वार्ता से अलग हो सकता है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,”यह मामला जितना लंबा खिंचेगा, हमारे इसमें शामिल रहने का औचित्य उतना ही कमजोर होता जाएगा.” इस बीच ऐसी खबरें भी सामने आई है, कि अमेरिका शांति वार्ता को सफल बनाने के लिए शांति समझौते के हिस्से के रूप में क्रीमिया पर रूस के नियंत्रण को मान्यता देने को तैयार हो सकता है. वहीं इस संभावना के बाद जेलेंस्की ने किसी भी तरह से रूस को यूक्रेनी जमीन सौंपने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. जेलेंस्की ने कहा है कि क्रीमिया समेत किसी भी क्षेत्र को रूसी हिस्सा मानना अस्वीकार्य है. 

रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति की लंदन में होगी फाइनल डील?

ट्रंप इस सप्ताह युद्ध समाप्ति के लिए यूं ही आश्वस्त नहीं हैं. बताया जा रहा है कि इस हफ्ते लंदन में  रूस-यूक्रेन के बीच ‘फाइनल ऑफर’ रखा जाएगा, जिससे तय होगा कि युद्ध को विराम मिलेगा या नहीं. लंदन में अगर सहमति बन जाती है तो अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी, अन्यथा कहा ये भी जा रहा है कि ट्रंप और रूबियो ने दोनों देशों को ये संकेत दे दिए हैं, कि डील नहीं मानी गई तो अमेरिका मध्यस्थता से अपने हाथ खींच लेगा.  

ईस्टर पर सीजफायर रूस का सिर्फ दिखावा: जेलेंस्की 

माना जा रहा है कि ट्रंप के दबाव के कारण ही रूस ने 1 दिन का युद्ध विराम किया था. हालांकि जेलेंस्की की ओर से अमेरिकी मध्यस्थता में की गई बातचीत में 30 दिनों के सीजफायर की बात कही गई है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने 30 घंटे के रूसी सीजफायर को दिखावा करार दिया. जेलेंस्की ने कहा, “रूस ने ईस्टर पर संघर्षविराम की घोषणा जरूर की है, लेकिन हमले करने बंद नहीं किए हैं. रूसी सेना ये दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह युद्धविराम का पालन कर रही है, लेकिन वे अब भी यूक्रेन में कुछ जगहों पर हमला कर रही है और नुकसान पहुंचा रही है. यूक्रेन की सेना ने रविवार सुबह तक 59 बार रूसी गोलाबारी और 5 जमीनी हमले किए हैं. इसके अलावा कई ड्रोन हमले भी हुए.” 

यूक्रेन ने खुद ही किए हमले:रूसी रक्षा मंत्रालय 

रूस के रक्षा मंत्रालय ने जेलेंस्की के आरोपों पर पलटवार किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यूक्रेन ने ही डोनेत्स्क क्षेत्र में रात में हमले किए और 48 ड्रोन रूसी सीमा में भेजे. रूसी सेना ने संघर्षविराम का पूरा पालन किया, लेकिन यूक्रेनी हमलों से नागरिकों की मौत और घायल होने की खबरें हैं. खेरसान क्षेत्र में रूस समर्थित प्रशासन ने भी यूक्रेनी हमले की जानकारी दी है. रूस ने साफ किया कि सीजफायर आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.”

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