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संभल हिंसा का पाकिस्तानी कनेक्शन, लाहौर जेल में मिला संदिग्ध

उत्तर प्रदेश के संभल के रहने वाले एक शख्स का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने से हड़कंप मच गया है. संभल पुलिस ने मोहम्मद उस्मान नाम के इस शख्स की विदेश मंत्रालय के जरिए पूरी जानकारी मांगी है. बताया जा रहा है मोहम्मद उस्मान को साल 2024 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था और इन दिनों मोहम्मद उस्मान लाहौर की सेंट्रल जेल में बंद है.

केन्द्र सरकार और संभल पुलिस, मोहम्मद उस्मान की एक-एक डिटेल की जांच कर रही है. लेकिन हर किसी को हैरानी इस बात की हो रही है कि मोहम्मद उस्मान पाकिस्तान क्यों, कैसे और किसकी मदद से पहुंचा. 

अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन के चीफ का करीबी है उस्मान

बताया जा रहा है संभल के दीपा सराय का रहने वाला मोहम्मद उस्मान, एक्यूआईएस (अलकायदा इन इंडिया सबकॉन्टिनेंट) के चीफ असीम उमर का करीबी था. असीम उमर भी संभल का ही रहने वाला था. मोहम्मद उस्मान, असीम के संपर्क में रहता था, जो पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा और अफगानिस्तान में अलकायदा से भी जुड़ा रहा था.

साल 2019, सितंबर में एक्यूआईएस चीफ असीम उमर को अमेरिका ने अफगानिस्तान में एक ड्रोन हमले में मार दिया था. असीम उमर का असली नाम सनाउल हक था. 90 के दशक में अचानक गायब हो गया, बाद में पता चला कि वो पाकिस्तान में रह रहा है, और वहीं से युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था. 

2012 से फरार है मोहम्मद उस्मान, लाहौर सेंट्रल जेल में हुआ बंद

मोहम्मद उस्मान के परिवार के मुताबिक, साल 2012 से ही मोहम्मद उस्मान भागा हुआ है. परिवारवालों ने बताया है कि पहले भी साल 2000 के आसपास फरार हुआ था, अब पाकिस्तान की लाहौर सेंट्रल जेल में बंद है. मोहम्मद उस्मान को 16 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया है. 

लाहौर जेल में बंद मोहम्मद उस्मान ने संभल में 2 करीबियों के नाम की जगह संभल के एक पूर्व सांसद का नाम लिखा है. पाकिस्तान ने भारत के विदेश मंत्रालय को मोहम्मद उस्मान के वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट्स भेजे हैं. एमईए ने मोहम्मद उस्मान की गिरफ्तारी के दस्तावेज संभल पुलिस को 25 जनवरी को भेजा है, जिसके बाद संभल पुलिस ने रिपोर्ट तैयार की है.  

उस्मान ने ज्वाइन की एक्यूआईएस, संभल हिंसा में था हाथ?

आशंका जताई जा रही है कि संभल से गायब होकर पाकिस्तान पहुंचने के बाद मोहम्मद उस्मान ने अलकायदा से जुड़े एक्यूआईएस को ज्वाइन कर लिया. पाकिस्तान से वो संभल के नौजवानों के संपर्क में था और युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था.

पिछले साल 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के सर्वे के दौरान अचानक से हिंसा फैल गई थी. लोगों की भीड़ ने सर्वे टीम को घेर लिया था और पुलिस के साथ पत्थरबाजी और झड़प हुई थी. हिंसा इतनी बढ़ गई थी कि कई दिनों तक इलाके में कर्फ्यू लगा और तनाव बना रहा. यूपी पुलिस को संभल हिंसा में शामिल कई फरार उपद्रवियों के पाकिस्तान भागे उस्मान के संपर्क में होने का शक है.

केंद्र सरकार के जानकारी मांगे जाने के बाद यूपी पुलिस भी अलर्ट है और अब ये पता कर रही है कि संभल हिंसा में उस्मान का क्या रोल रहा है.

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