यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सार्वजनिक मंच से बड़ी नसीहत दे डाली. पीएम मोदी ने अपने परममित्र पुतिन से दो टूक कह दिया कि “अंतहीन युद्ध का अब अंत करने की बारी है.” मौका था किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ समिट से इतर द्विपक्षीय मुलाकात का.
बिश्केक में एक बार फिर पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिली. यूक्रेन युद्ध को लेकर मोदी ने पुतिन से मानवता को लगातार हो रहे नुकसान का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि “युद्ध में बिताया एक-एक दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है, और शांति की तरफ बढ़ाया गया एक-एक कदम नई आशा और उमंगों से भर देती है.”
पीएम ने कहा कि भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और शांति के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता रहेगा. मोदी ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए और मौजूदा परिस्थितियों में पूरी मानवता को इसकी जरूरत है.
ये युद्ध का युग नहीं, मोदी ने जब पुतिन के मुंह पर बोलकर पूरी दुनिया को सन्न किया था
उल्लेखनीय है कि यूक्रेन जंग शुरु होने के बाद पहली बार पीएम मोदी ने वर्ष 2023 में पुतिन से मुलाकात में कहा था कि यह युद्ध का युग नहीं है. उस वक्त भी मोदी ने पुतिन से कूटनीति और वार्ता के जरिए सभी मुद्दों को सुलझाने का आह्वान किया था.
मोदी के इस बयान से पहले तक किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष में हिम्मत नहीं थी कि पुतिन के मुंह पर इतने कड़े बोल सके. इसके बावजूद, पिछले तीन वर्षों में भारत और रूस के संबंध बेहद मजबूत हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत उन गिनते के देशों में था, जिसने यूक्रेन जंग में तटस्थ भूमिका निभाई थी. भारत ने भले यूक्रेन पर हमले के लिए रूस की कड़ी आलोचना की थी, लेकिन रूस के साथ संबंध कायम रखे थे.
अमेरिका और यूरोपीय देशों के विरोध के बावजूद भारत ने रूस से तेल और हथियार खरीदने जारी रखे. लेकिन भारत ने यूक्रेन से भी युद्ध रोकने के लिए चर्चा की. खुद पीएम ने मॉस्को यात्रा के साथ-साथ यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा कर जेलेंस्की से मुलाकात की थी.
बिश्केक में फिर दिखी कार-डिप्लोमेसी
सोमवार को यूक्रेन जंग पर चर्चा के बाद, मोदी और पुतिन, दोनों एक कार में बैठकर बिश्केक में आयोजित वर्ल्ड नोमेड गेम्स के उद्घाटन समारोह में पहुंचे. इससे पहले भी पिछली दो-तीन मुलाकातों के दौरान, पीएम मोदी और पुतिन ने एक साथ गाड़ी में सवारी की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से पश्चिम एशिया (होर्मुज स्ट्रेट) और ब्लैक सी में समुद्री-व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर भी चर्चा की. हाल के दिनों में ब्लैक सी में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमला हुआ है. इन हमलों में भारतीय नाविक भी हताहत हुए हैं. इसके अलावा, दोनों ने कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं.
ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेंगे पुतिन, शी और पेजेश्कियान
पीएम मोदी ने पुतिन को अगले महीने राजधानी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए भी आमंत्रित किया (12-13 सितंबर). माना जा रहा है कि ब्रिक्स समिट में पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का आना भी लगभग पक्का है.

