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इजरायली DG दिल्ली में, ब्रह्मोस के मॉडल के साथ दिखे राजनाथ

मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच इजरायल के रक्षा मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने राजधानी दिल्ली का दौरा किया है. इजरायली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (डीजी) मेजर जनरल आमिर बरम (रिटायर) ने राजधानी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. 

राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मेजर-जनरल बरम (रिटायर) ने भारत के रक्षा मंत्री से इंडिया इजरायल स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की. 

माना जा रहा है कि बैठक के दौरान, भारत और इजरायल के बीच हथियारों के साझा निर्माण पर चर्चा हुई है. जिस कॉन्फ्रेंस हॉल में राजनाथ सिंह और मेजर जनरल बरम के बीच बैठक हुई, वहां भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और पिनाका रॉकेट सिस्टम के मॉडल रखे हुए थे.  

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी ब्रह्मोस का डिमांड

हाल के सालों में भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका को मित्र-देशों को सप्लाई किया है. पिछले महीने भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की डील की थी. पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ब्रह्मोस मिसाइल की डिमांड दुनियाभर में बढ़ गई है. यूएई भी ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत से चर्चा कर रहा है. (भारत के ब्रह्मोस की मांग, वियतनाम ने किया बड़ा सौदा)

ईरान की मिसाइलों के मुकाबले अमेरिका-इजरायल पड़े हल्के

ईरान से जंग के दौरान, इजरायल को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ईरान की मिसाइलों के मुकाबले इजरायल के जखीरे में कोई आधुनिक मिसाइल नहीं दिखाई पड़ी. इजरायल को ईरान पर हमला करने के लिए मिसाइल अटैक के लिए लड़ाकू विमान का इस्तेमाल करना पड़ा था. अमेरिका के जखीरे में भी 90 के दशक की टॉमहॉक मिसाइल के अलावा जमीन से जमीन पर मार करने वाली कोई दूसरी मिसाइल नहीं थी. 

हिजबुल्लाह के जैसे रॉकेट सिस्टम की दरकार इजरायल को

दूसरी तरफ लेबनान से ऑपरेट करने वाले ईरान समर्थित मिलिशिया संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ हमला करने के लिए भी इजरायल के जखीरे में कोई मल्टी रॉकेट लॉन्चर सिस्टम नहीं है. जबकि भारतीय सेना एक लंबे समय से पिनाका रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल करती है. ऐसे में ब्रह्मोस और पिनाका, इजरायल की मारक क्षमताओं को कई गुना बढ़ा सकती हैं. 

ड्रोन के जरिए भी हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है. यही वजह है कि करीब दो साल पहले, इजरायल ने गुजरात की एक कंपनी को करीब 10 हजार ड्रोन बनाने का ऑर्डर दिया था. 

इजरायल ने भी की है भारत की हथियारों से मदद

जरूरत के समय में इजरायल ने भी भारत को ड्रोन इत्यादि की सप्लाई की है. ऐसे में अब अगर इजरायल को जरूरत है तो भारत भी अपने हथियार और सैन्य उपकरण देने के लिए तैयार है. हालांकि, दोनों देशों ने खुलकर ऐसे किसी भी सहयोग को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं. 

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