दुनिया में बढ़ रहे ड्रोन वॉरफेयर के बीच आत्मनिर्भर भारत को मिलने वाला है एक ऐसा अदृश्य योद्धा, जिसका निशाना अचूक है. दुश्मनों के ठिकानों को चुपके से ध्वस्त कर सकता है और सुरक्षित वापस लाया जा सकता है. रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोडक्शन विभाग ने एचएएल के नए ‘कैट्स वॉरियर’ ड्रोन की जानकारी सार्वजनिक की है.
इस कैट्स वॉरियर को इसी साल बेंगलुरु में हुए एयरो इंडिया शो में शोकेस किया गया था.
रक्षा मंत्रालय ने कैट्स वॉरियर को बताया, भारत का गुप्त वफादार विंगमैन
कैट्स वॉरियर अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) को देश की अग्रणी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल बना रही है. रक्षा मंत्रालय की प्रोडक्शन यूनिट ने कैट्स वारियर को भारत का गुप्त वफादार बताते हुए खूबियां गिनाई हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक
- तेजस के साथ उड़ान भरने में सक्षम
- एक पायलट द्वारा नियंत्रित
- सटीकता से हमला करता है
- भविष्य की युद्ध को ध्यान में रखते हुए बनाया गया
- मानवयुक्त जेट के लिए असुरक्षित रिस्की टारगेट के खिलाफ खुद को बलिदान कर सकता है.
इस साल उठाया गया था कैट्स वॉरियर से पर्दा
इस साल फरवरी में हुए एयरो इंडिया शो में एचएएल ने बेहद ही खास इस कैट्स वॉरियर के स्केल मॉडल को प्रदर्शित किया था.कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (सीएटीएस) यानी कैट्स में एचएएल ने एक यूएवी (कैट्स वॉरियर) को स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) से इंटीग्रेट करने का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट शुरू किया है. कैट्स वारियर को बनाने का उद्देश्य है कि दुश्मन की एयर-स्पेस में दाखिल होने के दौरान फाइटर पायलट को कोई नुकसान ना हो. साथ ही पायलट को बैटलफील्ड की स्थिति के बारे में पहले से ही जानकारी हासिल की जा सके. क्योंकि कैट्स वॉरियर, फाइटर जेट (एलसीए) के आगे फ्लाई कर बैटलफील्ड की पहले से जानकारी दे सकता है.
कॉम्बैट ड्रोन है कैट्स वॉरियर
कैट्स वॉरियर एक कॉम्बैट ड्रोन है और इसे मिसाइल और बम से लैस किया जा सकता है. ऐसे में ये दुश्मन देश की सीमा में जाकर हमला भी कर सकता है
कैट्स वॉरियर में हवा से हवा में मार करने वाली दो मिसाइल और दो ही हवा से जमीन (स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन) को भी इंटीग्रेट किया जा सकता है. इन खूबियों के लिए ही कैट्स वॉरियर को ‘लॉयल विंगमैन’ का नाम भी दिया गया है. क्योंकि ये ‘मदरशिप-एयरक्राफ्ट’ के आदेश पर दुश्मन की सीमा में डीप-स्ट्राइक मिशन को भी अंजाम दे सकता है.
एचएएल के मुताबिक, कैट्स वॉरियर का वजन करीब दो टन है और ये 9000 मीटर की ऊंचाई कर फ्लाई कर सकता है. साथ ही ये 300 किलोमीटर के रेडियस में कोई भी बड़ा एक्शन करने में सक्षम है.
ऑपरेशन सिंदूर और बालाकोट जैसे मिशन में नहीं होगा पायलट को कोई खतरा
बालाकोट एयर स्ट्राइक (2019) के दौरान भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 फाइटर जेट आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप पर हवाई हमला करके आए थे. उस दौरान मिराज लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान की एयर-स्पेस में दाखिल होना पड़ा था. ऐसे मिशन में दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम से खतरा हमेशा बना रहता है. साथ ही फाइटर पायलट के हताहत होने का भी खतरा बना रहता है. जैसा कि विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी फाइटर जेट के साथ डॉग फाइट के दौरान हुआ था. ऐसे मिशन को अंजाम देने के लिए ये ‘लॉयल विंगमैन’ बनाया गया है.

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