Breaking News Middle East War

ईरानियों को अमेरिका पर भरोसा नहीं, सीजफायर डील से जश्न

28 फरवरी के बाद पहली बार ईरान सीजफायर के बाद शांति के माहौल में गूंजी ईरानी लोगों की आवाजें, हाथों में झंडा लेकर लोग खुशी मनाने के लिए उतर गए. अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के ‘अस्थायी सीजफायर’ की घोषणा के बाद ईरान में जश्न का माहौल है.

तेहरान में आधी रात के बाद लोग सड़कों पर निकल आए. सिर्फ तेहरान में ही नहीं ईरान के अलग-अलग शहरों में लोग हाथों में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनई और युद्ध के दौरान मारे गए पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें नजर आईं.

ईरान के अलावा वॉशिंगटन डीसी में भी ईरान के समर्थन में नारेबाजी हुई. लोगों ने सीजफायर के बाद सड़कों पर उतरकर जश्न मनाया. लोगों का मानना है कि सीजफायर लागू होने के बाद ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले रुक जाएंगे.

मिडिल ईस्ट में राहत की सुबह, तेहरान में जश्न

मिडिल ईस्ट के लिए एक राहत भरी सुबह रही. अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग पर 40 दिनों के बाद सीजफायर हो गया है. दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्तों के सीजफायर यानी युद्धविराम की घोषणा कर दी है. इस खबर के आते ही तेहरान में लोग इसे अपनी बड़ी जीत मानकर ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मनाने के लिए उतर गए.

सिर्फ ईरान में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश इराक में भी लोग जश्न में डूब गए. बगदाद के तहरीर स्क्वायर पर हजारों की संख्या में इराकी लोग सड़कों पर उतर आए और सीजफायर की खुशी जाहिर की.

तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और झंडे लहराते नजर आए.

ईरानी महिलाओं को अमेरिका पर नहीं भरोसा

जश्न के बीच कई लोगों ने अमेरिका पर भरोसा न करने की बात कही. कई लोगों ने कहा, “जब भी बातचीत की कोशिश होती है तो अमेरिका हमला कर देता है. हमें भरोसा नहीं है.”

ईरानी लोगों ने शंका जाहिर करते हुए कहा, “समझ नहीं आता है कि जिस देश के राष्ट्रपति ने सभ्यता खत्म करने की धमकी दी, वो कुछ ही घंटों में सीजफायर के लिए कैसे और क्यों मान गया.”

कुछ लोगों ने कहा, कि “ये सीजफायर छलावा है. ईरान के दुश्मन इजरायल को समय देने के लिए है. ताकि वो अगली बार और ताकत से हमारे मुल्क पर अटैक करे.”

इस जश्न के दौरान ईरानी लोगों को अपने नेताओं के खोने का भी दुख है. लोगों ने कहा, “अयातुल्ला खामेनेई और अली लारीजानी जैसे नेताओं की मौत का बदला चाहिए. सीजफायर की जरूरत ही क्या है.”

कश्मीर के शिया मुस्लिम लोगों ने मनाई खुशी 

ईरान ही नहीं अब सीजफायर पर भारत के कुछ शहरों में भी जश्न मनाया गया. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा सहित कई शिया बाहुल्य क्षेत्रों में लोग इसे ईरान की जीत का जश्न मनाने लगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान द्वारा सीजफ़ायर की घोषणा के बाद श्रीनगर में भी लोगों ने सड़कों पर आतिशबाजी की और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए.


सीजफायर से खुश नहीं इजरायल, लेकिन ट्रंप के सम्मान में मानी बात

ईरान के साथ अमेरिका की सीजफायर डील तो हो गई है लेकिन इस दो सप्ताह के समझौते को लेकर इजरायल की अपनी आशंकाए हैं. यही कारण है कि सीजफायर की घोषणा के बाद लेबनान पर इजरायल ने जमकर एयरस्ट्राइक की.

बताया जा रहा हैकि इस सीजफायर डील के लिए इजरायल नहीं तैयार था, क्योंकि ईरान में वह अभी और सैन्य कार्रवाई के जरिए लक्ष्यों को हासिल करना चाहता था.

सीजफायर डील होने के बाद इजरायल ने कहा, लेबनान पर ये डील लागू नहीं होगी और आईडीएफ हिजबुल्लाह को खत्म करके दम लेगा.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *