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शांति का मतलब आत्मसमर्पण नहीं, मैक्रों ने ट्रंप को टोका

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, वाशिंगटन डीसी पहुंचे थे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने, लेकिन मैक्रों का तेवर, ट्रंप पर भारी दिखा. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप का हाथ पकड़कर लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोका तो रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की पैरवी कर रहे ट्रंप के सामने ये भी कह डाला कि “शांति का मतलब आत्मसमर्पण नहीं होता.”

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले यूरोपीय राष्ट्राध्यक्ष हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे हैं. कुछ दिनों बाद इसी कड़ी में ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर भी डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं.

मैक्रों ने सुधारी बड़बोले ट्रंप की गलती, झेंप गए ट्रंप

वाशिंगटन डीसी में डोनाल्ड ट्रंप और इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रूस-यूक्रेन का युद्ध अहम मुद्दा था. इस दौरान ट्रंप और मैक्रों की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. इस दौरान पहली बार ऐसा हुआ कि लंबी-लंबी हांकने वाले डोनाल्ड ट्रंप को किसी राष्ट्राध्यक्ष ने टोक दिया.

जब ट्रंप पत्रकारों से बात कर रहे थे तो मैक्रों ने हाथ पकड़ कर टोका और उनके दावे को सुधारा, उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप, एक पत्रकार के सवाल का जवाब दे रहे थे. मैक्रों के टोकने की घटना लाइव कैमरे पर हुई, जिसके बाद ट्रंप झेंपते दिखे.

पत्रकारों के सामने ट्रंप ने दावा किया कि यूरोप “यूक्रेन को पैसे उधार दे रहा है और अपना पैसा वापस ले रहा है.” जबकि ये अमेरिका है जिसने यूक्रेन को जंग लड़ने के लिए असली पैसा दिया है.

ट्रंप ऐसा बोल ही रहे थे कि मैक्रों ने ट्रंप का हाथ पकड़कर उन्हें रोका और टोका, मैक्रों ने कहा, “नहीं, वास्तव में ये नहीं है. सच कहूं तो हमने पेमेंट किया है. इस जंग में जितना खर्च हुआ है उसका 60% भुगतान किया है. अगर साफ साफ कहा जाए तो अमेरिका ने लोन, गारंटी, ग्रांट ने दिया लेकिन हमने असली पैसा दिया है.” (https://x.com/ReallyAmerican1/status/1894111188125974774)

शांति के बदले यूक्रेन को मिलनी चाहिए सुरक्षा गारंटी: मैक्रों

मैक्रों ने कहा, ‘शांति का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि यूक्रेन को बिना सुरक्षा गारंटी के युद्ध विराम के लिए मजबूर किया जाए. शांति का अर्थ यूक्रेन की संप्रभुता को बनाए रखना और उसे अन्य देशों के साथ बातचीत करने का मौका देना होना चाहिए. मैक्रों ने पत्रकारों को कहा, हम शांति चाहते हैं, वह शांति चाहते हैं हम शीघ्र शांति चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा समझौता नहीं चाहते जो कमजोर हो. किसी भी शांति समझौते का मूल्यांकन, जांच और सत्यापन किया जाना चाहिए.शांति का मतलब यूक्रेन का आत्मसमर्पण नहीं होना चाहिए. 

उम्मीद है कि इस सप्ताह या अगले सप्ताह जेलेंस्की अमेरिका आएंगे: ट्रंप

ट्रंप और उनकी टीम यूक्रेन के साथ खनिज राजस्व को बांटने के समझौते पर बातचीत कर रही है, ताकि पिछले बाइडेन प्रशासन द्वारा रूस को पीछे हटाने के लिए हथियारों के रूप में कीव को भेजे गए कुछ धन को वापस लिया जा सके. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “जेलेंस्की इस सप्ताह या अगले सप्ताह समझौते को अंतिम रूप देने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका आएंगे.”

ट्रंप ने रूस के साथ आर्थिक विकास साझेदारी की इच्छा जताई, लेकिन ये कहा, कि प्राथमिकता युद्ध खत्म करना है. ट्रंप ने कहा,”रूस के पास दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है. यदि हम ऐसा कर सकें तो यह विश्व शांति के लिए अच्छा होगा.” (https://x.com/SprinterObserve/status/1894301871214309435)

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