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फ्लाइट में दोगुने हो जाएंगे मार्शल, NSG कमांडो हटेंगे वीआईपी सुरक्षा से

एक के बाद एक बम धमकियों के बीच सरकार ने हवाई यात्रा के दौरान, फ्लाइट सुरक्षा करने वाले मार्शल की संख्या को दोगुनी करने का निर्णय लिया है. क्योंकि फ्लाइट की सुरक्षा में मार्शल की भूमिका एनएसजी के कमांडो निभाते हैं. ऐसे में एनएसजी कमांडो को वीआईपी सुरक्षा से पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया गया है. एनएसजी की जगह अब सीआरपीएफ के कमांडो वीआईपी सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे.

पिछले 24-48 घंटों में देशभर की दस से ज्यादा फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. ये फ्लाइट डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों हैं. शिकागो जा रही है एक फ्लाइट को तो कनाडा के एक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. सिंगापुर ने तो एयर इंडिया की सुरक्षा के लिए अपने एफ-15 फाइटर जेट तक स्क्रैम्बल कर दिए.

समय समय पर एयरलाइंस को फ्लाइट की सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलती रहती हैं. ऐसे में गृह मंत्रालय ने संवेदनशील हवाई मार्ग पर संचालित होने वाली फ्लाइट्स में मार्शल की संख्या दोगुनी करना का फैसला लिया है.

जानकारी के मुताबिक, अभी तक संवेदनशील हवाई मार्ग पर एक फ्लाइट में दो से छह मार्शल तैनात होते हैं. लेकिन अब ये संख्या बढ़ने जा रही है. ये मार्शल, देशी और विदेशी दोनो तरह के हवाई मार्ग पर तैनात रहते हैं.

सादी वर्दी में तैनात रहने वाले मार्शल, असल में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के बेहद ही ट्रेंड कमांडो होते हैं. इन ब्लैक कैट कमांडो को एंटी हाईजैक और एंटी-होस्टेज में खास ट्रेनिंग मिली होती है. लेकिन सिवाय फ्लाइट अटैंडेंट के किसी को भी इन मार्शल की असली पहचान नहीं पता होती है. ये आम यात्री की तरह है फ्लाइट में सवार होते हैं. माना जाता है कि नॉन-काम्बैट मार्शल आर्ट्स में प्रशिक्षित ये मार्शल, अपने साथ हथियार भी रखते हैं. लेकिन इसके बारे में एनएसजी या फिर एयरलाइंस या सिविल एविएशन मंत्रालय ने कभी कोई जानकारी साझा नहीं की है.

वर्ष 1999 में काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी-814 की हाईजैकिंग के बाद सरकार ने संवेदनशील एयर-रूट पर इन मार्शल की तैनाती की थी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ये फैसला उस दिन लिया, जब एनएसजी अपना 40 वां स्थापना दिवस मना रही थी. आज ही के दिन यानी 16 अक्टूबर 1984 को एनएसजी का गठन किया गया था.

बुधवार को ही गृह मंत्रालय ने फैसला लिया कि अब वीआईपी सुरक्षा से एनएसजी कमांडो को पूरी तरह हटा लिया जाएगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती सहित पूरे देश में कुल नौ (09) वीआईपी ऐसे हैं जिन्हें फिलहाल एनएसजी का सिक्योरिटी कवर मिला हुआ है. लेकिन अब इन वीआईपी लोगों को भी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के कमांडो ही सुरक्षा प्रदान करेंगे. एनएसजी के कमांडो काउंटर टेररिज्म और एंटी-होस्टेज जैसे परिस्थितियों में ही तैनात किए जाएंगे. (सिंगापुर के फाइटर जेट Scramble, इंडियन फ्लाइट को मिली थी धमकी)

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