ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी अड्डों पर एयरस्ट्राइक करने वाले रफाल विमान ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं. भारतीय वायुसेना अपने सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान रफाल (राफेल) के साथ मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज पिच-ब्लैक में हिस्सा ले रही है.
यह प्रतिष्ठित द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास 20 देशों की वायु सेनाओं को एक साथ लाता है. यह अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और परिचालन सहयोग को मजबूत करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है.
इस युद्धाभ्यास में भारत के क्वॉड पार्टनर अमेरिका, जापान, और ऑस्ट्रेलिया के साथ दम दिखाएगा. क्योंकि राफेल फाइटर जेट्स अमेरिका के अत्याधुनिक फाइटर जेट एफ-35 के साथ युद्धाभ्यास करते हुए दिखेंगे.
ऑस्ट्रेलिया पहुंचा भारतीय वायुसेना का दल, दिखेगा शौर्य
04 रफाल विमानों और 2 मालवाहक सी-17 ट्रांसपोर्ट विमान के साथ भारतीय वायुसेना का 120 सदस्य दल, युद्धाभ्यास पिच ब्लैक 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गया है. पिच ब्लैक 2026 युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा. इस युद्धाभ्यास में 20 देशों के करीब 100 जेट एयरक्राफ्ट और 2,500 से अधिक जवान हिस्सा ले रहे हैं.
‘पिच ब्लैक 2026’ में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के विमान शामिल होंगे. साथ ही, न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैनिक भी इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे.
इस साल के आयोजन में जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के एफ-35 लाइटनिंग-2 लड़ाकू विमान और इंडोनेशिया के टी-50आई गोल्डन ईगल विमान पहली बार शामिल होंगे, जबकि फिनलैंड और स्वीडन भी पहली बार अपने जवानों के साथ इसमें हिस्सा लेंगे.
युद्ध जैसी स्थिति का अभ्यास करेंगे: ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने पिच ब्लैक युद्धाभ्यास पर बयान जारी किया है. कहा है कि “ये युद्धाभ्यास, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करेगा. यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभ्यास है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े मिलिट्री ट्रेनिंग इलाकों में से एक में तीन हफ्ते तक जटिल और युद्ध जैसी स्थितियों का अभ्यास किया जाएगा.”
पिच ब्लैक 2026 के अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मिक ने कहा, “यह एक ऐसी जगह है जहां हम मिलकर योजना बनाते हैं, मिलकर लड़ते हैं और वास्तविक व जटिल प्रशिक्षण स्थितियों के माध्यम से एक-दूसरे से सीखते हैं. इस साल का अभ्यास अनुभवों पर आधारित होगा और विशाल मिलिट्री ट्रेनिंग एयरस्पेस के कारण यह हमारे सहयोगियों के बीच एक बहुत पसंद की जाने वाली गतिविधि बनी हुई है.”
हमारे वायुयोद्धा मित्र देशों से रिश्तों को मजबूत करेंगे: भारतीय उच्चायुक्त
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी के पहुंचने की जानकारी देते हुए कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय उच्चायोग को डार्विन में भारतीय वायुसेना की उस टुकड़ी का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जिसमें चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धा शामिल हैं. ये सभी रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के प्रमुख हवाई युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेंगे.”
उच्चायोग ने कहा, “अगले तीन हफ्तों में हमारे वायु योद्धा दूसरे देशों के अपने साथियों के साथ उड़ान भरेंगे इसका मकसद आपसी तालमेल को बेहतर बनाना, कॉम्बैट फ्लाइंग स्किल्स को निखारना, रिश्तों को मजबूत करना और हमेशा कायम रहने वाले संबंध बनाना है.”


5 Comments