यूक्रेन युद्ध के समाप्ति की कोशिशों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की अवैध सत्ता का मामला उठाया है. पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अधीन करने की मांग करके सनसनी फैला दी है.
पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया है और शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने की वैधता नहीं है. रूसी राष्ट्रपति ने साफ तौर से कहा है कि ‘‘संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में, अमेरिका के साथ, यहां तक कि यूरोपीय देशों के साथ और निश्चित रूप से हमारे साझेदारों और मित्रों के साथ, हम यूक्रेन में अस्थायी शासन की शुरुआत की संभावना पर चर्चा कर सकते हैं.’’
संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में यूक्रेन में हो बाहरी शासन: पुतिन
पुतिन ने रूसी परमाणु पनडुब्बी के चालक दल को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रायोजित बाहरी शासन के अधीन रखा जाए, क्योंकि जेलेंस्की की सत्ता ‘अवैध’ है. पुतिन ने दावा किया कि “यूक्रेन की मौजूदा सरकार के साथ हस्ताक्षरित किसी भी समझौते को उसके उत्तराधिकारियों द्वारा चुनौती दी जा सकती है. बाह्य शासन के तहत नए चुनाव कराए जा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र के तहत, अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ, वे यूक्रेन में अस्थायी शासन स्थापित करने पर विचार कर सकते हैं, ताकि वहां लोकतांत्रिक चुनाव हो सकें और एक ऐसा सरकार बनी जो जनता का विश्वास हासिल करे. इसके बाद ही शांति समझौते पर बातचीत की जा सकती है.”
मैक्रों के शांति सम्मेलन के बाद पुतिन के बयान ने बढ़ाई हलचल
पुतिन का ये बड़ा बयान, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरफ से आयोजित शांति सम्मेलन के बाद आया, जिसमें यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए सैनिकों को तैनात करने पर चर्चा हुई थी. मैक्रों ने कहा कि “फ्रांस और ब्रिटेन के साथ-साथ कई अन्य देश भी इस बल का हिस्सा बनना चाहते हैं.” हालांकि रूस ने एक बार फिर से वॉर्निंग दी है कि वो किसी भी नाटो देशों के सैनिकों को स्वीकार नहीं करेंगे. पुतिन ने अपनी शर्तें अमेरिका को बता दी हैं. इस बीच अमेरिका ने प्रतिबंधों को हटाने का ऐलान करके रूस को बड़ी राहत दी है, जो कि यूरोपीय देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है.
अमेरिका और यूक्रेन के बीच खेल रहा रूस: कीर स्टार्मर
ट्रंप को यूरोप ने सलाह दी है कि पुतिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता. ब्रिटेन के पीएम ने मैक्रों द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहा कि, “पुतिन अपनी पुरानी रणनीति में वापस आ गए हैं और वो अमेरिका और यूक्रेन के बीच खेल रहे हैं. पुतिन, व्हाइट हाउस के लिए एक बड़ी चुनौती हैं.” जर्मनी के निवर्तमान चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने भी पुतिन पर युद्ध विराम की टालमटोल करने का आरोप लगाया है.