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कर्तव्य-पथ के आसमान में वायुसेना का तूफान, राफेल सुखोई अपाचे बने आकर्षण

76 वें गणतंत्र दिवस की परेड में जमीन पर प्रलय, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल दिखाई पड़ी तो आसमान में वायुसेना के फ्लाई-पास्ट की गड़गड़ाहट से दुश्मन के कान के पर्दे जरूर फट गए होंगे.  

वायुसेना के राफेल, सुखोई और जगुआर फाइटर जेट ने कर्तव्य पथ के आसमान में ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए कि जिसने भी देखा, दांतो तले उंगली दबा ली.

इस साल गणतंत्र दिवस फ्लाई-पास्ट में भारतीय वायुसेना के 40 एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया. इनमें 22 लड़ाकू विमान थे और 11 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट. साथ ही सात हेलीकॉप्टर भी कर्तव्य-पथ के आसमान में उड़ान भरते दिखाई दिए.

वायुसेना के मुताबिक, फ्लाई-पास्ट में हिस्सा लेने वाले ये 40 विमान, देशभर के 10 अलग-अलग एयर बेस से राजधानी दिल्ली के आसमान में पहुंचें. ये एयरक्राफ्ट, 12 फॉर्मेशन में दिखाई पड़े.

फ्लाई पास्ट की शुरुआत ध्वज फॉर्मेशन से

फ्लाई-पास्ट की शुरुआत ध्वज फॉर्मेशन से हुई जिसमें चार मी-17 हेलीकॉप्टर दिखाई दिए, जो राष्ट्रीय ध्वज के साथ ही सेना के तीनों अंगों के फ्लैग लहराते हुए उड़ान भर रहे थे.

अमेरिका से लिए तीन अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर अजय फॉर्मेशन में उड़ान भरी.

मिग-29, जगुआर, राफेल और सुखोई की दिखाई दी ताकत

तीन मिग-29 लड़ाकू विमान कटार फॉर्मेशन में फ्लाई किए तो पांच जगुआर अमृत फॉर्मेशन में दिखाई दिए. छह राफेल (राफेल) लड़ाकू विमान वज्रांग फॉर्मेशन में कर्तव्य पथ पर मौजूद राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दूसरे वीवीआईपी के साथ ही हजारों की तादाद में मौजूद दर्शकों को रोमांचित किया.

फ्लाई-पास्ट में तीन सुखोई लड़ाकू विमान, त्रिशूल फॉर्मेशन में थे तो एक नेत्रा टोही विमान के साथ दो अन्य सुखोई ने फ्लाई किया.

इंडियन कोस्टगार्ड के डोर्नियर विमान रक्षक फॉर्मेशन में

इस बार गणतंत्र दिवस फ्लाई पास्ट में तटरक्षक बल के तीन डोर्नियर एयरक्राफ्ट, रक्षक फॉर्मेशन में दिखाई पड़े. साथ ही दो डोर्नियर विमान, एक एएन-32 एयरक्राफ्ट के साथ सतलुज फॉर्मेशन में थे.

पहली बार सी-295 एयरक्राफ्ट

मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही निर्मित, दो सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी फ्लाई-पास्ट का हिस्सा थे. वायुसेना का सबसे बड़ा मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 ग्लोबमास्टर भी फ्लाइ-पास्ट का हिस्सा बना.

फ्लाइ-पास्ट का समापन राफेल लड़ाकू विमान की विजय और वर्टिकल-चार्ली मैनुवर से हुआ.

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना के 144 वायु-योद्धा कदम ताल करते दिखाई दिए. टुकड़ी का नेतृत्व किया स्क्वाड्रन लीडर महेंद्र सिंह. फ्लाइट-लेफ्टिनेंट दामिनी देशमुख, फ्लाइट लेफ्टिनेंट नेपो मोइरांथेम, फ्लाइंग ऑफिसर अभिनव घोष सुपरन्यूमरेरी ऑफिसर के तौर पर मार्च पास्ट का हिस्सा थे.

परेड में वायुसेना के 72 संगीतज्ञों के बैंड ने भी शिरकत किया. ये बैंड राष्ट्रपति के मंच के सामने साउंड बैरियर की धुन बजाता हुआ गुजरा.

एलसीए तेजस फ्लाई पास्ट से बाहर

सिंगल इंजन होने के कारण, वायुसेना ने इस साल स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस को फ्लाई पास्ट से बाहर कर दिया गया.

नहीं दिखाई दिए एएलएच ध्रुव

हाल ही में पोरबंदर में हुए क्रैश के कारण स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर भी फ्लाई पास्ट का हिस्सा नहीं बनाया गया. ये ध्रुव हेलीकॉप्टर, इंडियन कोस्टगार्ड का था. लेकिन हादसे के बाद सशस्त्र सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी एएलएच हेलीकॉप्टर्स को ग्राउंड कर दिया गया है. हादसे के कारण साफ होने के बाद ही स्वदेशी लाइट हेलीकॉप्टर को उड़ान की क्लीयरेंस मिल पाएगी.


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