पाकिस्तान में प्रतिदिन औसतन 09 आतंकी हमले हो रहे हैं. इस बात का खुलासा किया है खुद पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने. आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री ने हालांकि, पाकिस्तान में हो रहे हमलों के पीछे भारत पर दोष मढ़ दिया है.
तलाल चौधरी का आरोप है कि “आतंक के संचालक, ट्रेनिंग कैंप्स और आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता सीमा पार से आ रही है.”
पाकिस्तान में हालात खराब, सरकार के कंट्रोल में नहीं बलूचिस्तान, खैबर पखतूनख्वा
आतंकवाद पर आंकड़े देते हुएपाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि, “पाकिस्तान में रोजाना औसतन नौ आतंकवादी हमले हो रहे हैं. इन हमलों के कारण प्रतिदिन तीन कानूनी अधिकारी, दो नागरिक अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि सात सुरक्षाकर्मी और चार नागरिक घायल हो रहे हैं. आकंड़ों पर गौर किया जाए तो 1 जनवरी से 16 मार्च तक पाकिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों में 1,141 लोग मारे गए या घायल हुए, जिनमें से 1,127 पीड़ित खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान से थे. फरवरी 2024 से आतंकवादी घटनाओं में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 30% की वृद्धि हुई है, जिसमें 95% हमले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हुए हैं.”
पाकिस्तान में खराब हो रही सुरक्षा स्थिति: तलाल चौधरी
पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री ने प्रेसकॉन्फ्रेंस करके भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं. तलाल चौधरी बोले, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह सब पड़ोसी देशों से हो रहा है. हैंडलर वहीं हैं, ट्रेनिंग वहीं हो रही है और फंडिंग सीमा पार से हो रहा है. हम इस मुद्दे को अमेरिका के सामने उठाएंगे, और वैश्विक मंचों पर मदद मांगेंगे. देश में प्रतिदिन औसतन नौ आतंकवादी हमले हो रहे हैं. आतंकियों को वित्तीय सहायत सीमा पार (भारत) से आ रही है.पाकिस्तान ने पहले भी कुलभूषण जाधव के मामले सहित कई मामलों में कथित भारतीय संलिप्तता पर डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध कराए हैं. हम अपने मित्र देशों को साथ लेकर चलेंगे और उनके सामने ये सभी तथ्य पेश करेंगे ताकि वे ऐसी गतिविधियों को रोकने में भूमिका निभा सकें.”
विदेश मंत्रालय खारिज कर चुका है पाकिस्तान के आरोप
बलूचिस्तान में हुए ट्रेन हाईजैक मामले में पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सारे आरोपों को खारिज कर दिया है. पिछले सप्ताह ही एमईए प्रवक्ता ने कहा था, “हम निराधार आरोपों का दृढ़ता से खंडन करते हैं. दुनिया जानती है कि वैश्विक आतंकवाद का केंद्र कहां है. पाकिस्तान को अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय अपने घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.”
क्या कहते हैं ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स के आंकड़े
हाल ही में जब संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत ने पाकिस्तान को ‘असफल-देश’ कहकर पुकारा तो पूरी दुनिया हैरान रह गई. इसके तुरंत बाद ही ‘ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स’ (जीटीआई) ने पाकिस्तान को आतंकवाद से ग्रस्त दूसरा सबसे बड़ा देश घोषित कर दिया.
‘जीटीआई-2025’ ने अपना टेरर इंडेक्स, पाकिस्तान की सेना, सरकार और मीडिया में आई घटनाओं के आधार पर जारी किया है. ऐसे में अफ्रीकी देश बुर्किना फासो ही आतंकवाद में पाकिस्तान से आगे है. पिछले साल पाकिस्तान में इतनी आतंकी घटनाएं सामने आई कि सीरिया भी पीछे रह गया. हमेशा कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को आज उसके बैकयार्ड में पल रहे आतंकी संगठन ही डसने में लगे हैं.
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान, आतंकवाद से ग्रस्त दूसरा सबसे बड़ा देश
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (जीटीआई) ने वर्ष 2024 की जो अपनी रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक, पाकिस्तान में 1091 आतंकी घटनाएं सामने आई. इन आतंकी घटनाओं में 1081 लोगों की मौत हुई और 1548 घायल हुए.
जीटीआई इंडेक्स के मुताबिक, पिछले पांच सालों से पाकिस्तान में आतंकी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. 2023 के मुकाबले ही पाकिस्तान में 100 प्रतिशत से ज्यादा आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई. 2023 में पाकिस्तान में कुल 517 आतंकी घटनाएं सामने आई थी.
जीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे ज्यादा आतंकी घटनाएं सामने आई. बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) इन घटनाओं के पीछे था तो केपी में तहरीक ए तालिबान (पाकिस्तान). दोनों की आतंकी घटनाओं में हिस्सेदारी लगभग 50-50 प्रतिशत के करीब रही.
पाकिस्तान में पिछले साल आतंकी हमलों में गई 2546 लोगों की जान
टीएफए की इन्वेस्टिगेशन में हालांकि, पाया गया कि पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों की संख्या बुर्किना फासो से ज्यादा है. यहां तक की पाकिस्तानी सेना तक ने अपने सैनिकों के मारे जाने के आंकड़ों को कम कर दुनिया को बताया है. ओसइंट यानी ओपन सोर्स इंटेलिजेंस के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, आईएसपीआर ने जो मारे गए सैनिकों का आंकड़ा जारी किया है, वो असल में कहीं ज्यादा है. पाकिस्तान ने लेकिन, दुनिया से मुंह छुपाने के लिए आतंकी हमलों के आंकड़ों को कम कर बताया है.
टीएफए ने ओपन-सोर्स यानी से जो जानकारी इकठ्ठा की, उसके मुताबिक, पिछले साल (2024) में पाकिस्तान में कुल 1166 आतंकी घटनाएं सामने आई. इन घटनाओं में 2546 लोगों की जान गई और 2267 घायल हुए. ऐसे में कुल हताहत होने वाले पाकिस्तानी नागरिकों का आंकड़ा 4813 था.
पाकिस्तानी सेना भी आतंकवाद से जुड़े आंकड़ों को छिपाने में जुटी
पाकिस्तानी सेना भी मारे गए अपने सैनिकों के आंकड़े को छिपाने में पीछे नहीं है. हाल ही में पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि वर्ष 2024 में कुल 383 सैन्य अफसर और सैनिकों की आतंकियों से लड़ते हुए जान गई है. आईएसपीआर वेबसाइट पर तो मारे गए सैनिकों का आंकड़ा महज 45 दिया गया है.
टीएफए की इन्वेस्टीगेशन में पता चला है कि पिछले साल आतंकी हमलों में मारे गए सैनिकों का वास्तविक आंकड़ा 685 है. आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना पर कुल 909 हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी सेना की चौकियों से लेकर काफिलों से लेकर सैन्य छावनी और महत्वपूर्ण स्थल शामिल थे.
टीएफए का ये आंकड़ा पाकिस्तान के फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आधारित है. क्योंकि मारे जाने वाले सैनिकों के परिवार, रिश्तेदार, दोस्त और पास-पड़ोसी फेसबुक पर जानकारी लगातार साझा कर रहे हैं. गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने देश में ट्विटर पर पाबंदी लगा रखी है.