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पुतिन ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड, यूक्रेन के 5000 Sq Km पर कब्जा

यूक्रेन के साथ जंग को लेकर पहली बार कब्जे को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट जारी करके पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय देशों के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि युद्ध में रूस पिछड़ रहा है और कुछ हासिल नहीं कर पा रहा. 

पुतिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है, कि रूस ने इस साल अब तक 5000 स्क्वायर किमी जमीन को कब्जा लिया है और रूसी सेना लगातार अपने सैन्य मिशन में कामयाब हो रही है. 

अगस्त के महीने में जब व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलास्का में मुलाकात हुई थी, तो उसके बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की व्हाइट हाउस में एक नक्शा (मैप) लेकर पहुंचे थे. जेलेंस्की खुद भले ही ट्रंप को मैप के जरिए अपनी जीत बता रहे हों, लेकिन मैप में क्रीमिया सहित यूक्रेन के डोनबास और दूसरे इलाकों पर रूसी कब्जा का प्रतिशत अंकित था. 

यूक्रेन के 20 प्रतिशत जमीन पर रूस का कब्जा, पुतिन ने जारी किया बयान

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे न खत्म होने वाले युद्ध में जीत किसकी हो रही है, ये दुनिया के लिए पहेली बनी हुई है. युद्ध रुकवाने में नाकाम रहे डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध में रूस हार रहा है, और यूक्रेन जब भी चाहे तब नाटो देशों की मदद से जीत हासिल कर सकता है.

लेकिन व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार आंकड़ों के साथ उन देशों की बोलती बंद की है, जो रूस की हार की बात कह रहे हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने अपने ताजा बयान में कहा है कि “इस साल यूक्रेन के 5000 किलोमीटर पर रूसी सेना का आधिपत्य है. यूक्रेनी सैनिकों को पीछे खदेड़ दिया गया है.”

रूस के आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन तकरीबन 125 किलोमीटर पर रूस की सेना यूक्रेन पर कब्जा करते हुए बढ़ रही है. रूस ने 2022 में जंग शुरू होने के बाद से अब तक यूक्रेन के 20 प्रतिशत जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. अगर किलोमीटर के हिसाब से देखा जाए तो रूस ने यूक्रेन का करीब 1 लाख 20 हजार किमी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है.

जहां-जहां रूसी सैनिक पहुंचते हैं वो रूस का हिस्सा होता है: पुतिन

अलास्का में ट्रंप से मीटिंग से पहले पुतिन ने बड़ा बयान दिया था. पुतिन ने कहा था कि “दोनेत्स्क और लुहांस्क में 20-25 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करना बाकी है. पूरा कब्जा होने के बाद युद्ध रूक सकता है.”

लेकिन पिछले कुछ महीनों में रूसी सेना ने डोनबास क्षेत्र के अलावा खारकीव, सुमी, दिनीपित्रो और माइकोलाव जैसे इलाकों में आगे बढ़ना शुरु कर दिया है.हालांकि, इन इलाकों में बेहद कम क्षेत्रफल ही रूसी सेना के कब्जे में है. ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2024 में यूक्रेनी सेना ने रूस के कुर्स्क इलाके में करीब 1300 वर्ग किलोमीटर की जमीन पर कब्जा कर लिया था. इसका बदला लेने के लिए रूसी सेना ने सुमी और खारकीव जैसे प्रांतों में आगे बढ़ना शुरु कर दिया था.  

पुतिन ने हाल ही में ये बयान भी दिया था कि “जहां भी रूसी सैनिक पहुंचते हैं, वो इलाका रशिया का हिस्सा बन जाता है.”

जेलेंस्की के व्हाइट हाउस में दिखाए मैप से निकली हेकड़ी

व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेंलेस्की ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक मैप दिखाया था. इस मैप पर यूक्रेन के उन प्रांतों को दिखाया गया है, जिन्हें फरवरी 2022 के बाद रूस ने कब्जा कर लिए हैं. मैप के मुताबिक, रूस ने लुहांस्क का 99 प्रतिशत, डोनेस्क का 76 प्रतिशत, जपोरिजिया का 73 प्रतिशत और खेरसोन का 73 प्रतिशत पर कब्जा कर लिया है. इन चार प्रांतों को मुख्य तौर पर मिलाकर ही यूक्रेन का वो डोनबास इलाका (प्रांत) बनता है जिसकी आजादी के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करने के वक्त ऐलान किया था.मैप में वर्ष 2014 में कब्जा किए पूरे क्रीमिया प्रायद्वीप को भी दिखाया गया है जिस पर रूस का पूरी तरह से कब्जा है. 

ट्रंप की बोलती बंद, टेंशन में यूरोप

ट्रंप ने बार-बार जेलेंस्की से मुलाकात के बाद ये कहा है कि पुतिन को युद्ध से कुछ हासिल नहीं हो रहा है, सिवाए नुकसान के. वहीं यूरोप बार-बार ये कह रहा है कि अगर रूस ने यूक्रेन पर जीत हासिल कर ली तो पुतिन का अगला निशाना यूरोप के देश होंगे, क्योंकि वो रुकेंगे नहीं, इसलिए नाटो सेना को रूस के खिलाफ लामबंद होना चाहिए.

हाल ही में पुतिन ने यूरोप में बढ़ाई जा रही सेना पर चिंता जताई थी और कहा था, “हम यूरोप के बढ़ते सैन्यीकरण को अनदेखा नहीं कर सकते. ये हमारी सुरक्षा का सवाल है. हम सबकुछ ध्यान से देख रहे हैं और सुन रहे हैं. याद रहे कि रूस अपनी प्रतिक्रिया में देर नहीं करेगा. अगर कोई हमसे सैन्य स्तर पर टकराने की कोशिश करता है तो वो कर सकता है, लेकिन इतिहास गवाह है कि जब-जब रूस की सुरक्षा, नागरिकों की शांति, हमारी संप्रभुता और अस्तित्व को खतरा हुआ है, हमने तुरंत और सख्त जवाब दिया है. ऐसा कभी नहीं हुआ कि उकसाने वाले के लिए इसका अंत बुरा न हुआ हो.”

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