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किम जोंग की खुफिया सैटेलाइट की लॉन्चिग जल्द, पिछली बार व्हाइट हाउस था निशाने पर

उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग एक बार फिर अमेरिका और साउथ कोरिया की नींद उड़ाने जा रहा है. क्योंकि उत्तर कोरिया की दूसरे जासूसी सैटेलाइट का काउंटडाउन शुरु हो चुका है. पिछली साल जब किम जोंग की खुफिया सैटेलाइट लॉन्च हुई थी तो सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास, व्हाइट हाउस की तस्वीरें दुनिया के साथ साझा की थी.  

किम जोंग ने पड़ोसी देश जापान को सैटेलाइट लॉन्च की जानकारी भी साझा कर दी है. उत्तर कोरिया ने जापान को बताया है कि वह अगले सप्ताह की शुरुआत में एक सैटेलाइट की लॉन्चिंग की तैयारी कर चुका है. नॉर्थ कोरिया के जासूसी सैटेलाइट की खबर ऐसे वक्त में आई है जब साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में साउथ कोरिया, जापान और चीन तनाव कम करने के लिए एक मंच पर एक साथ आए हैं. 16 साल में पहली बार है जब एक साथ दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग और जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन में शामिल हुए हैं.  

साउथ चाइना सी में कम होगा तनाव, बनेगी बात?
दक्षिण चीन सागर में चीन लगातार आक्रामक हमले कर रहा है. चीन के सक्रियता के चले कई बार जापान और साउथ कोरिया के साथ तनाव हुआ है. एक मंच पर चीन, जापान, दक्षिण कोरिया  के साथ आने पर दक्षिण चीन सागर को लेकर चर्चा की संभावना है. इसके अलावा चीन के परममित्र नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों से साउथ कोरिया और जापान दोनों ही परेशान है. माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम, जो दक्षिण कोरिया और जापान के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा है, उसपर भी तीनों देश बात कर सकते हैं. हालांकि त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन में 6 अलग अलग विषयों पर बात की जानी है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, व्यापार, स्वास्थ्य मुद्दे, प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं. उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम, ताइवान पर चीन का दावा और दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय विवाद जैसे संवेदनशील विषय आधिकारिक एजेंडा में शामिल नहीं हैं, पर अनौपचारिक तौर पर इन मुद्दों पर भी बात करके चीन के साथ तीनों देशों में बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश होगी.

तानाशाह करेगा जासूसी सैटेलाइट लॉन्च. जापान को दी जानकारी
नॉर्थ कोरिया ने जापान के कोस्टगार्ड को सैटेलाइट रॉकेट को लॉन्च करने की सूचना दी है. जापान का कोस्ट गार्ड ही पूर्वी एशिया में समुद्री सुरक्षा जानकारी को कॉर्डिनेट करता है और दूसरे देशों को देता है. जापान के कोस्टगार्ड के मुताबिक- “उत्तर कोरिया ने सैटेलाइट लॉन्च को लेकर एक सुरक्षा चेतावनी दी है. सैटेलाइट लॉन्च की प्रक्रिया कोरियाई प्रायद्वीप और चीन के बीच और फिलीपीन द्वीप लुजोन के पूर्व जलक्षेत्र में सोमवार से शुरू होकर 3 जून की आधी रात तक चलेगी.” नॉर्थ कोरिया की सूचना के बाद जापान किसी भी इमरजेंसी के हालातों से निपटने के लिए अलर्ट हो गई है.
जापान चाहता है कि नॉर्थ कोरिया जासूसी उपग्रह की लॉन्चिंग न करे. जापानी कोस्ट गार्ड ने कहा-“जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने अधिकारियों को अमेरिका, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के साथ सहयोग के साथ नॉर्थ कोरिया से सैटेलाइट लॉन्च न करने का दृढ़ता से अनुरोध करने को कहा है”
साउथ कोरिया ने भी प्रतिक्रिया दी है, साउथ कोरिया की सेना ने कहा है कि हमें ऐसे संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया उत्तर-पश्चिम में अपने प्रमुख टोंगचांगरी प्रक्षेपण केंद्र से एक जासूसी उपग्रह प्रक्षेपण करने की तैयारी कर रहा है.

नॉर्थ कोरिया के जासूसी सैटेलाइट ने क्यों बढ़ाई यूएस की टेंशन?
नॉर्थ कोरिया अपने जासूसी सैटेलाइट से अमेरिका और साउथ कोरिया की हर गतिविधि पर नजर रखना चाहता है. नॉर्थ कोरिया का दावा है कि अपनी परमाणु-सक्षम मिसाइलों की सटीक-हमला क्षमता बढ़ाने के लिए जासूसी सैटेलाइट की जरूरत है. पिछले साल ही नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने ऐलान कर दिया था कि नॉर्थ कोरिया 2024 में तीन और सैन्य जासूसी सैटेलाइट लॉन्च करेगा. पिछले साल नवंबर में एक खुफिया सैटेलाइट लॉन्चिंग के बाद उत्तर कोरिया ने ये कहकर अमेरिका की टेंशन बढ़ा दी थी कि उसके पास अमेरिका के सैन्य ठिकानों की एक एक जानकारी और फोटो तक है. साथ ही अमेरिका राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस की तस्वीरें तक साझा की थी (White House उत्तर कोरिया की जद में, Satellite इमेज से अमेरिका में हड़कंप).

संयुक्त राष्ट्र ने सैटेलाइट लॉन्चिंग के लिए उत्तर कोरिया पर बैन लगा रखा है पर उत्तर कोरिया यूएन के बैन को नहीं मानता है. माना जा रहा है कि जापान और साउथ कोरिया की कोशिश हैं कि सिओल में त्रिपक्षीय बैठक में चीन पर जोर डालकर नॉर्थ कोरिया के जासूसी सैटेलाइट लॉन्चिंग को रोका जाए. 

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया को सैटेलाइट लॉन्च करने में रुस बड़ी मदद करता है. उत्तर कोरिया ने अपनी खुफिया सैटेलाइट लॉन्च का ऐलान ऐसे समय में किया है जब इस बात के कयास लगे रहे हैं कि रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द प्योंगयांग का दौरा करने जा रहे है. चीन और बेलारूस के दौरे के बाद पुतिन इनदिनों उज्बेकिस्तान के आधिकारिक दौर पर हैं. 

[अपडेट: सोमवार देर शाम नॉर्थ कोरिया ने अपनी दूसरी स्पाई सैटेलाइट को लॉन्च किया. लेकिन ये सैटेलाइट मिड-एयर ब्लास्ट हो गई और इसका मलबा जापान के समंदर में जाकर गिरा.]

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