Breaking News Geopolitics India-China

ड्रैगन और गजराज करेंगे साथ डांस, भारत के मुरीद वांग यी

“ड्रैगन और हाथी के संबंध ‘पास द ड्यूक्स ‘(साथ डांस करने) जैसे होने चाहिए.

—– चीनी विदेश मंत्री वांग यी

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है. दरअसल विश्व में बड़ी ही तेजी से समीकरण बदल रहे हैं. चीन और रूस की गहरी दोस्ती के बीच में अमेरिका आ चुका है, तो ईयू और अमेरिका के बीच तकरार का फायदा चीन उठाना चाहता है. ताइवान, फिलीपींस और जापान से चीन की तनातनी वैसे ही चल रही है. इन सबके बीच भारत से संबंध सुधारकर चीन एक मोर्चे (एलएसी) पर तनावमुक्त होना चाहता है. 

अमेरिका से बढ़ती तल्खी के बीच चीन ने जताया है हिंदुस्तान पर भरोसा. चीन और अमेरिका में जहां टैरिफ वॉर को लेकर असली वॉर की धौंस दी जा रही है वहीं, चीन को लगता है भारत के साथ मजबूत रिश्ते फायदेमंद हो सकते हैं.

चीनी विदेश मंत्री ने कहा, ‘ड्रैगन-एलिफेंट मस्ट डांस टुगेदर’

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका की टैरिफ बढ़ाने के लेकर आलोचना की है. वहीं, भारत और चीन के मजबूत रिश्तों को लेकर संकेत दिए.

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, “चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी में ‘पास द ड्यूक्स’ (फ्रेंच शब्द, जिसका मतलब मिलकर डांस करना) जैसे संबंध होने चाहिए.”

हाल ही में जी 20 के विदेश मंत्रियों की जोहान्सबर्ग में हुई बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच मुलाकात हुई थी. अब चीन के विदेश मंत्री ने भारत की तरफ हाथ बढ़ाया है. वांग यी ने अपने बयान में कहा, “दोनों देशों को एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए हर कारण मौजूद हैं.”

फिर चीन ने बढ़ाया भारत की ओर हाथ, बताया एक दूसरे का बड़ा पड़ोसी

भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए वांग यी ने कहा, “इस साल चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है. ऐसे में चीन भारत के साथ मिलकर पिछले अनुभवों को समेटने, आगे का रास्ता बनाने और चीन-भारत संबंधों को मजबूत और स्थिर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक-दूसरे की सफलता में योगदान दें.”

वांग यी ने कहा, “पिछले एक साल में चीन-भारत संबंधों में सकारात्मक प्रगति हुई है. पिछले अक्टूबर में कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सफल बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों के सुधार और विकास के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया. दोनों पक्षों ने हमारे नेताओं की महत्वपूर्ण आम समझ का ईमानदारी से पालन किया है. सभी स्तरों पर आदान-प्रदान और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत किया है और कई सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं.”

वांग यी ने भारत और चीन को “एक दूसरे का सबसे बड़ा पड़ोसी” बताया है.

अमेरिका पर जमकर बरसे वांग यी, कहा, ‘हमें दबाया नहीं जा सकता’

अमेरिकी टैरिफ को लेकर वांग यी ने अमेरिका पर करारा प्रहार किया. चीनी विदेश मंत्री ने कहा, “अमेरिका के मनमाने टैरिफ का जवाब देना जारी रखेंगे. जब अमेरिका वित्तीय संकट का सामना कर रहा था तो चीन ने इसकी मदद की लेकिन चीन की इस मदद का अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा कर जवाब दिया है. हमारी अच्छाई का बुराई से जवाब दिया.”

वांग यी ने आगे कहा कि “ये मनमाने टैरिफ, देशों के बीच संबंधों में तनाव पैदा कर रहे हैं. किसी देश को यह नहीं सोचना चाहिए कि एक तरफ तो वो चीन को दबा सकता है और दूसरी तरफ चीन के साथ अच्छे संबंध भी बनाए रख सकता है. इस तरह की दोमुंही हरकतें द्विपक्षीय संबंधों के लिए स्थिरता या आपसी विश्वास कायम करने के लिए अच्छी नहीं हैं.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.