रुस-यूक्रेन जंग के मोर्चे से पूर्व सोवियत संघ के राष्ट्रपति लियोनिद ब्रेझनेव के पड़पोते की बेहद हैरानी करने वाली कहानी सामने आई है. खबर है कि ब्रेझनेव के पड़पोते ने मैकडॉनल्ड मील (खाने) के लिए यूक्रेनी सेना के सामने सरेंडर कर दिया है. पूर्व सोवित संघ (यूएसएसआर) के राष्ट्रपति का ये पड़ पोता, रूसी सेना के लिए लड़ रहा था.
जानकारी के मुताबिक, अप्रैल के महीने में यूक्रेन के खेरसोन में रूसी सेना के चार सैनिकों ने सरेंडर किया था. इन सैनिकों को एक ड्रोन ने सरेंडर के लिए मजबूर किया था. ड्रोन के जरिए जंग के मैदान में उद्घोषणा की गई थी कि अगर इन सैनिकों ने सरेंडर नहीं किया तो एफपीवी ड्रोन से उड़ा दिया जाएगा. ये घटना खेरसोन के एंटोनियो ब्रिज के करीब हुई थी, जहां पिछले कई महीनों से रूस और यूक्रेन की सेना के बीच जमकर घमासान चल रहा है. जान की सलामती के लिए इन सैनिकों ने सरेंडर कर दिया था.
सरेंडर करने के बाद मैक-डी मील खाते दिखे थे रूसी सैनिक
सरेंडर के बाद इन चारों सैनिकों ने यूक्रेनी सेना के समक्ष वीडियो पर अपना संदेश जारी किया था. वीडियो में ये चारों रूसी सैनिक, मैकडॉनल्ड का मील और कोल्ड ड्रिंक पीते दिखाई पड़ रहे थे. अब दो महीने बाद ये जानकारी सार्वजनिक हुई है कि सरेंडर करने वाले चार सैनिकों में से एक सोवियत संघ के पूर्व राष्ट्रपति ब्रेझनेव का पड़पोता एंटोन मिलाऐव है. एंटोन को ब्रेझनेव की बेटी गैलिना ब्रेझनेव ने ‘एडॉप्ट’ किया था.
ब्रेझनेव के बारे में जानिए
ब्रेजनेव ने 1964 से 1982 तक यानी करीब 28 साल तक यूएसएसआर के राष्ट्रपति के तौर पर काम किया था. ये सोवियत संघ के विकास का दौर था और कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिका सहित पश्चिमी देशों को जियोपॉलिटिक्स में जमकर टक्कर दी थी.
भारत का मित्र माना जाता था ब्रेझनेव को, हथियारों की सप्लाई शुरु की थी
ब्रेझनेव को भारत में भी एक अहम मित्र के तौर पर देखा जाता था. इस दौर में रूस ने भारत को हथियारों की सप्लाई शुरु की थी. इनमें मिग सीरिज के फाइटर जेट से लेकर टैंक, एंटी एयरक्राफ्ट गन और रॉकेट सिस्टम शामिल थे.
ब्रेझनेव के पड़पोते के यूक्रेनी आर्मी के समक्ष सरेंडर करने को लेकर रूस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध में एक दूसरे के सैनिकों के बंदी बनाए जाने की खबरों को पुख्ता किया है.
क्रीमिया में यूक्रेन ने उड़ाया तेल डिपो और एस-400 सिस्टम की रडार
इस बीच, यूक्रेन ने रूस पर हमले करने जारी रखा है. रविवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने क्रीमिया में रूसी ऑयल डिपो सहित एस-400 और पंतशिर एयर डिफेंस सिस्टम के रडार स्टेशन को तबाह करने का दावा किया. जेलेंस्की ने अटैक के बाद धूधू करते ठिकानों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की.
वर्ष 2014 में रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर रशियन फेडरेशन में शामिल कर लिया था. जेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने के लिए क्रीमिया को एक बार फिर यूक्रेन में शामिल करने की बड़ी शर्त रखी है. यही वजह है कि क्रीमिया में डोनबास की तरह जंग का अखाड़ा बना हुआ है.

