Breaking News Reports

गणतंत्र दिवस: पहली बार देखेंगे ट्राई-सर्विस झांकी

देश में थिएटर कमांड बनाने की कवायद के बीच पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में ट्राई-सर्विस टेब्लो (झांकी) प्रदर्शित की जाएगी. रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) की तरफ से इस झांकी का थीम होगा सशक्त और सुरक्षित भारत, जिसमें सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना की एक साझा झलक दिखाई पड़ेगी.

अभी तक कर्तव्य पथ पर सेना के तीनों अंगों की अलग-अलग झांकी निकाली जाती है. लेकिन देश की सशस्त्र सेनाओं के एकीकरण और साझेदारी को प्रदर्शित करने के इरादे से ट्राई-सर्विस टेब्लो भी गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनाई गई है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और ऑपरेशन्स एक्सीलेंस को दर्शाती इस झांकी में एक साझा ऑपरेशन्स रूम होगा जिसमें सेना के तीनों अंगों के बीच नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन को दर्शाया जाएगा.

ट्राई-सर्विस टेब्लो पर थलसेना के स्वदेशी अर्जुन मैन बैटल टैंक, वायुसेना के एलसीए तेजस मार्क-2 फाइटर जेट, एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) और नौसेना का जंगी जहाज आईएनएस विशाखापट्टनम सहित एक रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए) के मॉडल भी दिखाए जाएंगे.

इन मॉडल के जरिए मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स में ट्राई-सर्विस सिनर्जी के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन भी होगा.

रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2025 को ईयर ऑफ रिफॉर्म्स घोषित किया है. इसके लिए डीएमए को ज्वाइंटनेस और इंटीग्रेशन का एक खास लक्ष्य सौंपा गया है. देश में साझा थिएटर कमांड बनाने से पहले राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सेनाओं में साझा जिम्मेदारी और एकीकृत कार्रवाई को विकसित किया जा रहा है. अभी देश में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की अलग-अलग कमांड हैं. निकट भविष्य में चीन, अमेरिका और रूस की तर्ज पर साझा थिएटर कमांड बनाने की तैयारी चल रही है. (गणतंत्र दिवस: फ्लाई पास्ट में 40 एयरक्राफ्ट लेंगे हिस्सा, LCA और ध्रुव बाहर)

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.