Breaking News Conflict LAC

अरुणाचल प्रदेश में सेना का प्रचंड प्रहार, एलएसी के खतरों से निपटने की तैयारी

चीन के साथ भले ही शांति वार्ता जारी है लेकिन भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी तैयारियों को कम नहीं किया है. इसी कड़ी में भारतीय सेना ने वायुसेना की पूर्वी कमान के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश में ‘प्रचंड प्रहार’ नाम की एक्सरसाइज (25-27 मार्च) की है. सेना के तीनों अंगों के साथ मिलकर की गई ये एक मल्टी डोमेन वारफेयर एक्सरसाइज है.

थलसेना और वायुसेना की साझा एक्सरसाइज

प्रचंड प्रहार एक्सरसाइज को थलसेना की पूर्वी कमान (हेडक्वार्टर कोलकाता) ने आयोजित किया. युद्धाभ्यास को अरुणाचल प्रदेश के आंतरिक इलाकों में आयोजित किया गया, जिसमें लॉन्ग रेंज रॉकेट सिस्टम और मीडियम आर्टिलरी (तोप) के अलावा लड़ाकू विमान, अटैक हेलीकॉप्टर, टोही विमान और यूएवी ने हिस्सा लिया. साथ ही लोएटरिंग म्युनिशन और कम्युनिकेशन के लिए सैटेलाइट की मदद भी ली गई. (https://x.com/FinalAssault23/status/1905220001402884173)

रक्षा मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रवक्ता के मुताबिक, युद्धाभ्यास के दौरान एडवांस सर्विलांस, स्ट्राइक क्षमता और मल्टी डोमेन ऑपरेशन प्लानिंग को परखा गया. थलसेना की पूर्वी कमान के कमांडिंग इन चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी और वायुसेना की पूर्वी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, एयर मार्शल सूरत सिंह ने खुद एक्सरसाइज की समीक्षा की.

जनरल तिवारी और एयर मार्शल सूरत सिंह ने युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने वाले सैनिकों की ऑपरेशन्ल उत्कृष्टता और उच्च स्तर की प्रोफेशनलिज्म की सराहना की.

प्रचंड प्रहार इंटीग्रेटेड ट्राई-सर्विस एक्सरसाइज, पिछले साल नवम्बर में हुई पूर्वी प्रहार एक्सरसाइज का ही वृहत प्रारूप है जिसमें मिलिट्री एविएशन की क्षमताओं को परखा गया था. प्रचंड प्रहार में सर्विलांस, कमांड एंड कंट्रोल और प्रसियन फायर पावर का इस्तेमाल किया गया. (https://x.com/easterncomd/status/1905185830152331284)

एलएसी पर शांति लेकिन सैन्य तैयारियों रहेंगी जारी

पिछले साल अक्टूबर में चीन के साथ हुए डिसएंगेजमेंट करार के बाद एलएसी पर शांति है. इसका असर पूर्वी लद्दाख के साथ-साथ एलएसी के दूसरे सेक्टर (अरुणाचल इत्यादि) में भी देखने को मिल रहा है. बावजूद इसके, भारतीय सेना की ऑपरेशन्ल तैयारियों में कोई कमी नहीं आई है. ऐसे में एलएसी पर निगरानी रखने के साथ-साथ सैन्य तैयारियों भी जारी हैं. प्रचंड प्रहार इसी का नतीजा है.

भारतीय सेना के मुताबिक, ये एक्सरसाइज सशस्त्र सेनाओं के बढ़ते एकीकरण, तकनीकी श्रेष्ठता और बहुआयामी खतरों से निपटने की तत्परता को प्रमाणित करती है. सेना के मुताबिक, प्रचंड प्रहार एक्सरसाइज, सामरिक सीमाओं पर सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चुनौती को रोकने और जरूरत पड़ने पर निर्णायक जवाब देने की इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करती है.