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बाइडेन के बाद मोदी ने किया पुतिन को फोन, यूक्रेन युद्ध रोकने पर हुई चर्चा

रूस-यूक्रेन में पिछले कुछ दिनों में शुरू हुए आक्रामक हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है. मोदी की पुतिन से बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से हुई बात के महज 24 घंटे के भीतर हुई है. साफ है कि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कर शांति स्थापित करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. 

पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत पर दुनिया की नजर इसलिए है, क्योंकि पुतिन से पहले पीएम मोदी और जो बाइडेन के बीच फोन पर तमाम मुद्दों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है. हाल ही पीएम मोदी यूक्रेन दौरे से लौटे हैं, लिहाजा भारत की मध्यस्थता को लेकर पूरी दुनिया आशान्वित है. मंगलवार को पीएम मोदी और पुतिन के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा कई अहम मुद्दों को लेकर बातचीत हुई है. इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को एक बार फिर से कहा है “भारत शांतिपूर्ण समाधान को लेकर प्रतिबद्ध है.”

पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन में क्या बात हुई?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा-“आज राष्ट्रपति पुतिन से बात की.  रूस-यूक्रेन संघर्ष (युद्ध) और यूक्रेन की हाल की यात्रा से प्राप्त नजरिए पर विचारों का आदान-प्रदान किया. रूसी राष्ट्रपति के साथ विशेष और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने आगे लिखा कि “संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए भारत दृढ़ है.” (पीएम मोदी एक बार फिर जाएंगे रूस, अक्टूबर में है BRICS सम्मेलन)

सोमवार को बाइडेन और पीएम मोदी के बीच बात हुई
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के बीच भी फोन वार्ता हुई थी. इस बातचीत के बाद विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया था कि पीएम मोदी और बाइडेन ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई थी. लेकिन व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान पर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया. व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में सिर्फ रूस यूक्रेन युद्ध का ही जिक्र किया गया है.

23 अगस्त को यूक्रेन के दौरे पर थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन के दौरे पर गए थे. इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत में पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा था कि कूटनीति और बातचीत के जरिए युद्ध का मुद्दा सुलझाना चाहिए. बिना रूस के कोई भी शांति वार्ता नहीं की जा सकती है. वहीं जेलेंस्की ने कहा था कि अगर भारत मध्यस्थता करता है तो वो तैयार है.

पीएम मोदी के यूक्रेन दौरे को कूटनीतिक तौर पर बैलेंस करने वाला बताया गया था. क्योंकि रूस में पुतिन से मुलाकात के बाद कई पश्चिमी देशों की पीएम मोदी के रूस दौरे पर तिरछी नजर थी. वहीं दुनिया के तमाम देश इस बात को भी स्वीकार करते हैं कि पीएम मोदी ही वो वैश्विक नेता हैं जो यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध को रुकवा सकते हैं.

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