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सेना के लिए पहली प्राइवेट देसी तोप, टाटा और भारत फोर्ज के कंधों पर 307 ATAGS की जिम्मेदारी

देश के इतिहास में पहली बार प्राईवेट कंपनियों द्वारा बनाई गई किसी स्वदेशी तोप को भारतीय सेना के लिए खरीदा जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम और भारत फोर्ज कंपनियों से 307 स्वदेशी एडवांस टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) यानी एटैग्स तोप खरीदने का करार किया है. इस डील की कुल कीमत 6900 करोड़  हैं.

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने 155 मिमी X 52 कैलिबर की अटैग्स गन को तैयार किया है और लाइसेंस के तहत टाटा और भारत फोर्ज कंपनियां इसका उत्पादन करेंगी. इन 307 गन्स में से 60 प्रतिशत भारत फोर्ज बनाएगा और बाकी 40 प्रतिशत टाटा एडवांस.

बुधवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने टाटा और भारत फोर्ज के साथ इस करार पर हस्ताक्षर किए.

इस साल 1.40 लाख करोड़ के हथियार और सैन्य साजो सामान का करार

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस करार के साथ, चालू वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक रक्षा मंत्रालय द्वारा पूंजीगत खरीद के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये के कुल अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं. अनुबंध हस्ताक्षर के दौरान, डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पुणे के एटीएजीएस के परियोजना निदेशक, जिन्होंने परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, को उनके अपार योगदान के लिए रक्षा सचिव द्वारा सम्मानित किया गया.

सेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी एटैग्स तोप

155 मिमी X 52 एटीएजीएस पुरानी और छोटी कैलिबर वाली तोपों की जगह लेगी और सेना की तोपखाना क्षमताओं को बढ़ाएगी. इस तोप प्रणाली की खरीद आर्टिलरी रेजिमेंटों के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण कदम है, जिससे परिचालन तत्परता में वृद्धि होगी. अपनी असाधारण मारक क्षमता के लिए प्रसिद्ध एटीएजीएस, सटीक और लंबी दूरी के हमलों को सक्षम करके सेना की मारक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

सेना का मानना है कि ये तोप आधुनिक युद्ध कला में गेम-चेंजर साबित होने जा रही है. एटीएजीएस की रेंज करीब 40 किलोमीटर है. 25 लीटर के चेंबर वाली ये गन, दुनिया की एक मात्र ऐसी तोप है जिसमें इलेक्ट्रिक ड्राइव्स है. इसके चलते एटीएजीएस की मेंटेनेंस बेहद कम होती है और लंबे समय तक इस्तेमाल की जा सकती है. एटैग्स में 80 प्रतिशत स्वदेशी कंटेंट है और हर तरह की टेरेन में ऑपरेट कर सकती है.

हर मिनट करती है पांच राउंड फायरिंगस, 15 आर्टिलरी रेजीमेंट की तैयारी

सेना के मुताबिक, एटैग्स गन से सभी तरह के 155 एमएम एम्युनिशन को फायर किया जा सकता है, जिसमें हाई एक्सप्लोसिव, प्रेसेशियन गाइडेड, स्मोक एंड इल्युमिनेशन शैल शामिल है. ये गन, हर मिनट पांच राउंड फायरिंग कर सकती है और लगातार 60 मिनट तक 60 राउंड दाग सकती है.

एटैग्स गन को पहली बार वर्ष 2017 में गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित किया गया था. इसके बाद 75वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार किसी स्वदेशी गन ने 21 तोपों की सलामी दी थी.

इन 307 स्वदेशी तोपों से भारतीय सेना, 15 आर्टिलरी रेजीमेंट खड़ी करने की तैयारी कर रही है.