श्रीनगर के खानयार इलाके में लश्कर कमांडर उस्मान भाई के मारे जाने के बाद घाटी में एक बार फिर आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने राजधानी श्रीनगर के ऑल इंडिया रेडियो स्टेशन के पास बने सीआरपीएफ के बंकर पर हमला किया. पर ग्रेनेड संडे बाजार की भीड़ पर जा गिरा. हमले में तकरीबन 10-12 लोग घायल हुए हैं. वहीं सीएम उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षाबलों से अपील की है कि कुछ भी करो पर आतंकी हमलों को रोको.
आतंकी हमले के बाद संडे बाजार में मची अफरातफरी
रविवार (3 नवंबर) को आतंकियों ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को दहलाने की कोशिश की. ऑल इंडिया रेडियो के पास बने सीआरपीएफ के बंकर और टीआरएस (टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर) की ओर आतंकियों ने ग्रेनेड अटैक किया. आतंकियों ने ग्रेनेड हमला ऐसे वक्त में किया जब श्रीनगर में संडे मार्केट के दौरान भीड़भाड़ थी. ग्रेनेड धमाका होते ही चीखपुकार मच गई. दुकानदार और लोगों की भीड़ इधर-उधर जान बचाने के लिए भागने लगी. हमले में 10-12 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी को अस्पताल में फौरन भर्ती कराया गया वहीं सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश के लिए मोर्चा संभाल लिया. प्रशासन ने 10 घायलों के नाम की लिस्ट भी जारी की है. आशंका इस बात की भी है कि संडे बाजार की भीड़ में ही आतंकी रहे हों और हमले के बाद भीड़ की अफरातफरी का फायदा उठाकर फरार हो गए हों. बहरहाल आसपास के इलाकों में आतंकियों की तलाश की जा रही है.
सुरक्षाबल लोगों के डर को खत्म करें: उमर अब्दुल्ला
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षाबलों से अपील की है कि घाटी में हो रहे आतंकी हमलों पर काबू पाए. उमर अब्दुल्ला ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा है- पिछले कुछ दिनों में घाटी के कुछ हिस्सों में हमलों और मुठभेड़ों की खबर सुर्खियां बनीं हुई हैं. आज श्रीनगर के रविवार बाजार पर निर्दोष लोगों पर ग्रेनेड हमले की खबर चिंता बढ़ाने वाली खबर है. निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है. सुरक्षातंत्र को हमलों को जल्द से जल्द खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि लोग बिना डरे अपना जीवन जी सकें.
उमर अब्दुल्ला का ये बयान अपने पिता फारूक के उस बयान का काउंटर कर रहा है, जिसमें फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि आतंकियों को नहीं मारा जाना चाहिए.
श्रीनगर में ढेर किया गया था लश्कर कमांडर उस्मान भाई
रविवार को हुए ग्रेनेड हमले के एक दिन पहले ही शनिवार (2 नवंबर) को दो अलग अलग एनकाउंटर में 3 आतंकियों को ढेर किया गया था.पहला एनकाउंटर श्रीनगर और दूसरा एनकाउंटर अनंतनाग में हुआ था. श्रीनगर के खानयार इलाके में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर उस्मान भाई मारा गया था. उस्मान आतंकवाद से जुड़े कई मामलों में शामिल था. उस्मान गैर कश्मीरियों और सुरक्षाबलों पर हमलों के अलावा इंस्पेक्टर मसरूर की हत्या में भी शामिल था. उस्मान श्रीनगर में एक घर के अंदर छिपा था और एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था. तकरीबन 10 साल बाद श्रीनगर के अंदर सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर को अंजाम दिया था. (ढाई साल बाद श्रीनगर में एनकाउंटर, फारूख अब्दुल्ला को शक)


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