थाईलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री पैंटोगटार्न शिनावात्रा को दुश्मन देश कंबोडिया से चुगली करनी भारी पड़ी. थाईलैंड की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए पैंटोगटार्न को प्रधानमंत्री पद से हटा दिया है. थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने शुक्रवार को पैंटोगटार्न को नैतिक आचरण उल्लंघन का दोषी ठहराया है. शिनावात्रा ने एक वर्ष पहले ही पीएम की कुर्सी मिली थी.
थाईलैंड पीएम दोषी साबित, कोर्ट ने बर्खास्त किया
कंबोडियाई नेता के साथ फोन पर समझौता करने के आरोप में थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री पैंटोगटार्न शिनावात्रा को पद से बर्खास्त कर दिया है. कंबोडियाई नेता से बातचीत लीक होने के बाद जुलाई में पैंटोगटार्न को पद से निलंबित कर दिया गया था और उनकी जगह उप-प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई को पीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
सुनवाई के बाद पीएम को दोषी करार दिया गया है. अदालत का मानना है कि इस बातचीत से राष्ट्रीय हितों और प्रधानमंत्री पद की नैतिक जिम्मेदारियों को ठेस पहुंची. कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब थाईलैंड की संसद नए प्रधानमंत्री का चुनाव करेगी.
कंबोडिया से थाईलैंड मिलिट्री कमांडर्स की बुराई की, बातचीत लीक से मचा बवाल
थाईलैंड की पीएम पैटोंगटार्न शिनावात्रा की कंबोडिया के पूर्व पीएम हुन सेन की फोन पर की गई 17 मिनट की बातचीत लीक हुई थी. जिसके बाद थाईलैंड में भूचाल मच गया था. मामला कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया था. जुलाई में अदालत के नौ में से सात जजों ने पीएम शिनावात्रा को तुरंत ड्यूटी से हटाने का फैसला सुनाया था.
दरअसल मई के महीने में थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर जमकर फायरिंग हुई थी. ये फायरिंग प्रतिबंधित क्षेत्र पर की गई थी. इस फायरिंग में कंबोडिया के एक सैनिक की मौत हो गई थी. इस तनाव के बीच कंबोडिया की पीएम पैटोंगटार्न शिनावात्रा पर ये आरोप लगा है कि उन्होंने कंबोडिया के साथ तनाव के बीच ऐसी बातें कीं जिससे थाईलैंड झुका हुआ दिखा. लोगों ने आरोप लगाया कि पीएम शिनावात्रा ने बातचीत में थाईलैंड के आत्मसम्मान पर ठेस पहुंचाई है.
पीएम शिनावात्रा ने ताजा सीमा विवाद के बीच कंबोडिया के पूर्व पीएम हुन सेन से बात की थी. हुन सेन अभी कंबोडिया की संसद के अध्यक्ष हैं. हुन सेन ने पीएम शिनावात्रा से हुई 17 मिनट की बातचीत अपने फेसबुक पर डाल कर लीक कर दी. हुन सेन ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने यह बातचीत इसलिए रिकॉर्ड की ताकि कोई गलतफहमी न हो या झूठी बातें न फैले.
कंबोडियाई नेता को अंकल कहा, अपने कमांडर को विरोधी बताया
रिकॉर्डिंग में सुना गया कि पैटोंगटार्न ने हुन सेन को ‘अंकल’ कहा, जब दोनों नेता दोनों देशों की भाषाओं के अनुवादकों के जरिए यह चर्चा कर रहे थे कि सीमा पर लगे प्रतिबंधों को हटाना चाहिए या नहीं, जो उस झड़प के बाद लगाए गए थे. विवाद इस बात पर भी हुआ कि पैटोंगटार्न ने उस थाई सेना अधिकारी को ‘विरोधी’ कहा, जो उस सीमा इलाके की जिम्मेदारी संभाल रहा था, जहां झड़प हुई थी.
थाईलैंड के नेताओं और सरकार के आलोचकों का कहना है कि वह हुन सेन को बहुत ज्यादा खुश करने की कोशिश कर रही थीं, जिससे थाईलैंड कमजोर दिखा. इन्हें सेना के अफसर के बारे में गलतबयानी नहीं करनी चाहिए थी, क्योंकि सेना का अफसर थाईलैंड की सीमा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध था.
पीएम शिनावात्रा की देश से मांगी माफी काम नहीं आई
बातचीत लीक होने के बाद पैटोंगटार्न ने देश से माफी मांगी थी. पीेएम ने सफाई देते हुए कहा, कि उनके बीच बातचीत केवल एक वार्ता की रणनीति थीं और उनका असली मकसद दोनों देशों के बीच शांति लाना था. अब मैं, हुन सेन से कोई निजी बातचीत नहीं करूंगी, क्योंकि अब उन पर भरोसा नहीं रहा.
पैटोंगटार्न ने सफाई में बताया था कि हुन सेन के परिवारों के बीच लंबे समय से करीबी रिश्ते रहे हैं. उनके पिता थाकसिन शिनावात्रा और हुन सेन एक-दूसरे को ‘धर्म भाई’ मानते हैं. साल 2009 में हुन सेन ने थाकसिन को कंबोडिया सरकार का सलाहकार बना दिया था, लेकिन थाकसिन ने थोड़े समय बाद इस्तीफा दे दिया था.
कंबोडिया और थाईलैंड के बीच चल रहा सीजफायर
पिछले महीने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच संघर्ष बढ़ गया था. उस दौरान दोनों देशों ने एकदूसरे पर एयरस्ट्राइक की और मिसाइल से हमले किए. 24 जुलाई को दोनों देशों में भयंकर तनाव था. ड्रोन हमलों में कई लोगों की मौत हुई थी. लेकिन बाद में आसियान अध्यक्ष देश मलेशिया की मध्यस्थता से दोनों देशों में सीजफायर हो गया था.
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर का क्रेडिट लिया और कंबोडिया पर दबाव बनाते हुए नोबल शांति पुरस्कार के लिए खुद को नॉमिनेट करवाया था. ट्रंप ने कंबोडिया को टैरिफ कम करने के बदले नोबल पुरस्कार का नॉमिनेशन मांगा था.