जापान के दो दिवसीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम शिगेरू इशिबा ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई है. पीएम नरेंद्री मोदी ने जापान में बुलेट ट्रेन के सफर से पहले इशिबा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान जापानी पीएम ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और उनके सहयोगियों सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध सभी आतंकवादी समूहों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया.
वहीं हमेशा टैरिफ, ट्रेड की अकड़ दिखाने वाले डोनाल्ड ट्रंप के कारण जापान ने अमेरिका के साथ होने वाली ट्रेड डील लटका दी. जापान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज पर बातचीत को अचानक रोक दिया है.
जापानी पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सुर में सुर मिलाया
पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की “स्पष्ट और कड़ी” निंदा की है. इशिबा ने कहा, “पहलगाम के गुनहगारों को बिना किसी देरी के जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाए.”
भारत-जापान के प्रधानमंत्रियों ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “आतंकियों की फंडिंग, अंतरराष्ट्रीय अपराध के साथ उनके गठजोड़ को खत्म करने और आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को रोकने का आह्वान किया. जापानी पीएम ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और 29 जुलाई की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद निगरानी दल की रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें टीआरएफ का उल्लेख था.”
आतंकवाद के मौजूदा नेटवर्क को तोड़ना जरूरी: जापान
प्रधानमंत्री इशिबा ने आतंकियों को फंडिग पर चिंता जताई. इशिबा ने “आतंकियो, उनके आयोजकों और वित्तपोषकों (फाइनेंसर) को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया. दोनों नेताओं ने यह भी दोहराया कि आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करना, आतंकी फंडिंग चैनलों को खत्म करना, और आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध के बीच मौजूद नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है.”
आतंकी संगठनों को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए: पीएम इशिबा
प्रधानमंत्री इशिबा ने “अल कायदा, आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके समर्थकों सहित सभी संयुक्त राष्ट्र में लिस्टेड सभी आतंकवादी समूहों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई किए जाने की बात कही. साथ ही आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया.”
भारत-जापान के बीच 21 समझौतो पर हस्ताक्षर
- पीएम मोदी और जापानी पीएम इशिबा ने कई अहम समझौतों पर सहमति जताई है. भारत-जापान का अगले दशक के लिए संयुक्त दृष्टिकोण सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा की.
- इसके अलावा भारत और जापान ने सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणा की है. इसके तहत दोनों देश मिलकर नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेंगे.
- दोनों देशों ने अगले पांच साल में करीब 5 लाख लोगों के आपसी आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है. इसमें भारत से 50,000 कुशल और अर्धकुशल लोग जापान में काम करने जाएंगे.
- भारत की इसरो और जापान की जेएएक्सए मिलकर चंद्रयान-5 मिशन पर काम करेंगे. दोनों देश चांद के ध्रुवीय इलाकों की खोज के लिए एक साथ मिशन चलाएंगे.
- भारत का सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट और जापान का विदेश मंत्रालय आपसी प्रशिक्षण में साथ देंगे. साथ ही दोनों देशों के वैज्ञानिक और स्टार्टअप भी रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में मिलकर काम करेंगे.
- महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रोसेसिंग के लिए भारत और जापान ने साझेदारी की है. इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और संयुक्त निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
- इसके अलावा तकनीक, पर्यावरण और सांस्कृतिक समझौतों पर सहमति जताई गई है.
जापान ने दिया अमेरिका को झटका, ट्रेड डील खटाई में लटकी
प्रधानमंत्री मोदी के जापान यात्रा से पहले अमेरिका को बड़ा झटका लगा था. जापान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज पर बातचीत को अचानक रोक दिया है. जापान के ट्रेड नेगोशिएटर (वार्ताकार) रयोसेई अकाजावा 550 अरब डॉलर की ट्रेड डील के लिए अमेरिका जा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी. जापान के वार्ताकार रयोसेई अकाजावा ने अपना अमेरिकी दौरा अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया.
जापान की ओर से कहा गया कि, “अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत के दौरान कुछ ऐसे मुद्दे सामने आए हैं जिन पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा करने की जरूरत है। ऐसे में यात्रा रद्द कर दी गई है.”
टोक्यो ने यह पैकेज अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ में छूट पाने के लिए पेश किया है. अकाजावा वाशिंगटन जाने वाले थे. वहां वह निवेश की शर्तों को तय करते. लेकिन जापान ने यूटर्न ऐसे समय में लिया है, जब पीएम मोदी जापान के दौरे पर थे. अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाया है.