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कनाडा में निज्जर के हत्यारे गिरफ्तार, साजिश अनसुलझी

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में मामले कनाडा ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है. कनाडाई पुलिस का दावा है कि ये तीनों भारत के टॉप गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से ताल्लुक रखते हैं. हालांकि, कनाडा ने अभी तक हत्या का कारण और इस मामले के सीधे भारत सरकार से जुड़े होने का खुलासा नहीं किया है. यानी जिस हत्याकांड को लेकर भारत और कनाडा के संबंधों में जबरदस्त कड़वाहट आई है उसको लेकर अभी तक सही सही फिलहाल कुछ कह पाना मुश्किल है. 

जिस खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत-कनाडा का रिश्तों में तल्खी आ गई थी, उस हरदीप सिंह निज्जर के असली शूटर्स का चेहरा बेनकाब हो गया है. खालिस्तानी समर्थक पीएम जस्टिन ट्रूडो ने जिस निज्जर की हत्या में भारत की खुफिया एजेंसी पर निराधार आरोप लगाए थे, उसके असली मास्टरमाइंड पर बड़ा खुलासा हुआ है. जिस निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के बेबुनियाद आरोपों पर सबूत मांगते मांगते भारतीय विदेश मंत्रालय थक गया, उसकी हत्या के 11 महीने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा रॉयल कनाडा माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने किया है. 

कनाडा पुलिस का दावा है कि 22 साल के करण बरार, 22 साल का कमलप्रीत सिंह और 28 साल के करणप्रीत सिंह ने ही हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की थी. तीनों को कनाडा पुलिस ने अल्बर्टा के एडमोंटन शहर से गिरफ्तार किया है. कनाडा पुलिस ने तीनों आरोपियों की तस्वीरों के साथ उस कार की तस्वीरें भी जारी की हैं जिसका इस्तेमाल हत्या के दौरान किया गया था. कहा जा रहा है तीनों ‘हिट स्क्वाड’ के सदस्य हैं और भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेन्स बिश्नोई से कनेक्शन है.

लॉरेन्स बिश्नोई ने करवाई निज्जर की हत्या ?
कनाडा की इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेटिव टीम (आईएचआईटी) ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के 3 आरोपियों को शुक्रवार (3 मई) को गिरफ्तार किया. ये तीनों भारतीय मूल के हैं और अस्थायी वीजा पर कनाडा में रह रहे हैं. करण, कमलप्रीत और करणप्रीत सिंह वर्ष 2021 में कनाडा गए थे. जानकारी के मुताबिक, इनके पास स्टूडेंट वीजा था लेकिन किसी ने भी कनाडा में पढ़ाई नहीं की. 

गिरफ्तार आरोपियों का कनेक्शन हरियाणा और पंजाब के बड़े क्रिमिनल सिंडीकेट से बताया जा रहा है. कनाडा पुलिस ने तीनों पर फर्स्ट डिग्री मर्डर और हत्या की साजिश रखने के आरोप में केस दर्ज किया है. कनाडाई पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, निज्जर की हत्या को अंजाम देने में तीनों आरोपियों ने अलग-अलग रोल में थे. इनमें से एक पर निज्जर की लोकेशन पता करने की जिम्मेदारी थी, दूसरा आरोपी ड्राइवर था और तीसरे ने उस पर गोली चलाने का काम किया. निज्जर की हत्या के बाद कनाडा में एक और खालिस्तानी आतंकी सुखदूल उर्फ सुक्खा दुनुके की हत्या हुई थी. दुनुके की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेन्स बिश्नोई ने ली थी. इसलिए शक है कि क्या लॉरेन्स बिश्नोई ने ही निज्जर की हत्या करवाई थी ?

कनाडा की रॉयल पुलिस ने क्या कहा?
कनाडा की केंद्रीय पुलिस एजेंसी केंद्रीय आरसीएमपी के असिस्टेंट कमिश्नर डेविड टेबाउल ने बताया कि “हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने के आरोप में 3 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में एक अलग जांच की जा रही है जो इन गिरफ्तार लोगों से संबंधित नहीं है. भारत सरकार के कनेक्शन की जांच भी की जा रही है. जांच इन तीनों की गिरफ्तारी पर खत्म नहीं हुई है.” 

आरसीएमपी ने जांच के मामले में भारत की सहयोगी एजेंसियों के साथ सहयोग का जिक्र किया. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कनाडा के सुरक्षा मंत्री डोमिनिक लेब्लांक से निज्जर हत्या केस में सवाल पूछे गए. तो लेब्लांक ने कहा कि “मुझे कनाडा की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस पर पूरा भरोसा है. पुलिस ने निज्जर हत्या केस को काफी गंभीरता से लिया है. इसके भारत से लिंक होने या न होने का जवाब पुलिस बेहतर तरह से दे पाएगी.”

ट्रूडो ने भारत पर लगाए थे आरोप
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कई मौकों पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगा चुके हैं. हाल ही में ट्रूडो खालिस्तानियों के कार्यक्रम में मुस्कुराते हुए भी नजर आए थे. ताजा एक बयान में ट्रूडो ने फिर से भारत सरकार पर आरोप लगाए थे कि भारत के एजेंट कनाडा की जमीन पर कनाडा के नागरिक की हत्या में शामिल थे. जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत सरकार ने कहा है कि ट्रूडो के बयान ने एक बार फिर बता दिया है कि “कनाडा में अलगाववाद, चरमपंथ और हिंसा को पॉलिटिकल स्पेस” दिया गया है.”

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