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कौन कर रहा है ‘जासूस’ की जासूसी !

दुनियाभर के देशों की जासूसी करने वाले अमेरिका की कौन करना चाहता है जासूसी ? कौन रखना चाहता है अमेरिका के एक एक एक्शन पर नजर ? अमेरिकी आसमानी क्षेत्र में कौन बार बार कर रहा है घुसपैठ ? ये सारे सवाल इसलिए क्योंकि अमेरिका में एक ऊपर फिर देखा गया है संदिग्ध गुब्बारा.

पिछले साल बस के बराबर आकार के चीनी गुब्बारे को मारने के बाद अमेरिका ने एक बार फिर आसमान में संदिग्ध गुब्बारा देखने का दावा किया है. गुब्बारे को आसमान में 45000 फीट की ऊंचाई पर अमेरिका के यूटा के पास देखा गया है. नॉर्थ अमेरिका एयरोस्पेस डिफेंस कमांड ने गुब्बारा देखे जाने के पुष्टि की है. आसमान में संदिग्ध गुब्बारे की हरकतों को देखे जाने के बाद अमेरिकी वायुसेना हाईअलर्ट है. हालांकि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने गुब्बारा देखे जाने  के बाद जांच की तो गुब्बारे में कुछ संदिग्ध नहीं मिला. पेंटागन ने भी ये कहा है कि जांच के बाद कुछ शक करने जैसा नहीं पाया गया है.

पिछले साल फरवरी में भी (2023) अमेरिका में चीन के जासूसी गुब्बारे देखे गए थे. जासूसी गुब्बारा अमेरिका के मोंटाना सहित कई संवेदनशील जगहों के ऊपर उड़ते देखा गया था. ये बैलून 3 बसों के बराबर बड़ा था. अमेरिका ने इन गुब्बारों को मार गिराने के लिए अपने स्टील्थ फाइटर जेट तक को स्क्रैम्बल किया था. 
चीनी जासूस गुब्बारे को मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी और चीन के संबंध और खराब हो गए थे. तनातनी इतनी बढ़ गई थी कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपना चीन का दौरा तक रद्द कर दिया था. चीन ने गुब्बारा मार दिए जाने के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया था. और चीन ने गुब्बारे को जासूसी नहीं बल्कि मौसम पता लगाने वाला गुब्बारा बताया था. समंदर में गुब्बारा गिराने के बाद चीन ने अमेरिका के एक्शन को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया था. चीनी गुब्बारे पर प्रतिक्रिया देते हुए जो बाइडेन ने शी जिनपिंग को तानाशाह बताया था.  

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