- ईद पर सहारनपुर-नूंह में लहराए गए फिलिस्तीन के झंडे
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और हरियाणा के नूंह में में ईद की नमाज के दौरान हाथों में हरे रंग के झंडे और फिलिस्तीनी झंडे लेकर नारेबाजी की. सहारनपुर में कुछ लोगों ने गाजा की टीशर्ट पहनकर नारेबाजी की और फिलिस्तीन के झंडे लहराए. नारेबाजी की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है. नारेबाजी करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है. हरियाणा के नूंह में भी फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी की गई है. मेरठ में भी लहराया गया विवादित पोस्टर.
- अंतरिक्ष से अद्भुत दिखता है भारत: सुनीता विलियम्स
भारत अद्भुत है. हर बार जब हम हिमालय के ऊपर से गुजरे और मैं आपको बताऊं, बुच ने हिमालय की कुछ अविश्वसनीय तस्वीरें लीं.हमें ऐसा लगता था जैसे लहरें उठ रही हों और भारत में नीचे की ओर बह रही हों. भारत के बहुत रंग हैं, जब आप ईस्ट से वेस्ट की तरफ जाते हैं तो वहां के तटों पर मौजूद मछली पकड़ने वाली नावों का बेड़ा गुजरात और मुंबई के आने का संकेत दे देता है. दिन में हिमालय को देखना अद्भुत था. भारत में बड़े शहरों से छोटे शहर तक लाइट्स का नेटवर्क दिखता है, जो रात में अविश्वसनीय लगता है. सुनीता विलियम्स ने भारत आने की उम्मीद जताई.
- पाकिस्तान में लश्कर और जैश में पड़ी फूट, पाक सेना परेशान
पाकिस्तान की एक नई खुफिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के दो प्रमुख आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बीच खिंची तलवार. दोनों आतंकी संगठनों में जबरदस्त अनबन शुरु हुई है. दोनों आतंकी संगठनों में फूट पड़ने से पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी सरकार की मुश्किलें बढ़ीं, वहीं इस स्थिति का फायदा भारत को हो सकता है, क्योंकि लश्कर और जैश कश्मीर में लगातार आतंक फैलाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
- भारत कृषि उत्पादों पर लेता है भारी टैरिफ:व्हाइट हाउस
भारत पर टैरिफ लगाने को लेकर व्हाइट हाउस ने बयान जारी किया. प्रेस सचिव ने कहा, भारत अमेरिका के कृषि उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, साथ ही अन्य देश भी भारी शुल्क लेते हैं, जिसके चलते अमेरिकी उत्पादों का उन देशों के बाजार में टिकना बेहद मुश्किल है. आपको बता दें, 2 अप्रैल की तारीख नजदीक है और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 अप्रैल से ही पारस्परिक टैरिफ लगाने का एलान किया था.
- हूतियों और ईरान को असली दर्द झेलना पड़ेगा: ट्रंप
ईरान को भारी बमबारी की चेतावनी देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूती आतंकियों और उनका समर्थन करने वाले ईरान को एक बार फिर से धमकाया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे जहाजों के लिए खतरा बने रहेंगे. हूतियों और उनके ईरानी समर्थकों को वॉर्निंग देते हुए कहा, कि आने वाले समय में असली दर्द झेलना पड़ेगा. हूतियों के लिए विकल्प स्पष्ट है- अमेरिकी जहाजों पर गोलीबारी बंद करो और हम तुम पर गोलीबारी बंद कर देंगे. नहीं तो, हमने अभी तो बस शुरुआत की है. हूतियों और ईरान में उनके समर्थकों दोनों के लिए असली दर्द अभी आना बाकी है.
- पुतिन और जिनपिंग से मिलेंगे ब्राजील के राष्ट्रपति
अमेरिका की टैरिफ धमकी के बाद ब्राजील ने बनाई रणनीति. ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा मई में अपने रूसी और चीनी समकक्षों से मुलाकात करेंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक व्यापार युद्ध की चिंताओं के बीच होगी, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्यापार शुल्क बढ़ाने के बाद.लूला दा सिल्वा के प्रेस कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रपति लूला 9 मई को रूस के विजय दिवस समारोह में भाग लेंगे, जो द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की 80वीं सालगिरह को मनाता है.
- नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किए गए इमरान खान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए उनके प्रयासों को लेकर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है, यह घोषणा पाकिस्तान वर्ल्ड अलायंस (पीडब्ल्यूए) और नॉर्वेजियन राजनीतिक पार्टी सेंट्रम ने की है. पाकिस्तान वर्ल्ड अलायंस एक वकालत ग्रुप है. यह संगठन नॉर्वे की राजनीतिक पार्टी पार्टी सेंट्रम से जुड़ा है. संस्था का कहना है कि इमरान खान ने अपने जीवन काल में लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ-साथ मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भी समर्पित रहे हैं.
- दक्षिण अफ्रीका में बांटी गई हनुमान चालीसा
दक्षिण अफ्रीकी हिंदू संगठन ‘एसए हिंदूज’ ने देश के आठ मंदिरों में हनुमान चालीसा की 60,000 प्रतियां वितरित की हैं. संगठन के सदस्यों ने विभिन्न क्लबों के मोटरसाइकिल सवारों के नेतृत्व में अभियान चलाया और जरूरतमंदों के लिए लगभग दो टन किराने का सामान भी जुटाया. ‘एसए हिंदूज’ की संस्थापक पंडिता लूसी सिगबन ने कहा, हमें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि बहुत सारे भक्त मंदिरों में आए और खासकर क्वाजुलू-नताल जैसे पास के प्रांतों के भी लोग इस पहल का बड़े ही उत्साह के साथ समर्थन कर रहे थे.