Alert Breaking News Classified Geopolitics Reports Russia-Ukraine War

RT के जरिए US Elections को प्रभावित करने का आरोप

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर यूएस प्रशासन ने रूस पर गंभीर आरोप  लगाए हैं. आरोप ये है कि अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए रूस अलग-अलग हथकंडे अपना रहा है. अमेरिका का आरोप है कि रूस, अपने सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म आरटी (रशिया टुडे) के जरिए ऐसा कर रहा है.

अमेरिका का दावा है कि “रूस ने ऑनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके अमेरिकी वोटर्स को गलत जानकारी देने की कोशिश की है.” बाइडेन प्रशासन इस मामले में एक औपचारिक घोषणा करेगा, जिसमें रूसी राज्य मीडिया नेटवर्क आरटी को टारगेट किया जाएगा.

आरटी और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए रूस कर रहा दुष्प्रचार: अमेरिका
अमेरिका ने रूसी खतरे से मिपटने के लिए एक टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है, इस टास्क फोर्स में न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड और एफबीआई के निदेशक क्रिस व्रे शामिल होंगे. रूस के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा के लिए अमेरिका में एक बड़ी बैठक भी हुई है.

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि आरटी और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए रूस ने अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने की कोशिश की है. अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने कहा कि “संयुक्त राज्य अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के मॉस्को के प्रयासों को देखते हुए अमेरिकी चुनाव संस्थानों और प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए कार्रवाई की जा रही है.”

कुछ दिनों पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी वॉर्निंग दी थी कि रूस चुनावी प्रक्रिया में दखल देने के लिए दुष्प्रचार का सहारा ले रहा है. हालांकि पिछले चुनावों में भी रूस पर अमेरिका ऐसे ही आरोपों को लगाता रहा है.

आरटी के दो कर्मचारियों पर अमेरिका के गंभीर आरोप
न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने रूसी समर्थित मीडिया नेटवर्क आरटी के दो कर्मचारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने और विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोपों की घोषणा की. न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने कहा कि “अमेरिकी लोगों को ये जानना चाहिए कि कब कोई विदेशी शक्ति अपने प्रचार के लिए हमारे देश के विचारों के मुक्त आदान-प्रदान का फायदा उठाने का प्रयास कर रही है.”

न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने कॉन्स्टेंटिन कलाश्निकोव और एलेना अफानासयेवा पर रूसी समर्थक सामग्री को प्रकाशित और प्रसारित करने के लिए टेनेसी स्थित एक कंपनी को नियुक्त करने के लिए लगभग 10 मिलियन डॉलर की योजना लागू करने का आरोप लगाया. फिर उस कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा करने के लिए यू.एस.आधारित सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोगों के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया. अटॉर्नी जनरल ने ये भी कहा, “यह जानकारी अक्सर मूल रूसी हितों, विशेष रूप से यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए अमेरिकी विरोध को कमजोर करने के लिए अमेरिकी घरेलू विभाजन को बढ़ाने में रूस की रुचि के अनुरूप थी.”

न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ने आरटी के जिन पत्रकारों पर आरोप लगाया है उनमें कलाश्निकोव ने खुद को आरटी के “डिजिटल मीडिया प्रोजेक्ट्स विभाग के उप प्रमुख” और अफानसियेवा ने सोशल मीडिया पर खुद को आरटी में निर्माता बताया है.

गारलैंड ने ये भी कहा कि “रूस ने रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प को बढ़ावा देने और डेमोक्रेटिक प्रयासों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी.” 

रूस की प्रतिक्रिया

रूसी अधिकारियों ने अमेरिका के आरोपों को खारिज कर दिया है. रूस ने कहा कि “हमें अमेरिका में चुनावों में कोई रुचि नहीं है. सारे आरोप बेतुके हैं.”  वहीं आरटी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “अमेरिका में चुनावों में उनकी भूमिका को लेकर जो बातें की जा रही हैं, वे हास्यास्पद हैं.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.