पश्चिमी और यूरोपीय देशों में जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने से उथल पुथल मची हुई है, तो वहीं उत्तर कोरिया का तानाशाह अमेरिका के दबाव को दरकिनार करते हुए चुपचाप सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है. मिसाइल के बाद किम जोंग उन का अगला दांव ड्रोन पर टिक गया है.
उत्तरी कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने किम जोंग उन की तस्वीर जारी की हैं, जिनमें एक ड्रोन को टैंक जैसे लक्ष्य पर हमला करते और उसमें विस्फोट करते दिखाया गया है. किम जोंग को अपने सहायकों के साथ एक बड़े ड्रोन के पास खड़े दिखाया गया है.
उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अलग से जासूसी, खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और हमले के लिए नए विकसित उपकरणों का भी निरीक्षण किया. किम जोंग ने लक्ष्यों पर हमला करने के लिए तैयार किए गए खास आत्मघाती ड्रोन का प्रदर्शन देखा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाए गए हैं.
नए और उन्नत जासूसी ड्रोन का किम ने किया निरीक्षण
किम जोंग उन ने नए और उन्नत जासूसी ड्रोन का भी निरीक्षण किया है. ये ड्रोन जमीन और समुद्र पर दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं. किम जोंग उन के एयर बोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एडब्लूएसीएस) की तस्वीर भी सामने आई है. ये बोइंग के ई-7 वेजटेल एयरबोर्न वार्निंग और कंट्रोल एयरक्राफ्ट जैसा दिख रहा है. दूसरी तस्वीरों में लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल सैन्य वाहनों में विस्फोट करने वाले ड्रोन को हमला करते दिखाया गया है.नए विस्फोटक ड्रोन विभिन्न मिशन के लिए डिजाइन किए गए हैं.
इस दौरान किम जोंग उन ने कहा है कि “आधुनिक हथियारों के विकास में मानव रहित उपकरण और एआई तकनीक को सबसे ज्यादा महत्व देना चाहिए. हमें सेना को आधुनिक बनाने के लिए मानव रहित उपकरणों और एआई को प्राथमिकता देनी चाहिए. इन तकनीकों को तेजी से विकसित करना और सेना में शामिल करना जरूरी है.”
एआई तकनीक वाले ड्रोन पर तानाशाह का जोर
उत्तरी कोरिया ने पिछले कुछ समय से ड्रोन विकसित करने पर जोर दिया है, जिसमें आत्मघाती ड्रोन भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट पिछले एक साल से रूस के साथ बढ़ती सैन्य साझेदारी का हिस्सा है. इससे पहले अगस्त 2024 में भी किम ने आत्मघाती ड्रोन का परीक्षण देखा था और कहा था कि सेना को जल्द से जल्द इनसे लैस करना चाहिए.