अमेरिका-ईरान के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का विरोध करने वाले इजरायली रक्षा मंत्री बेन ग्वीर ने लेबनान पर दिया है कड़ा बयान. सैन्य एक्शन के दौरान इजरायली सेना के अधिकारी समेत 04 जवानों की मौत से भड़के मंत्री ने कहा है कि लेबनान को जलना चाहिए. बेन ग्वीर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कड़ा एक्शन लेने की मांग की है.
बेन ग्वीर ने हिजबुल्लाह के हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इजरायली माताओं के आंसू का बदला लेबनानी माताओं के आंसुओं से लिया जाएगा. दरअसल इजरायली एयरस्ट्राइक के विरोध में लेबनानी गुट हिजबुल्लाह की ओर से जवाबी कार्रवाई के तौर पर दागे रॉकेटों से इजरायल के 4 सैनिकों की मौत हुई थी, वहीं इजरायली कार्रवाई में 15 से ज्यादा लोगों की मौत हुई.
हालांकि अमेरिका के दबाव में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू हो गया है, क्योंकि ईरान की ओर से कहा गया है कि अगर लेबनान में हमले नहीं रुके तो इसका जिम्मेदार अमेरिका होगा और एमओयू का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.
पूरा लेबनान जलना चाहिए: इजरायली रक्षा मंत्री
लेबनान और इजरायल में भले ही युद्धविराम की घोषणा कर दी गई हो, लेकिन अपने 04 सैनिकों की मौत से इजरायली रक्षा मंत्री बेन ग्वीर भड़के हुए हैं. बेन ग्वीर ने एक्स पोस्ट पर लिखा, “इजरायली मां के हर आंसू के बदले एक हजार लेबनानी माताओं को रोना चाहिए. पूरा लेबनान जलना चाहिए.”
बेन ग्वीर ने लिखा, “अमेरिकियों के प्रति सम्मान के साथ कहता हूं कि इजरायल को पूरी दुनिया को साफ संदेश देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौते की चीज नहीं है. इजरायली नागरिकों और आईडीएफ के सैनिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ये प्रतिबद्धता हर किसी भी दूसरी बात से ज्यादा अहम है.”
“मैंने प्रधानमंत्री से हमारी निजी मुलाकातों ने भी यही कहा था- इजरायली मां के हर आंसू के बदले लेबनानी हजारों माताओं को रोना चाहिए.”
बंद करो ये पिंग-पॉन्ग वाला खेल: इजरायली रक्षा मंत्री
बेन ग्वीर यहीं नहीं रुके. आगे टिप्पणी करते हुए कहा, “अब ये पिंग-पॉन्ग का खेल बहुत हो चुका. मिडिल ईस्ट में आप नपे-तुले जवाब और संयम से नहीं जीत सकते. पर आपको कुछ खत्म करने के लिए पूरी ताकत से हमला करना होगा और आतंकवाद को पूरी तरह नष्ट करना होगा, कुचलना होगा.”
हाल ही में बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान में हुए समझौते को लेकर भी तल्ख टिप्पणी की थी और कहा था कि “इजरायल कोई बनाना रिपब्लिक देश नहीं है और न ही अमेरिका के अधीन है. इजरायल को यहूदियों को सुरक्षित बनाने के लिए जो कुछ कदम उठाना होगा, हमारी सेना उठाएगा और अपने देश को सुरक्षित बनाएगी.”
इजरायल और लेबनान के बीच हुआ सीजफायर
ईरान की होर्मुज स्ट्रेट धमकी के बाद, इजरायल और हिजबुल्लाह लेबनान सीमा पर सीजफायर पर सहमत हुए हैं. अमेरिका, कतर और ईरान की मध्यस्थता से यह समझौता शुक्रवार को लागू हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इजरायल पर दबाव बना रहे थे कि आईडीएफ लेबनान पर हमले रोके. अब जब फ्रांस में ट्रंप ने ईरान के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, तो इजरायली पीएम को एक बार फिर से अमेरिका की ओर से समझाया गया और सीजफायर पर सहमति बना ली जाए.
इजरायल मंजूर हो गया है, लेकिन ये सीजफायर कब तक रहेगा, इसपर संशय बरकरार है, क्योंकि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है, कि अगर हिजबुल्लाह ने हिमाकत की तो सब्र का बांध टूट जाएगा और हिजबुल्लाह के खात्मे के बाद ही आईडीएफ दम लेगी.

