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भारतीय सेना के लिए 73 हजार अतिरिक्त सिग-सॉर राइफल का ऑर्डर, अमेरिकी कंपनी ने दी जानकारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के यूएस दौरे से लौटने के तुरंत बाद ही भारतीय सेना को अमेरिका से 73 हजार अतिरिक्त सिग-सॉर असॉल्ट राइफल मिलने की खबर सामने आई है. राइफल बनाने वाली अमेरिकी कंपनी सिग-सोर ने इस बात की घोषणा की है. गौरतलब है कि सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बातचीत की थी.

भारतीय सेना ने वर्ष 2019 में भी 72,400 सिग-716 राइफल का ऑर्डर दिया था. ये राइफल भारतीय सैनिक एलओसी और एलएसी से लेकर जम्मू-कश्मीर में इस्तेमाल कर रहे हैं. पांच साल बाद अतिरिक्त ऑर्डर मिलने पर सिग-सॉर कंपनी के सीईओ रोन कोहेन ने बयान जारी कर कहा कि “सिग-716 की प्रारंभिक फील्डिंग के बाद से हमें प्लेटफ़ॉर्म (राइफल) के प्रदर्शन और विश्वसनीयता पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है. इस दौरान, हमने भारत के रक्षा मंत्रालय के साथ अपनी साझेदारी को अधिक मजबूत किया है और अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को सुसज्जित करने के लिए निरंतर विश्वास अर्जित करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं.”

73 हजार अतिरिक्त सिग-716 राइफल मिलने के बाद भारतीय सेना के पास कुल 1,45,400 अमेरिकी राइफल हो जाएंगी. कोहेन के मुताबिक, “हमें भारतीय सेना के आधुनिकीकरण प्रयास में भागीदार होने पर गर्व है, और इससे भी अधिक गर्व इस बात पर है कि सिग-716 राइफल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना के साथ रक्षा मंत्रालय के आधुनिकीकरण लक्ष्यों को प्राप्त करती है.”

गैस ऑपरेटेड रोटेटिंग बोल्ट सिस्टम वाली बेहद हल्की (करीब 4 किलोग्राम) इस असॉल्ट राइफल की रेंज करीब 600 मीटर है. 7.62X 51 एमएम वाली सिग-सॉर राइफल के बैरल की लंबाई 16 इंच है. इसे स्नाइपर राइफल के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

दरअसल, वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मेक इन इंडिया के तहत एके-203 असॉल्ट राइफल के निर्माण के लिए कोरवा में एक साझा प्लांट का उद्घाटन किया था. लेकिन पहले कोविड महामारी, यूक्रेन युद्ध और फिर लेन-देन में आ रही दिक्कतों के चलते प्लांट में राइफल के निर्माण में देरी हो रही थी.

इस बीच वर्ष 2020 में गलवान घाटी की झड़प और पूर्वी लद्दाख में चीन से शुरू हुए विवाद के चलते भारतीय सेना को आनन-फानन में अमेरिका से 72 हजार सिग-सॉर राइफल्स की खेप का ऑर्डर देना पड़ा था. कोरबा प्लांट के उत्पादन में देरी के चलते वर्ष 2021 में भारतीय सेना को 70 हजार एके-203 राइफल भी सीधे रुस से ऑफ द सेल्फ खरीदने की खबर भी सामने आई थी.

हालांकि, कोरबा प्लांट में एके-103 राइफल का निर्माण शुरु हो चुका है और पिछले महीने (जुलाई में) ही यहां निर्मित 35 हजार राइफल की सप्लाई भारतीय सेना को की गई थी. बावजूद इसके भारतीय सेना को असॉल्ट राइफल की कमी महसूस हो रही थी. यही वजह है कि रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी को 73 हजार अतिरिक्त सिग-सॉर राइफल का ऑर्डर दिया है.

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