भारत-पाकिस्तान में बढ़ी तनातनी के बीच राफेल से अटैक करने और पाकिस्तान से बदला लेने की मांग लोगों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं की जुबान पर भी है. कुछ नेताओं में पहलगाम नरसंहार के बाद राष्ट्रवादी छवि वाले असदुद्दीन ओवैसी हैं जो लगातार पाकिस्तान से बदला लेने की मांग करते हुए पीओके पर भारत का हिस्सा बता रहे हैं तो कुछ कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद जैसे भी हैं जो रफाल को लेकर सरकार पर तंज कस रहे हैं.
क्या रफाल को जंग लगाने के लिए रखा गया है: इमरान मसूद
कांग्रेस एमपी इमरान मसूद ने लड़ाकू जेट रफाल को लेकर सरकार पर सवाल खड़ा किया है. इमरान मसूद ने कहा, “इतना पैसा खर्च करके हमने कोई हथियार खरीदा है, तो उसका इस्तेमाल भी तो किया जाना चाहिए. उसका नींबू, मिर्च हटा दीजिए, क्या उस पर जंग लगाने के लिए खड़ा किया गया है?”
इमरान मसूद बोले, “पूरा देश आपके साथ खड़ा है, आप एक्शन लीजिए. ये दिखाई देना चाहिए कि एक्शन हुआ है और सदियों याद रखा जाना चाहिए. जिस तरह से इंदिरा जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े करके जवाब दिया था.पाकिस्तान को ऐसा जवाब देना चाहिए, जो सदियों तक याद रखे और ये फिर से हमारे यहां आतंकवाद को परोसने का काम नहीं करें. अभी तो मौका है, अब इससे ज्यादा और क्या मौका होगा.”
फेल राष्ट्र पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए ताकि वो हिमाकत करने से पहले 100 बार सोचे:ओवैसी
एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अकेले ही पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. ओवैसी ने एक बार फिर से पाकिस्तान को ‘फेल राष्ट्र’ (नाकाम देश) करार देते हुए कहा, “भारत को पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए कि वह दोबारा हमारे देश में आकर निर्दोषों की जान लेने से पहले 100 बार सोचे. ओवैसी ने कहा कि देश को इस समय नफरत नहीं, बल्कि शांति और एकता की जरूरत है. हमारा देश तभी मजबूत रहेगा जब हम प्यार और भाईचारे को बढ़ावा देंगे.सरकार से अपील की कि वह इस आतंकी हमले के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए और पीड़ित परिवारों के साथ न्याय करे.”
ओवैसी ने भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “उन्होंने अपने पति को खोने के बावजूद मुसलमानों और कश्मीरियों के प्रति नफरत नहीं दिखाई. उन्होंने सिर्फ शांति और न्याय की मांग की. यह बयान उन लोगों के लिए एक संदेश है जो देश में हिंदू-मुस्लिम जहर घोलते हैं.”
ओवैसी ने की मृतक पर्यटकों को शहीद घोषित करने की मांग
ओवैसी ने केंद्र सरकार से मांग की कि पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए. ओवैसी ने कहा, “जो लोग पहलगाम में आतंकवादियों के हाथों मारे गए, उन्हें सरकार शहीद माने और उनके परिजनों को उचित सम्मान दे. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि वे पीड़ित परिवारों की भावनाओं का आदर करें और मृतकों को शहीद का दर्जा दें.”
ओवैसी लगातार पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, हाल ही में ओवैसी ने कहा, हमारी सेना घर में घुसकर मारती है, तो इस बार घर में घुस बैठ जाओ.
जनता जैसा बदला चाहती है, वैसा ही बदला लिया जाएगा: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश की जनता में उभरी भावनाओं पर खुलकर बात की है. राजनाथ सिंह ने कहा है कि “रक्षा मंत्री होने के नाते देश की सीमा की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की जनता जैसा चाहती है, वैसा होकर रहेगा. देश की सीमा की रक्षा मेरी जिम्मेदारी है. देश पर आंख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.”


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