ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है. लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की तरफ से जहाजों को चेतावनी दी गई है कि वे होर्मुज को पार करने की कोशिश न करें नहीं तो आक्रामकता झेलनी पड़ेगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही फ्रांस के ऐतिहासिक महल से ईरान के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर कर दिए हों, लेकिन इजरायल ने इस एमओए पर रोड़ा अटका दिया है. इजरायल ने खुद को इस समझौते से अलग कर लिया है. जबकि एमओयू के अहम शर्त लेबनान और इजरायल से ही जुड़ी हुई है.
ईरान ने कहा है कि अगर लेबनान पर हमले हुए तो युद्धविराम टूटा माना जाएगा और इसका जिम्मेदार अमेरिका होगा. अमेरिका ने लेबनान-इजरायल के बीच युद्धविराम भले ही करवा दिया है, लेकिन लगता नहीं कि युद्धविराम ज्यादा दिनों तक चलने वाला. हिजबुल्लाह के हमले में अपने 04 सैनिकों को खोने के बाद इजरायल घायल शेर की तरह हमला करने के लिए बैठा हुआ है.
इस बीच स्विट्जरलैंड में बैठक से पहले आईआरजीसी ने होर्मुज बंद करने की घोषणा करके अमेरिका पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है. अमेरिका और ईरान की बातचीत को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं और ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि उनका प्रतिनिधिमंडल भी वेंस से यह मांग करेगा कि इजरायल अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे और लेबनान पर हमले बंद करे.
होर्मुज के आसपास न आएं जहाज: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने होर्मुज बंद कर दिया है. ईरानी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इजरायल की आक्रामकता जारी रहती है तो और ईरान की तरफ से और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं. ईरान का कहना है कि लेबनान पर हमलों के जवाब में वह इजरायल पर सीधे हमलों कर सकता है.
आईआरजीसी की नेवी ने होर्मुज को बंद करने का कारण बताते हुए कहा, “लेबनान में इजरायल की कार्रवाई और युद्धविराम के वादों को नहीं पूरा किया जा रहा है, अमेरिका इसके लिए जिम्मेदार है, इसलिए हम होर्मुज से किसी भी जहाज को नहीं निकलने देंगे.”
ईरान की नौसेना का कहना है कि इजराइल समझौते का उल्लंघन कर रहा है. इजरायल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है. जबकि अमेरिका ने समझौते के दौरान कहा था कि इजरायल अब लेबनान पर हमले नहीं करेगा. जब तक लेबनान पर हमले बंद नहीं होते हैं तब तक होर्मुज बंद रहेगा.
ईरान की घोषणा के बाद होर्मुज में जहाजों की लंबी कतारें
इस घोषणा से पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई परमिट व्यवस्था लागू कर दी थी. जिसमें जहाजों को 48 घंटे पहले आवेदन करना होगा और सारी जानकारी देनी होगी. ईरान का कहना है कि शुरुआती 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन बाद में सुरक्षा और बीमा सेवाओं के लिए शुल्क वसूला जा सकता है.
ईरान ने नई अनुमति व्यवस्था लागू करते हुए कहा है कि केवल वही जहाज इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल कर पाएंगे जो पहले से आवेदन करेंगे और तय नियमों का पालन करेंगे.
जबकि युद्ध से पहले तक होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ऐसी कोई जानकारी नहीं देनी होती थी.

