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श्रीलंका से पहले बैंकाक जाएंगे पीएम मोदी, BIMSTEC सम्मेलन में करेंगे शिरकत

शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूंकप में 150 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है और 700 से ज्यादा घायल हुए हैं. ये खबर ऐसे समय में आई है जब अगले हफ्ते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड की राजधानी बैंकाक के आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं. 4 अप्रैल को बिम्सटेक देशों के सम्मलेन को संबोधित करने के लिए पीएम मोदी बैंकाक जा रहे हैं. उसके बाद सीधे श्रीलंका की यात्रा पर जा रहे हैं.

थाईलैंड की पीएम पोएटोंगटार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3-4 अप्रैल को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रहेंगे. 4 अप्रैल को बैंकॉक में बिम्स्टेक सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जहां पीएम मोदी हिस्सा लेंगे. बिम्सटेक में भारत और थाईलैंड के अलावा म्यांमार, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश भी सदस्य-देश हैं.

बिम्स्टेक में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस भी पहुंचने वाले हैं, माना जा रहा है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार ऐसा मौका होगा जब पीएम मोदी से मोहम्मद यूनुस का आमना-सामना होगा. हालांकि बांग्लादेश गुहार लगा रहा है कि पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच द्विपक्षीय वार्ता करें, लेकिन भारत की ओर से अभी वार्ता को लेकर उत्तर नहीं दिया गया है. 

पीएम मोदी थाईलैंड के साथ द्विपक्षीय बैठक करके भारत के साथ संबंधों को नया आयाम देंगे.

विदेश मंत्रालय ने दी पीएम मोदी के थाईलैंड दौरे की जानकारी

3 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी, थाईलैंड की प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. दोनों नेता आपसी सहयोग की समीक्षा करेंगे और भविष्य के लिए नई योजनाओं पर चर्चा करेंगे. भारत और थाईलैंड समुद्री पड़ोसी हैं और सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई रूप से गहरे संबंध साझा करते हैं. आपको बता दें कि थाईलैंड की पीएम पोएटोंगटार्न शिनावात्रा सबसे युवा पीएम हैं. पोएटोंगटार्न की उम्र महज 37 वर्ष है. भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर सहमति है.  थाईलैंड भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापार करने वाला देश है. सैन्य सहयोग बढ़ाते हुए थाईलैंड और भारत के बीच युद्धाभ्यास भी होता रहा है.

थाईलैंड में बिम्स्टेक देशों की अहम बैठक

थाईलैंड में अगले दिन यानि 4 अप्रैल को बिम्स्टेक सम्मेलन का आयोजन होगा. बिम्स्टेक का फिजिकल सम्मेलन साल 2018 के बाद पहली बार होने जा रहा है. मार्च 2022 में श्रीलंका के कोलंबो में पांचवां बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन वर्चुअल रूप में आयोजित किया गया था. अब छठा सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी थाईलैंड कर रहा है. इस बैठक में भारत, थाईलैंड के अलावा बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका हिस्सा लेंगे.

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए बिम्स्टेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार, निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री, डिजिटल संपर्क स्थापित करना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिल है.”

क्या है बिम्सटेक

‘बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टर टेक्नीकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन’ (बीआईएमएसटीईसी यानी बिम्सटेक) को वर्ष 1997 में गठित किया गया था ताकि सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और आपसी मेलजोल बढ़ाए जाए. साथ ही सुरक्षा के क्षेत्र में भी बिम्सटेक देश सहयोग कर सकें.

ये एक तरह से सार्क देशों का समूह माना जाता है, जिसमें पाकिस्तान की जगह थाईलैंड को जगह दी गई है.

पीएम मोदी से मिलने के लिए बेताब यूनुस, भारत के जवाब का इंतजार 

हिंदुओं पर अत्याचार करने वाला बांग्लादेश बेसब्री से कर रहा है भारत के जवाब का इंतजार. बैंकॉक में होने वाले बिम्स्टेक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस की बैठक को लेकर बांग्लादेश ने तैयारी कर ली है. बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन ने कहा कि “हम बैठक के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हम भारत की सकारात्मक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बैठक में बांग्लादेश ने भारत से आग्रह किया है कि पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच बैठक कराई जाए.” वहीं एस जयशंकर ने अपने बयान में कहा था कि “बांग्लादेश के अनुरोध पर विचार किया जा रहा है.”

थाईलैंड के बाद श्रीलंका जाएंगे पीएम मोदी

थाईलैंड के बाद पीएम मोदी 4-6 अप्रैल तक राजकीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका पीएम मोदी को इस यात्रा का निमंत्रण दिया है. इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए अनुराधापुरा भी जाएंगे. वामपंथी सोच के बावजूद श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायका ने पदभार ग्रहण करने के बाद परंपरा निभाते हुए अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत का राजकीय दौरा किया था. 

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