By Nalini Tewari
यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के बीच रूस-उत्तरी कोरिया ने कुछ ऐसा कर डाला है, जिससे वेस्ट देशों की नजरें टिक गई है. रूस-नॉर्थ कोरिया ने अपने पहले ऐतिहासिक रोड ब्रिज को शुरु कर दिया है, जो दोनों देशों को डायरेक्ट जोड़ेगा. अभी तक नॉर्थ कोरिया और रूस के बीच ट्रेन के जरिए ही आवाजाही थी, लेकिन अब नदी पर बनाए गए इस पुल से दोनों देशों के बीच गाड़ियां आ जा सकेंगी.
इस पुल के शुरु होने से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन ने खुशी जताई हैं. दोनों बेहद करीबी मित्र माने जाते हैं, यहां तक कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में तमाम दबावों के बावजूद किम जोंग ने अपने सैनिकों को रूसी सेना के पक्ष में उतार दिया था.
तुमेन नदी पर बना पुल, सड़क मार्ग से जुड़ा रुस और उत्तर कोरिया
रुस-नॉर्थ कोरिया ने दोस्ती का नया अध्याय लिखा है. दोनों देशों ने पहली बार तुमेन नदी पर एक पुल बनाकर आवाजाही आसान कर दी है. यह नया पुल रूस के सुदूर पूर्वी इलाके खासान को उत्तर कोरिया के तुमांगांग शहर से सीधे जोड़ता है. अब दोनों देशों के बीच सीधे सड़क रास्ते से लोगों और सामान की आवाजाही का नया रास्ता खुल गया है. (https://www.instagram.com/reel/DdApO96yvbu/?stkn=MXVpNXRzYjhheWhwaw==)
पुल के उद्घाटन समारोह में नॉर्थ कोरिया और रूसी प्रशासन मौजूद रहा तो वहीं रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन वीडियो लिंक के जरिए जुड़े.
इस मौके पर रूसी पीएम ने कहा, “यह नया सड़क संपर्क पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है. मिपुल के उद्घाटन समारोह में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन वीडियो लिंक के जरिए जुड़े. उन्होंने कहा कि यह नया सड़क संपर्क पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है. मिशुस्तिन ने कहा कि इससे सीमा पार परिवहन ढांचे को विस्तार मिलेगा. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और तकनीक को मजबूती मिलेगी.
पुल के उद्घाटन समारोह में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन और उत्तर कोरिया के पीएम थाए सोंग वीडियो लिंक के जरिए जुड़े.
रूसी पीएम ने कहा कि “यह नया सड़क संपर्क पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है. इससे सीमा पार परिवहन ढांचे को विस्तार मिलेगा. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और तकनीक को मजबूती मिलेगी.”
उत्तर कोरिया के प्रधानमंत्री ने पुल उद्घाटक को दोनों देशों के लिए आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों के लिए एक अहम परियोजना बताया है.
अपने सैनिक भेज किम जोंग ने रूस से दोस्ती निभाई
पुतिन और किम जोंग के बीच गहरी दोस्ती है ये पूरी दुनिया जानती है. लेकिन इस पुल के निर्माण से वेस्ट खासकर यूक्रेन की चिंता बढ़ चुकी है, क्योंकि सड़क मार्ग खुलने से संपर्क आसान हो जाएगा, चाहे वो युद्ध में पहुंचाई जा रही मदद क्यों न हो.
मॉस्को और प्योंगयांग के बीच डिफेंस डील है. अपने उत्तर कोरियाई दौरे पर पुतिन ने एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दोनों देशों में किसी भी देश पर हमले को दूसरा देश खुद पर किया गया हमला मानेगा. यानि उत्तर कोरिया हो या फिर रूस दोनों की देश युद्ध और सैन्य टकराव जैसी स्थिति में एकदूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.
यूक्रेन के साथ जंग में रूस की ओर से उत्तर कोरियाई सैनिकों ने मोर्चा संभाला थे, कई नॉर्थ कोरियाई सैनिक युद्ध में मारे भी गए, कई घायल भी हुए लेकिन रूस को जब तक नॉर्थ कोरियाई सेना की जरूरत रही, तब तक किम के सैनिक फ्रंट लाइन में खड़े रहे. (https://www.instagram.com/reel/Db0yg0Pyebu/?stkn=dGMxM3ZscmJydG1t)
इस पुल की नींव साल 2025 में रखी गई थी. इसकी योजना 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान हुए समझौते के बाद सामने आई थी. ट्रेन मार्ग से दोनों देश जुड़े हुए हैं, लेकिन अब सड़क मार्ग से भी जुड़ चुके हैं.
बताया जा रहा है कि इस नए सीमा मार्ग से रोजाना लगभग 300 वाहन गुजर सकेंगे. शुरुआत में इसका उपयोग माल ढुलाई (कार्गो) के लिए किया जा रहा है, और साल के अंत तक इसे यात्रियों के लिए भी खोल दिए जाने की योजना है.

