एशिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस प्रदर्शनी के पहले दिन, देश-विदेश के कई आधुनिक और घातक फाइटर जेट ने हिस्सा लिया. भारत ने एयरो इंडिया-2025 के स्वागत समारोह में, फ्लाई पास्ट की शुरुआत की अपने सबसे नए स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलसीए मार्क-1ए से. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे.
पिछले दो सालों से अमेरिका से एविएशन इंजन की आस लगाए बैठे रहने के कारण एलसीए मार्क-1ए विवादों में था. लेकिन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने चार एलसीए मार्क-1ए बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया. इसमें दो ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं.
समारोह के दौरान चारों मार्क-1ए फिंगर फॉर फोर्मेशन में उड़े, जिसे योद्धा फोर्मेशन का नाम दिया गया. बाद में एक सिंगल मार्क-1ए प्रोटोटाइप ने जबरदस्त एरियल डिस्प्ले कर बेंगलुरु के येलाहंका एयरफोर्स स्टेशन में मौजूद देश-विदेश के मेहमानों का दिल जीत लिया.
लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क-1ए को ‘अल्फा’ के नाम से भी जाना जाता है और एलसीए मार्क-1 (तेजस) से एडवांस और ज्यादा घातक है.
एलसीए तेजस से ज्यादा घातक है मार्क-1ए
वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 83 एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का सौदा किया था. इनमें से 10 मार्क-1ए ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं. एचएएल का दावा है कि 2027-28 तक वायुसेना को सभी मार्क-1ए एयरक्राफ्ट मिल जाएंगे. मार्क-1ए फाइटर जेट बीवीआर यानी बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल (अस्त्रा), एयर टू एयर रिफ्यूलिंग, आइसा रडार, इलेक्ट्रोनिक वारफेयर सूट और अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम के चलते एलसीए तेजस (मार्क-1) से ज्यादा घातक है.
83 विमानों का ऑर्डर, 97 तेजस की मंजूरी
भारतीय वायुसेना (रक्षा मंत्रालय) ने 83 तेजस एमके-1ए का ऑर्डर एचएएल को दे दिया है. इसके लिए 48 हजार करोड़ रुपए की लागत आई है. वायुसेना अब 97 और तेजस का ऑर्डर देने पर विचार कर रही है. 97 विमानों के लिए 65 हजार करोड़ रुपये का एक और ऑर्डर दिए जाने की उम्मीद है, क्योंकि इसके लिए सरकार की मंजूरी मिल गई है.
मिग-21, मिग-29 और मिराज विमानों को करेगा रिप्लेस
पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के नाल एयरबेस (बीकानेर) पर मार्क-1ए की पहली स्क्वाड्रन तैनात की जाएगी जिसे कोबरा के नाम से जाना जाएगा. इस साल के अंत तक नाल में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क-1ए की पूरी स्क्वाड्रन तैयार हो जाएगी. शुरुआत में मार्क-1ए की तीन स्क्वाड्रन को खड़ा किया जाएगा. ये तीनों ही स्क्वाड्रन वेस्टर्न बॉर्डर यानी पाकिस्तानी से सटी सीमा के फॉरवर्ड लोकेशन एयरबेस पर तैनात की जाएगी. माना जा रहा है कि दूसरी स्क्वाड्रन गुजरात के कच्छ में नलिया एयर बेस पर तैनात की जाएगी.


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